क्रिसमस पर बहू ने “सीक्रेट कॉफी” पिलाई… मैंने कप बदल दिया!
.
.
क्रिसमस की कॉफी: एक बूढ़े पिता की गरिमा की लड़ाई
1. त्यौहार की सुबह
क्रिसमस की सुबह थी। घर में हल्की सी मिठास घुली थी, लेकिन उस मिठास में शक्कर कम और चाल ज्यादा थी। 35 साल से इस घर में रह रहे पापा जी को आज कुछ अलग सा महसूस हो रहा था। बहू श्रद्धा मुस्कुराते हुए उनके हाथ में एक कप कॉफी थमा गई, “पापा जी, यह पी लीजिए। खास आपके लिए बनाई है। सीक्रेट मसाला डाला है।”
उसकी मुस्कान इतनी परफेक्ट थी कि पापा जी के भीतर की घंटी बज गई। दवा की दुकान पर 40 साल बिताने वाले पापा जी जानते थे कि जब कोई जरूरत से ज्यादा स्वीट हो जाए, तो कुछ न कुछ जरूर कड़वा छुपा होता है। उन्होंने कप को सूंघा, कॉफी की खुशबू के नीचे एक दूसरी गंध थी—हल्की औषधीय, कुछ ऐसी जो पेट को दौड़ाने वाली हो।
श्रद्धा की नजरें पापा जी पर थीं, जैसे वह इंतजार कर रही थी कि वह एक घूंट लें और फिर घर की कहानी से बाहर हो जाएं। पिछले कई दिनों से पापा जी को महसूस हो रहा था कि उनकी मौजूदगी घरवालों को कांटे जैसी चुभ रही थी। बहू और बेटा चाहते थे कि त्यौहार उनका हो, घर उनका हो, और पापा जी बस किसी कोने में चुपचाप बैठे रहें।
2. कप बदलने की चाल
पापा जी ने कप लिया, हल्का सा सिर हिलाया। श्रद्धा ने गैस पर कुछ देखने का बहाना किया। किचन प्लेटफार्म पर दो सफेद कप रखे थे—एक उनके हाथ में, एक श्रद्धा के पास। पापा जी ने बिना आवाज किए कप बदल दिया। अब उनके हाथ में श्रद्धा वाला कप था, और श्रद्धा के हाथ में उनका कप।
पापा जी ने सादा स्वाद वाली कॉफी पी, कोई अजीब गंध नहीं। श्रद्धा ने अपना कप उठाया, जिसमें असली सीक्रेट मसाला था। उसने लंबा घूंट लिया, फोन स्क्रीन पर नजर रखते हुए। पापा जी के मन में कोई खुशी या बदले की गर्मी नहीं थी, बस एक ठंडी समझ थी कि आज जो खेल श्रद्धा उनके साथ खेलना चाहती थी, वही खेल अब उसे खेलना पड़ेगा।
3. रिश्तों की दरार
श्रद्धा ने धीरे से कहा, “पापा जी, आज 2 बजे मम्मी-पापा आ जाएंगे। प्लीज आप अपने कमरे में ही रहिएगा। उन्हें प्राइवेसी पसंद है।” पापा जी ने उसकी तरफ देखा, “प्राइवेसी मेरे घर में?” श्रद्धा मुस्कुराई, “बस वो लोग थोड़े फॉर्मल हैं।”
पापा जी ने शांत स्वर में कहा, “मैं उनका स्वागत करूंगा और खाने की मेज पर बैठूंगा।” श्रद्धा की आंखों में एक सेकंड के लिए आग चमकी, फिर वह वापस मीठी बन गई। दोपहर होने लगी, घर में तैयारी का नाटक शुरू हुआ। टेबल पर सफेद कपड़ा, मोमबत्तियां, मिठाइयों की प्लेट। बेटा इधर-उधर भाग रहा था, जैसे खुद को संभालना हो।
4. बहू की चाल का असर
ठीक 2 बजे डोरबेल बजी। श्रद्धा के माता-पिता अंदर आए। चेहरे पर नकली सभ्यता, आंखों में जांच-पड़ताल। श्रद्धा ने पापा जी का परिचय ऐसे कराया जैसे वह कोई पुराना फर्नीचर हों। पापा जी ने हाथ जोड़कर कहा, “नमस्ते। आपका स्वागत है। यह घर मेरा है, आप इसे अपना ही समझिए।”
खाना परोसा गया, बातें चल रही थीं। श्रद्धा बार-बार घड़ी देख रही थी, जैसे किसी विस्फोट का टाइम देख रही हो। पापा जी शांत थे। श्रद्धा की मां ने कहा, “आप तो बहुत फिट लग रहे हैं।” पापा जी हल्की मुस्कान देकर बोले, “भगवान की कृपा है।”
करीब 30 मिनट बाद श्रद्धा का चेहरा पीला पड़ गया। वह कुर्सी से उठी, पेट पर हाथ रखा और बाथरूम की तरफ दौड़ गई। पूरे कमरे में सन्नाटा गिर गया। श्रद्धा की मां घबराकर पूछने गई, “क्या हुआ?” श्रद्धा ने कमजोर आवाज में कहा, “बस पेट थोड़ा…”

5. साजिश का पर्दाफाश
श्रद्धा बाहर आई, चेहरा पीला, माथे पर पसीना। उसने बहू वाली एक्टिंग ओढ़ ली, “सॉरी पापा जी, मुझे अचानक…” उसके पापा ने पूछा, “ठीक हो?” श्रद्धा ने बात हवा में छोड़ दी, “शायद सुबह वाली कॉफी…”
उसकी मां ने तुरंत पकड़ लिया, “कौन सी कॉफी?” श्रद्धा ने मासूम बनकर पापा जी की तरफ देखा, “पापा जी ने भी तो पी थी। आपको तो कुछ नहीं हुआ ना?”
पापा जी ने बहुत सधी हुई आवाज में कहा, “मुझे कुछ नहीं हुआ। कॉफी ठीक थी।” श्रद्धा के चेहरे पर घबराहट तैर गई। उसके पापा खड़े हो गए, “हमें चलना चाहिए।” बहू चाहती थी कि आज का ड्रामा यहीं खत्म हो, ताकि कल बेटे को समझा सके—देखा पापा जी की वजह से कितना एंबरेसमेंट हुआ।
6. असली लड़ाई
घर में अजीब सी खामोशी फैल गई। बेटे ने दरवाजा बंद किया, श्रद्धा सोफे पर बैठी। अब वह बीमार नहीं थी, गुस्से में थी। “यह सब क्या था?” उसने दबी आवाज में कहा। बेटे ने घबरा कर पूछा, “तूने सुबह क्या डाला था कॉफी में?” श्रद्धा ने झट से कहा, “मैंने कुछ नहीं डाला। तुम्हारे पापा जी ने कुछ किया होगा।”
पापा जी अपने कमरे में लौटे। ड्राइंग रूम के कोने में रखी फाइल पर नजर गई, जिसमें घर के पेपर्स थे। उन्होंने एडवोकेट मेहता को कॉल किया, “मेहता जी, मेरे घर के पेपर्स गायब हैं। मुझे लगता है कुछ साजिश चल रही है।”
7. साजिश का सबूत
मेहता जी ने सलाह दी, “अपने डॉक्यूमेंट्स की फोटो कॉपी और डिजिटल स्कैन्स तैयार करिए। मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट भी बनवाइए।” अगले दिन सुबह पापा जी ने डॉक्टर से सर्टिफिकेट लिया—मानसिक रूप से सक्षम, फैसले लेने में सक्षम।
10:40 बजे घर लौटे। सिक्योरिटी ने बताया, “सर, दो लोग आए हैं, फ्लैट दिखाना है।” पापा जी ने उन्हें अंदर नहीं आने दिया। एडवोकेट मेहता 10 मिनट में पहुंचे। ऊपर जाकर बेटे और बहू को बुलाया।
8. सच्चाई सामने
पापा जी ने एडमिशन फॉर्म की फोटो कॉपी दिखाई, जिसमें वृद्धाश्रम में भेजने की तैयारी थी। बहू ने रोना शुरू कर दिया, “मैं बस आपके लिए सोच रही थी।” पापा जी ने कहा, “मदद ऐसी नहीं होती कि मेरे घर के पेपर्स गायब हो जाएं।”
बेटे ने फॉर्म उठाया, उंगलियां कांप गईं। बहू ने ताना मारा, “पापा जी हमारे फैसले में दखल देते हैं।” बेटे की आंखों में पानी आ गया, “मैंने शिकायत की होगी, पर धोखा नहीं चाहता था।”
मेहता जी ने कहा, “अब हम प्रैक्टिकल बात करेंगे। डॉक्यूमेंट्स की सेफ्टी, कोई ट्रांजैक्शन नहीं होगा, लिखित में देंगे कि कोई ब्रोकर-बायर से डीलिंग नहीं करेंगे।”
9. गरिमा की जीत
बहू ने बैग उठाया, “आप जीत गए?” पापा जी ने जवाब दिया, “यह जीत नहीं है, यह घर बचाना है।” बहू चली गई। बेटे ने सिर पकड़ लिया, “पापा मैं इतना अंधा कैसे हो गया?” पापा जी बोले, “क्योंकि तुम अच्छा इंसान हो। अच्छे लोग देर से समझते हैं।”
रात को पापा जी ने अपने घर के कागज सुरक्षित जगह रखे। अब उन्होंने अपनी जिंदगी की स्टीयरिंग खुद पकड़ ली थी। अब वे किसी के डर से नहीं जिएंगे।
10. सीख
“इज्जत पैसे से नहीं लौटती, इज्जत लौटती है सच से।”
पापा जी ने खिड़की से बाहर देखा, सोसाइटी की लाइटें जल रही थीं। अब वे अपने घर के मालिक थे, अपनी गरिमा के साथ।
अगर आप यह कहानी पढ़ रहे हैं, तो बताइए आप भारत के किस शहर से हैं।
क्या आपको लगता है मैंने सही किया?
क्या आपको लगता है किसी भी बुजुर्ग को अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए?
यह कहानी उन सभी बुजुर्गों को समर्पित है, जो अपनी गरिमा और अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं।
News
फोन के फटने से हुआ बहुत बड़ा हादसा/ S.P साहब भी चौंक गए/
फोन के फटने से हुआ बहुत बड़ा हादसा/ S.P साहब भी चौंक गए/ . . यह कहानी एक साधारण से…
पालतू बिल्ली की वजह से पूरे परिवार के साथ हुआ बहुत बड़ा हादसा/
पालतू बिल्ली की वजह से पूरे परिवार के साथ हुआ बहुत बड़ा हादसा/ . . एक बेजुबान का प्रेम और…
साध्वी प्रेम बाईसा का गुरु संग वी*डियो वा*यरल होने के 6 महीने बाद मरने की असली सच्चाई!
साध्वी प्रेम बाईसा का गुरु संग वी*डियो वा*यरल होने के 6 महीने बाद मरने की असली सच्चाई! . . यह…
ANG MALUNGKOT NA SINAPIT NINA BENNYLYN AT JELLICA BURKE SA UK [Tagalog Crime Story]
ANG MALUNGKOT NA SINAPIT NINA BENNYLYN AT JELLICA BURKE SA UK [Tagalog Crime Story] . . Part 1: Ang Pagbabago…
‘Lola, Aalis na Tayo. NGAYON NA!’ Sabi Niya Matapos Makita ang Aming Silong—Akala Ko’y…
‘Lola, Aalis na Tayo. NGAYON NA!’ Sabi Niya Matapos Makita ang Aming Silong—Akala Ko’y… . . Part 1: “Ang Pagbabalik…
Ibinenta ng Aking Anak ang Minamahal na Sasakyan ng Aking Yumaong Asawa Para sa Paris Trip Nila. Ha.
Ibinenta ng Aking Anak ang Minamahal na Sasakyan ng Aking Yumaong Asawa Para sa Paris Trip Nila. Ha. . ….
End of content
No more pages to load






