आखिरकार शादी😍 माही विज जय भानुशाली से तलाक के बाद दूसरी बार शादी कर रही हैं

टेलीविज़न इंडस्ट्री की मशहूर और पसंदीदा अभिनेत्री माही विज एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लेकिन इस बार वजह उनका कोई नया टीवी शो या शानदार अभिनय नहीं, बल्कि उनकी निजी ज़िंदगी से जुड़ी चर्चाएं हैं। बीते कुछ महीनों से सोशल मीडिया और गॉसिप पोर्टल्स पर यह चर्चा ज़ोरों पर है कि माही विज और उनके पति जय भानुशाली के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। कहा जा रहा है कि दोनों 15 साल की शादी के बाद अलग हो चुके हैं और अब माही विज की ज़िंदगी में एक नया नाम सामने आया है— नदीम खान कुरैशी।
शादी से सेपरेशन तक का सफ़र
माही विज और जय भानुशाली की जोड़ी को टीवी इंडस्ट्री की सबसे मज़बूत और प्यारी जोड़ियों में गिना जाता था। दोनों की मुलाक़ात इंडस्ट्री में काम के दौरान हुई और दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। 2011 में दोनों ने शादी की और लंबे समय तक एक खुशहाल परिवार की मिसाल बने रहे। उनकी बेटी तारा और जुड़वां बेटे राजवीर–खुशाल अक्सर सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीतते रहे।
लेकिन समय के साथ हालात बदले। पिछले कुछ महीनों से यह साफ़ नज़र आने लगा कि दोनों साथ में कम दिख रहे हैं। न तो पारिवारिक मौकों पर साथ की तस्वीरें, न ही एक-दूसरे के प्रोजेक्ट्स पर खुलकर सपोर्ट। यहीं से तलाक और सेपरेशन की अफ़वाहों ने जन्म लिया।
तारा, अबाया और सोशल मीडिया का बवाल
हाल ही में माही विज ने अपनी बेटी तारा के साथ कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। इन तस्वीरों में तारा अबाया और हिजाब में नज़र आईं। तस्वीरों के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने इसे निजी आस्था और संस्कृति से जोड़कर देखा, तो कुछ ने इसे माही विज के निजी फ़ैसलों से जोड़ते हुए ट्रोल करना शुरू कर दिया।
ट्रोलर्स का कहना था कि माही विज जिस तरह अपने हालिया ड्रामा में मुस्लिम किरदार निभा रही थीं, उसी तरह वह अपनी बेटी पर भी उसी पहचान को थोप रही हैं। कई लोगों ने यह तक कहना शुरू कर दिया कि माही विज अब एक मुस्लिम युवक से शादी करने जा रही हैं, इसलिए उनकी बेटी की परवरिश भी उसी दिशा में की जा रही है।
‘अब्बा’ कैप्शन और नदीम कुरैशी की एंट्री
मामला यहीं नहीं रुका। जब माही विज ने तारा की कुछ तस्वीरें नदीम कुरैशी के साथ शेयर कीं और कैप्शन में उन्हें ‘अब्बा’ लिखा, तो सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई। लोगों ने सीधा निष्कर्ष निकाल लिया कि नदीम कुरैशी ही तारा के पिता हैं या माही विज उनसे निकाह करने वाली हैं।
इन अटकलों ने आग में घी डालने का काम किया। कुछ पोर्टल्स ने बिना पुष्टि के खबरें चलानी शुरू कर दीं कि माही विज जल्द ही नदीम कुरैशी से शादी करने जा रही हैं और यह शादी मुस्लिम रीति-रिवाज़ से होगी।
माही विज का पक्ष: दोस्ती को गलत मतलब दिया गया
इन तमाम अफ़वाहों के बीच माही विज ने बेहद संयमित और स्पष्ट बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह अपनी और जय भानुशाली की 15 साल की शादी और निजी रिश्तों पर मीडिया में कोई चर्चा नहीं करना चाहतीं। माही ने साफ़ कहा कि नदीम कुरैशी उनके कई साल पुराने दोस्त हैं, जिन्होंने उनके जीवन के उतार-चढ़ाव में उनका साथ दिया है।
माही के अनुसार, नदीम तारा को अपनी बेटी की तरह मानते हैं और तारा भी उन्हें प्यार से ‘अब्बा’ बुलाती है। यही वजह है कि उन्होंने कैप्शन में ‘अब्बा’ लिखा, न कि किसी रिश्ते की घोषणा करने के लिए।
जय भानुशाली की चुप्पी
इस पूरे मामले में एक और चीज़ जिसने लोगों का ध्यान खींचा, वह थी जय भानुशाली की चुप्पी। माही विज ने लगभग 9 साल बाद अपने अभिनय करियर में वापसी की और एक अहम ड्रामा में नज़र आईं। लेकिन इस दौरान जय भानुशाली की ओर से न कोई बधाई पोस्ट आई, न ही कोई सार्वजनिक सपोर्ट।
यही वजह है कि फैंस और मीडिया यह मानने लगे कि दोनों के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। हालांकि, जय और माही दोनों ही तलाक की खबरों पर सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बचते रहे हैं।
सेलेब्रिटी लाइफ और अफ़वाहों का दबाव
माही विज का यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सेलेब्रिटीज़ की ज़िंदगी कितनी बारीकी से जांची जाती है। उनके हर कपड़े, हर पोस्ट और हर शब्द को लेकर निष्कर्ष निकाल लिया जाता है। एक मां का अपनी बेटी के साथ तस्वीर साझा करना भी विवाद बन सकता है, अगर वह तस्वीरें लोगों की सोच से अलग हों।
क्या सच में तलाक हो चुका है?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या माही विज और जय भानुशाली का तलाक हो चुका है? इस सवाल का जवाब फिलहाल दोनों में से किसी ने भी सार्वजनिक रूप से नहीं दिया है। न ही किसी कोर्ट केस या आधिकारिक दस्तावेज़ की पुष्टि हुई है। ऐसे में यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि दोनों अलग हो चुके हैं या माही विज दोबारा शादी करने जा रही हैं।
निजी ज़िंदगी, निजी ही रहने दें
माही विज ने अपने बयान में यही संकेत दिया है कि वह अपनी निजी ज़िंदगी को मीडिया ट्रायल से दूर रखना चाहती हैं। एक कलाकार होने के नाते वह अपने काम से पहचानी जाना चाहती हैं, न कि अफ़वाहों से।
निष्कर्ष
माही विज, जय भानुशाली और नदीम कुरैशी को लेकर जो भी चर्चाएं चल रही हैं, वे फिलहाल अटकलों और सोशल मीडिया की व्याख्याओं पर आधारित हैं। सच्चाई क्या है, यह सिर्फ़ संबंधित लोग ही जानते हैं। जब तक माही या जय खुद कोई आधिकारिक बयान नहीं देते, तब तक इन खबरों को पूरी तरह सच मानना सही नहीं होगा।
आप इस पूरे मामले को कैसे देखते हैं? क्या यह महज़ अफ़वाहों का तूफ़ान है या इसके पीछे कोई सच्चाई छिपी है? अपनी राय ज़रूर साझा करें।
News
उस दिन के बाद ऑफिस का पूरा माहौल बदल गया। अब कोई भी किसी की औकात या कपड़ों से तुलना नहीं करता था। सब एक-दूसरे की मदद करने लगे। अर्जुन सबसे प्रेरणा देने वाला इंसान बन गया। रिया भी अब पूरी तरह बदल चुकी थी। वह विनम्रता से छोटे काम करने लगी और धीरे-धीरे सबका विश्वास जीतने की कोशिश करने लगी।
चायवाले से मालिक तक: इंसानियत की असली पहचान सुबह-सुबह जयपुर शहर की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी के ऑफिस के गेट…
रिया फूट-फूट कर रो पड़ी। उसके सारे सपने, घमंड और अभिमान पल भर में टूट गए थे। बाकी सभी कर्मचारी भी कांप गए। सब सोचने लगे, “हे भगवान, हमने भी कल उस चायवाले की हंसी उड़ाई थी। अब अगर मालिक को याद आ गया तो हमारी भी छुट्टी हो जाएगी।”
चायवाले से मालिक तक: इंसानियत की असली पहचान सुबह-सुबह जयपुर शहर की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी के ऑफिस के गेट…
दूसरे दिन का माहौल चायवाले से मालिक तक: इंसानियत की असली पहचान
चायवाले से मालिक तक: इंसानियत की असली पहचान सुबह-सुबह जयपुर शहर की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी के ऑफिस के गेट…
चायवाले से मालिक तक: इंसानियत की असली पहचान
चायवाले से मालिक तक: इंसानियत की असली पहचान सुबह-सुबह जयपुर शहर की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी के ऑफिस के गेट…
I gave a drenched old man shelter in my home. The next morning, he offered to buy my house for $1. “I’m not joking,” he said. “I can’t explain, but you need to leave it immediately.”
I gave a drenched old man shelter in my home. The next morning, he offered to buy my house for…
शीर्षक: “शिखर पर अहंकार नहीं, इंसानियत टिकती है”
शीर्षक: “शिखर पर अहंकार नहीं, इंसानियत टिकती है” सुबह के दस बजे थे। शहर के सबसे आलीशान रेस्टोरेंट “एमराल्ड टैरेस…
End of content
No more pages to load






