पत्नी से परेशान होकर पति ने कर दिया कारनामा/पत्नी के साथ हुआ हादसा/

“रेशमा की दुकान: एक गांव, एक सपना, एक भूल और एक दर्दनाक अंत”
आज आपके लिए लाया हूँ उत्तर प्रदेश के लखनऊ के एक छोटे गांव “सेमरा” की सच्ची घटना, जो इंसान की इच्छाओं, रिश्तों और लालच के बीच उलझी एक आम कहानी है। यह कहानी है पृथ्वी सिंह और उसकी पत्नी रेशमा की, जिनकी जिंदगी एक दुकान से शुरू होती है और एक दर्दनाक मोड़ पर खत्म होती है। पढ़िए, सोचिए, और अपने विचार कमेंट में जरूर लिखिए।
शुरुआत: सपनों की दुकान
सेमरा गांव में रहते थे पृथ्वी सिंह, एक पढ़ा-लिखा, होशियार लड़का, जो नौकरी की तलाश में था। करीब छह महीने पहले, उसकी शादी हुई थी रेशमा से। रेशमा ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं थी, लेकिन खूबसूरती में सबको मात देती थी। पृथ्वी ने परिवार की मर्जी से शादी कर ली थी, लेकिन दोनों के विचार कभी नहीं मिलते थे। अक्सर दोनों के बीच बहस होती रहती थी।
रेशमा को सजने-संवरने का बहुत शौक था। उसका सपना था – गांव में अपनी चूड़ियों की दुकान खोलना। वह पृथ्वी से बार-बार कहती, “मुझे दुकान खोलनी है!” लेकिन पृथ्वी के पास पैसे नहीं थे। घर की हालत भी ठीक नहीं थी।
एक दिन पृथ्वी की मां लीला देवी ने बेटे की परेशानी देखी और बोली,
“बेटा, मेरे सोने के कंगन गिरवी रख दो। जो पैसे मिलेंगे उससे रेशमा की दुकान खुलवा दो।”
पृथ्वी ने मां की बात मान ली, कंगन गिरवी रखे, पैसे मिले और सड़क किनारे रेशमा की चूड़ियों की दुकान खुल गई।
दुकान की रौनक और बदलती जिंदगी
दुकान सड़क के किनारे थी, ग्राहकों की आवाजाही खूब थी। रेशमा की दुकान चल निकली। पैसे आने लगे, लेकिन पृथ्वी को अब भी नौकरी की चिंता थी। वह दिन-रात कोशिश करता रहा।
अक्टूबर 2025 की एक सुबह, पृथ्वी सिंह को दिल्ली की एक कंपनी से नौकरी का लेटर मिला। परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई, लेकिन रेशमा उदास हो गई। उसे डर था कि पति के बिना अकेलापन उसे सताएगा।
पृथ्वी ने समझाया,
“मैं दिल्ली जाकर सेटल हो जाऊं, फिर तुम्हें और मां को भी साथ ले जाऊंगा।”
कुछ दिन बाद पृथ्वी दिल्ली चला गया। रेशमा गांव में मां के साथ दुकान और घर संभालने लगी। लेकिन अकेलापन उसे परेशान करने लगा।
अकेलापन और गलत राह
रेशमा का मन अब बेचैन रहने लगा। पति दूर, दिनभर दुकान और घर, लेकिन रातें अकेली। धीरे-धीरे उसके मन में गलत ख्याल आने लगे – “क्यों न किसी गैर मर्द से दोस्ती कर लूं?”
इसी बीच, एक रात उसकी दुकान के सामने एक ट्रक आकर रुका। ट्रक ड्राइवर अजमेर सिंह, 30 साल का हैंडसम युवक, ट्रक का टायर पंचर हो गया था। आसपास कोई पंक्चर की दुकान नहीं थी। अजमेर ने रेशमा से एक रात घर में रुकने की इजाजत मांगी।
रेशमा ने मां लीला देवी से बात करवाई। लीला देवी ने बाहर बने कमरे में अजमेर को रुकने की इजाजत दे दी। रेशमा ने अजमेर के लिए खाना बनाया, कमरे में ले गई। दोनों की बातचीत शुरू हो गई। अजमेर ने रेशमा से पूछा,
“तुम्हारा पति कहाँ है?”
रेशमा बोली,
“दिल्ली में नौकरी करता है। मैं अकेली रहती हूँ।”
अजमेर ने रेशमा का हाथ पकड़ लिया। रेशमा ने विरोध नहीं किया। दोनों ने रात को गलत रिश्ते बना लिए। कोई सावधानी नहीं बरती गई। अजमेर ने रेशमा को पैसे दिए। रेशमा खुश हो गई।
लालच का बढ़ता खेल
अजमेर ने रेशमा को ऑफर दिया – “मेरे 810 ट्रक ड्राइवरों के लिए खाना बनाओ, पैसे मिलेंगे।”
रेशमा को लालच आ गया। लीला देवी से बात हुई, उन्होंने भी हामी भर दी। अब रेशमा रोज अजमेर के लिए खाना बनाती, पैसे मिलते रहे।
एक महीने तक यह सिलसिला चलता रहा। अजमेर रोज सुबह आता, खाना ले जाता। रेशमा की आमदनी बढ़ने लगी। दुकान अब बस नाम की रह गई थी।
नई डील, नया गुनाह
28 नवंबर 2025 की सुबह, अजमेर अपने दोस्त कालूराम के साथ शराब पी रहा था। नशे में उसने कालूराम को बताया,
“रेशमा मेरे साथ वक्त बिताती है।”
कालूराम भी रेशमा के साथ वक्त बिताना चाहता था। अजमेर ने डील की – “₹5000 देने होंगे।”
कालूराम मान गया। अजमेर ने रेशमा को फोन किया – “मेरा दोस्त ₹5000 देगा, रात को आना है।”
रेशमा ने सास को नींद की दवा देकर सुला दिया। रात को अजमेर और कालूराम आए, रेशमा ने दोनों के साथ गलत संबंध बनाए। पैसे मिले, रेशमा खुश।
अब अजमेर और कालूराम जब चाहें, रेशमा के घर आते, पैसे देकर चले जाते। रेशमा को अब पति, सास, दुकान किसी की फिक्र नहीं थी। पैसा ही सबकुछ बन गया।
सच्चाई का सामना
20 दिसंबर 2025 की सुबह, रेशमा को उल्टियां होने लगीं। लीला देवी ने डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने बताया – “रेशमा प्रेग्नेंट है।”
लीला देवी को शक हुआ – “पृथ्वी तो दो महीने से घर नहीं आया, बहू ने जरूर गलत काम किया है।”
शाम को लीला देवी ने पृथ्वी को फोन किया –
“बहू प्रेग्नेंट है, तुम्हारे पीछे किसी के साथ गलत काम किया है।”
पृथ्वी सिंह अगले दिन घर आ गया। मां से बात की, पत्नी से भी। रात को पृथ्वी ने रेशमा से पूछा – “किसके साथ मुंह काला किया?”
रेशमा चुप रही। पृथ्वी सिंह को गुस्सा आ गया। उसने दुपट्टे से रेशमा का गला दबा दिया। रेशमा की मौत हो गई। पूरी रात पृथ्वी लाश के पास बैठा रहा।
पुलिस, गिरफ्तारी और सवाल
सुबह दरवाजा नहीं खुला। लीला देवी ने पड़ोसियों को बुलाया, दरवाजा तोड़ा गया। कमरे में रेशमा की लाश थी, पृथ्वी सिंह बैठा था।
पुलिस आई, पृथ्वी सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया – “पत्नी ने गलत काम किया, प्रेग्नेंट हो गई, इसलिए मारा।”
पृथ्वी सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर हुई। आगे क्या सजा मिलेगी, यह भविष्य के गर्व में छिपा है।
सोचिए, समझिए, कमेंट कीजिए
दोस्तों, यह कहानी सिर्फ एक गांव या परिवार की नहीं, बल्कि हमारे समाज के बदलते रिश्तों, इच्छाओं और लालच की है।
क्या पृथ्वी सिंह का फैसला सही था?
क्या रेशमा का रास्ता ठीक था?
क्या पैसे के लिए रिश्ते, इज्जत और भरोसा सब बेकार हो जाते हैं?
अपने विचार जरूर शेयर करें।
अगर आपको यह कहानी पसंद आई, तो लाइक करें, शेयर करें और कमेंट बॉक्स में बताएं कि आप इस घटना के बारे में क्या सोचते हैं।
मिलते हैं अगली कहानी में।
जय हिंद, वंदे मातरम।
News
जब करोड़पति मालिक भिखारी बनकर अपनी ही कंपनी में पहुँचा, फिर जो हुआ—सबके होश उड़ गए! 😱
जब करोड़पति मालिक भिखारी बनकर अपनी ही कंपनी में पहुँचा, फिर जो हुआ—सबके होश उड़ गए! 😱 असली पहचान: रायजादा…
12 साल के लडके ने कर दिया कारनामा/पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए/
12 साल के लडके ने कर दिया कारनामा/पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए/ अहेरीपुर का न्याय: एक परिवार के सम्मान…
भेड चराते गरीब पाकिस्तानी लड़की जब भारत की सरहद पर आ गई फिर जवानों ने जो किया…😭
भेड चराते गरीब पाकिस्तानी लड़की जब भारत की सरहद पर आ गई फिर जवानों ने जो किया…😭 सरहद पार की…
नए साल पर लड़की ने प्रेमी के साथ कर दिया कारनामा/S.P बोला बेटी सही काम किया/
नए साल पर लड़की ने प्रेमी के साथ कर दिया कारनामा/S.P बोला बेटी सही काम किया/ विश्वासघात का अंत: एक…
करोड़पति लड़की ने मज़ाक उड़ाया बूढ़े ने खूंखार सांड को काबू कर दिया! 😱
करोड़पति लड़की ने मज़ाक उड़ाया बूढ़े ने खूंखार सांड को काबू कर दिया! 😱 घमंड और जिद: एक अनोखी प्रेम…
जिसे लोग पागल समझकर मार रहे थे… उसी को आर्मी चीफ ने सैल्यूट क्यों किया?😱
जिसे लोग पागल समझकर मार रहे थे… उसी को आर्मी चीफ ने सैल्यूट क्यों किया?😱 शमशेर: एक अनसुनी दास्तां अध्याय…
End of content
No more pages to load






