महान गायक केके | गायक केके की अनकही कहानी और जीवनी | फिल्मी रिवाइंड

भारतीय संगीत उद्योग में कई प्रतिभाशाली कलाकार आए हैं, जिन्होंने लाखों दिलों पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इन्हीं में से एक नाम है महान प्लेबैक सिंगर केके (कृष्णकुमार कुन्नथ) का। अपनी आत्मीय आवाज़ और बहुमुखी गायन शैली के लिए प्रसिद्ध, केके की संगीत यात्रा प्रेरणादायक है। उन्होंने कभी भी संगीत की औपचारिक शिक्षा नहीं ली, इसके बावजूद उनके गाने बॉलीवुड के दर्शकों पर इस कदर छा गए कि वे भारतीय संगीत के सबसे प्रिय गायकों में से एक बन गए।
उनकी असामयिक मृत्यु ने पूरे देश को शोक में डाल दिया, लेकिन उनके गाए हुए गीतों के माध्यम से उनकी विरासत आज भी जीवित है। इस लेख में हम केके के जीवन, करियर और उनके संघर्षों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
प्रारंभिक जीवन और डॉक्टर बनने का सपना
केके का जन्म 23 अगस्त 1968 को दिल्ली में एक मलयाली परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम कृष्णकुमार कुन्नथ था, लेकिन वह पूरे देश में केके के नाम से प्रसिद्ध हुए। बचपन में केके का सपना डॉक्टर बनने का था। वह अपने पड़ोस में रहने वाले एक डॉक्टर से प्रेरित थे, जिन्हें लोग बहुत सम्मान देते थे।
हालांकि, केके की दादी शास्त्रीय संगीत की शिक्षिका थीं, जिनसे केके को बचपन में संगीत सुनने और समझने का अवसर मिला। स्कूल के दिनों में, वह अक्सर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गाना गाते थे और उनकी आवाज़ की लोग खूब तारीफ करते थे। उनकी इसी प्रतिभा ने उन्हें संगीत की ओर आकर्षित किया, और धीरे-धीरे उन्होंने तय कर लिया कि उन्हें संगीत के क्षेत्र में ही अपना भविष्य बनाना है।
कॉलेज के दिन और पहली मोहब्बत
केके ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के माउंट सेंट मैरी स्कूल में पूरी की और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। कॉलेज के दिनों में, उनकी मुलाकात ज्योति नाम की लड़की से हुई, जिनसे बाद में उन्होंने शादी की। हालांकि, ज्योति के परिवार को केके की स्थिर आय को लेकर चिंता थी।
ज्योति से शादी करने के लिए, केके ने एक मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के रूप में नौकरी की, लेकिन उनका दिल इस काम में नहीं लगता था। उनके मन में हमेशा संगीत के प्रति एक जुनून था, और आखिरकार उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और मुंबई जाकर संगीत में करियर बनाने का फैसला किया।
एक सपने का पीछा: मुंबई में संघर्ष
1994 में, केके अपने सपनों को पूरा करने के लिए मुंबई आ गए। मुंबई, जिसे सपनों का शहर कहा जाता है, हर साल हजारों लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। लेकिन यहां सफलता पाना आसान नहीं होता। केके को भी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
मुंबई में अपने शुरुआती दिनों में, केके ने विज्ञापनों के लिए जिंगल गाए। उन्होंने 11 भाषाओं में 3500 से अधिक जिंगल गाए। यह उनकी कड़ी मेहनत और लगन का ही परिणाम था कि उनकी आवाज़ ने संगीत निर्देशकों का ध्यान आकर्षित किया।
1996 में, केके को विशाल भारद्वाज ने अपनी फिल्म ‘माचिस’ में गाने का मौका दिया। हालांकि, इस गाने में केके ने केवल दो पंक्तियाँ गाईं, लेकिन यह उनके करियर की शुरुआत थी।
“तड़प तड़प” और केके का बड़ा ब्रेक
1999 में, केके का पहला म्यूज़िक एल्बम ‘पल’ रिलीज़ हुआ, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। इस एल्बम के गाने “यारों” और “पल” दोस्ती और यादों के प्रतीक बन गए। ये गाने आज भी युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
इसी साल, केके को फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ में “तड़प तड़प के इस दिल से” गाने का मौका मिला। इस गाने ने उन्हें बॉलीवुड में एक नई पहचान दी। इस्माइल दरबार द्वारा संगीतबद्ध और महबूब द्वारा लिखे गए इस गाने ने केके को संगीत की दुनिया में एक ऊंचा मुकाम दिलाया।
बहुमुखी गायक के रूप में केके का उदय
केके ने अपने करियर के दौरान कई अलग-अलग शैली के गाने गाए। उनकी आवाज़ में एक अलग तरह का जादू था, जो हर गाने को खास बना देता था। उनके कुछ सबसे लोकप्रिय गाने हैं:
“आंखों में तेरी” (ओम शांति ओम)
“खुदा जाने” (बचना ऐ हसीनों)
“जरा सा” (जन्नत)
“तू ही मेरी शब है” (गैंगस्टर)
उनकी आवाज़ ने इमरान हाशमी जैसे कई अभिनेताओं को पहचान दिलाई। इमरान हाशमी के लिए गाए गए गाने जैसे “बीते लम्हें” और “दिल इबादत” सुपरहिट साबित हुए।
प्रीतम, विशाल-शेखर, और ए.आर. रहमान जैसे संगीत निर्देशकों के साथ उनकी जोड़ी ने कई हिट गाने दिए।
अवार्ड्स से वंचित रहना
इतने सारे हिट गाने देने के बावजूद, केके को कभी भी बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवार्ड नहीं मिला। यह उनके फैंस और संगीत प्रेमियों के लिए हमेशा एक सवाल रहा। हालांकि, इसने कभी भी केके के आत्मविश्वास को कम नहीं किया। वह हमेशा अपने गानों के जरिए लोगों का दिल जीतते रहे।
केके की दुखद मृत्यु
30 मई 2022 को, केके कोलकाता में एक कॉन्सर्ट के दौरान परफॉर्म कर रहे थे। परफॉर्मेंस के दौरान, उन्हें सीने में दर्द महसूस हुआ, लेकिन उन्होंने इसे एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर दिया। परफॉर्मेंस के बाद, उनकी तबीयत बिगड़ गई, और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया।
उनकी अचानक मौत ने पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया।
केके की विरासत
केके भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज़ हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेगी। उनके गाए हुए गाने हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा और मनोरंजन का स्रोत बने रहेंगे।
केके की कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर आप अपने सपनों को पूरा करने का जुनून रखते हैं, तो कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती। उनकी आवाज़ और उनकी विरासत हमेशा अमर रहेगी।
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