यह सच्ची कहानी उत्तरप्रदेश के मेरठ की है।
.
रिश्तों का कत्ल: मेरठ में ससुर और बहू के अनैतिक संबंधों और पोती के साथ हुए अत्याचार का खौफनाक अंत
मेरठ, उत्तर प्रदेश।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के पंजरी गांव में हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक मर्यादाओं को तार-पर कर दिया है। यह मामला केवल एक ह-त्या का नहीं है, बल्कि यह रिश्तों के भीतर छिपे उस राक्षस की कहानी है जो वासना और लालच के लिए किसी भी हद तक गिर सकता है। एक ससुर, एक बहू और एक पोती के बीच बुना गया यह खौफनाक जाल अंततः र-क्त-रं-जित अंत के साथ समाप्त हुआ।
1. परिवार की पृष्ठभूमि और आर्थिक तंगी
मेरठ के पंजरी गांव में रोहतास सिंह नाम का एक व्यक्ति अपने परिवार के साथ रहता था। रोहतास के पास दो एकड़ जमीन थी, जो एक परिवार के भरण-पोषण के लिए पर्याप्त नहीं थी। गुजारे के लिए उसने कुछ पशु पाल रखे थे, जिनका दूध बेचकर घर का खर्च चलता था। रोहतास के परिवार में उसकी विधवा बहू नैना और उसकी 16 वर्षीय पोती सपना शामिल थे।
रोहतास सिंह का चरित्र शुरुआत से ही संदिग्ध था। वह शराब का आदी था और अपनी मेहनत की कमाई को अ-नै-ति-क गतिविधियों में उड़ा देता था। गाँव वाले उसे ‘नाड़ी का ढीला’ व्यक्ति मानते थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह अपने ही घर की मर्यादाओं को लांघ जाएगा।
2. दुकान खोलने का सपना और सरपंच का सौदा
दिसंबर 2025 में, नैना ने अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए गांव में किराने की दुकान खोलने का फैसला किया। इसके लिए उसे लगभग 3 लाख रुपये की आवश्यकता थी। रोहतास के पास केवल 1 लाख रुपये थे। बाकी के 2 लाख रुपये के लिए रोहतास अपनी बहू को गांव के सरपंच सेवक राम के पास ले गया।
सरपंच सेवक राम एक भ्रष्ट और च-रित्र-हीन व्यक्ति था। उसने नैना की सुंदरता को देखकर मदद के बदले एक शर्मनाक शर्त रखी। नैना, जो पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रही थी, उसने कर्ज के बदले सरपंच के साथ शा-री-रि-क सं-बंध बनाने का समझौता कर लिया। 11 दिसंबर को खेत में चारे के बहाने नैना और सरपंच के बीच अ-नै-ति-क कार्य हुआ, जिसके बदले नैना को 2 लाख रुपये मिल गए।
3. ससुर की गंदी नजर और घर के भीतर का अ-प-रा-ध
जब नैना ने बाकी के 1 लाख रुपये के लिए अपने ससुर रोहतास से बात की, तो रोहतास ने भी वही रास्ता अपनाया जो सरपंच ने दिखाया था। उसने अपनी बहू से कहा कि वह उसे पैसे तभी देगा जब वह उसके साथ भी व-क्त गु-जा-रे-गी। नैना ने यह सोचकर कि यह बात घर की घर में ही रहेगी, अपने ससुर की शर्त मान ली। ससुर और बहू के बीच इस अ-नै-ति-क सं-बंध ने परिवार की बची-कुची गरिमा को भी खत्म कर दिया।
4. पोती सपना के साथ विश्वासघात
रोहतास की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। उसकी नजर अब अपनी 16 साल की पोती सपना पर थी। 25 दिसंबर 2025 को, जब नैना दुकान पर थी, रोहतास शराब के नशे में सपना को खेत ले गया। वहां उसने दराती (चारा काटने का औजार) दिखाकर सपना की गर्दन पर रख दी और उसे जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ ब-ला-त्का-र किया।
सपना डर के मारे चुप रही। रोहतास ने उसे धमकी दी कि अगर उसने अपनी मां को कुछ बताया, तो वह उन दोनों को घर से निकाल देगा या जान से मार देगा। यह सिलसिला एक महीने तक चलता रहा। रोहतास हर रोज चारे के बहाने सपना को खेत ले जाता और उसके साथ घि-नौ-ना काम करता।
5. कड़वा सच और र-क्त-रं-जित प्रतिशोध
28 जनवरी 2026 को सपना की तबीयत अचानक खराब हो गई। उसे उ-ल्टि-यां होने लगीं। नैना उसे पास के अस्पताल ले गई, जहां महिला डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि सपना ग-र्भ-व-ती है। यह सुनकर नैना के पैरों तले जमीन खिसक गई।
घर लौटकर जब नैना ने सपना पर दबाव डाला, तो सपना ने रोते हुए सारा सच उगल दिया। उसने अपनी मां को बताया कि ससुर रोहतास ने उसके साथ क्या-क्या किया है। सपना ने यह भी कहा कि उसे नैना और रोहतास के बीच के सं-बंधों का भी पता था। अपनी बेटी की हालत और ससुर की दरिंदगी देखकर नैना के भीतर का गुस्सा फूट पड़ा।
6. कत्ल की वो खौफनाक रात
उसी रात मां-बेटी ने मिलकर रोहतास को खत्म करने की योजना बनाई। रात के 11 बजे, जब रोहतास शराब के नशे में सो रहा था, नैना और सपना चाकू लेकर उसके कमरे में दाखिल हुईं। सपना ने गुस्से में अपने दादा की गर्दन पर वार किया, और नैना ने चाकू से रोहतास का गला पूरी तरह काट दिया। रोहतास की मौके पर ही मौ-त हो गई।
अगली सुबह, दोनों ने थाने जाकर अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और नैना व सपना को गिरफ्तार कर लिया।
7. सामाजिक और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण
यह घटना हमारे समाज के कई काले पहलुओं को उजागर करती है:
नैतिक पतन: जब परिवार का मुखिया (दादा) ही भक्षक बन जाए, तो समाज की संरचना खतरे में पड़ जाती है।
मजबूरी और अ-प-रा-ध: आर्थिक तंगी ने नैना को अ-नै-ति-क समझौतों के लिए मजबूर किया, जिसने अंततः एक हिंसक मोड़ ले लिया।
कानून बनाम प्रतिशोध: हालांकि रोहतास का कृत्य जघन्य था, लेकिन कानून को हाथ में लेना नैना और सपना को सलाखों के पीछे ले गया।
निष्कर्ष
पंजरी गांव की यह घटना एक चेतावनी है। यह हमें सिखाती है कि नशे की लत और च-रित्र-हीनता किस तरह हंसते-खेलते परिवारों को श्मशान बना सकती है। आज नैना और सपना जेल में हैं, रोहतास कब्र में है और एक मासूम जिंदगी (सपना का होने वाला बच्चा) अंधकार में है।
News
राजस्थान के जोधपुर में ट्यूशन, शक और साज़िश की खौफनाक कहानी — एक रिश्ते ने कैसे ली एक मासूम की जान
राजस्थान के जोधपुर में ट्यूशन, शक और साज़िश की खौफनाक कहानी — एक रिश्ते ने कैसे ली एक मासूम की…
इटावा में महिला कांस्टेबल के इश्क में CRPF जवान ने UPSC छात्र मनीष यादव को दी द#र्दनाक मौ#त!
इटावा में महिला कांस्टेबल के इश्क में CRPF जवान ने UPSC छात्र मनीष यादव को दी द#र्दनाक मौ#त! . . यूपीएससी…
जिस पत्नी के कत्ल में पति गया था जेल वो हरियाणा के गुरुग्राम में मौसेरे भाई से इश्क लड़ा रही थी
जिस पत्नी के कत्ल में पति गया था जेल वो हरियाणा के गुरुग्राम में मौसेरे भाई से इश्क लड़ा रही…
नेताओं और अफसरों की पत्नियों की आ*बरू लू*टने वाले महाराष्ट्र नासिक का कैप्टन बाबा की अजीब करतूत!
नेताओं और अफसरों की पत्नियों की आ*बरू लू*टने वाले महाराष्ट्र नासिक का कैप्टन बाबा की अजीब करतूत! . . विशेष…
विशेष रिपोर्ट: मगदूमपुर की ‘मधु’ और राशन का वह खूनी सौदा – जब भूख के आगे हार गई ममता और मर्यादा
विशेष रिपोर्ट: मगदूमपुर की ‘मधु’ और राशन का वह खूनी सौदा – जब भूख के आगे हार गई ममता और…
मेरठ: आस्था की आड़ में ‘हवस का खेल’, ढोंगी पुजारी और उसके साथी ने महिला के साथ किया कुकर्म; ऐसे फूटा भांडा
मेरठ: आस्था की आड़ में ‘हवस का खेल’, ढोंगी पुजारी और उसके साथी ने महिला के साथ किया कुकर्म; ऐसे…
End of content
No more pages to load






