प्रेमी को अपने घर पर बुला कर लड़की ने किया कारनामा/गांव के लोग और पुलिस दोनों दंग रह गए/

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प्रेमी को अपने घर बुलाकर लड़की ने किया कारनामा

राजस्थान के अलवर जिले के कमालपुर गाँव में सावित्री देवी अपने दो बेटियों अनु और काजल के साथ रहती थी। सावित्री देवी गाँव के एक छोटे से स्कूल में शिक्षक थी और महीने में सिर्फ ₹1,000 कमाती थी। पति की मृत्यु के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई थी। अनु और काजल दोनों कॉलेज में पढ़ती थीं और पढ़ाई में बहुत तेज और होशियार थीं।

सावित्री देवी का सपना था कि उसकी बेटियाँ पढ़-लिखकर अच्छी नौकरी करें और उनका जीवन सफल हो। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

कॉलेज की घटना

अनु और काजल जिस कॉलेज में पढ़ती थीं, वहाँ दूसरे गाँव का एक लड़का प्रताप भी पढ़ता था। प्रताप के पिता पुलिस दरोगा थे, इसलिए प्रताप को हमेशा जेब खर्च के लिए काफी पैसे मिलते थे। प्रताप बिगड़ैल था और कॉलेज की हर लड़की को पसंद करता था। वह महिला शिक्षिकाओं तक को आकर्षित करने की कोशिश करता था।

एक दिन अनु और काजल कॉलेज की फीस जमा करने के लिए बस में जा रही थीं। भीड़ में अनु का पर्स चोरी हो गया, जिसमें फीस के ₹12,000 थे। अनु बहुत रोने लगी। प्रताप ने मौके का फायदा उठाया और अनु को पैसे देकर उसकी मदद की। अनु और काजल ने प्रताप का धन्यवाद किया, लेकिन वे नहीं जानती थीं कि प्रताप का इरादा कुछ और था।

पहला धोखा

कुछ दिनों बाद प्रताप ने अनु को अपने जन्मदिन पर होटल बुलाया। अनु ने अपनी बहन से झूठ बोला और होटल चली गई। होटल में प्रताप ने अनु को नशीली चीज़ पिला दी और अनु के साथ जबरदस्ती की। बाद में प्रताप ने अपने दोस्त अंकित को भी बुलाया और दोनों ने अनु का शोषण किया। अनु बेहोश हो गई और जब उसे होश आया तो उसने खुद को अपमानित पाया। प्रताप ने अनु को शादी का झूठा वादा किया और अनु डर के मारे चुप रही।

ब्लैकमेलिंग और शोषण

प्रताप ने अनु के साथ हुए घटना का वीडियो बना लिया था। अब वह अनु को ब्लैकमेल करने लगा। अगर अनु उसकी बात नहीं मानती, तो वह वीडियो उसकी माँ और बहन को भेजने की धमकी देता। अनु मजबूर होकर प्रताप और अंकित के साथ बार-बार होटल जाती रही। दोनों उसका लगातार शोषण करते रहे।

एक दिन अनु की तबियत बिगड़ गई। उसकी बहन काजल उसे अस्पताल ले गई, जहाँ डॉक्टर ने बताया कि अनु गर्भवती है। अनु टूट गई और अपनी बहन को सब कुछ बता दिया। काजल ने अपनी माँ सावित्री देवी को सारी सच्चाई बता दी। सावित्री देवी ने तय किया कि अब उन्हें प्रताप और अंकित को सबक सिखाना होगा।

योजना और प्रतिशोध

तीनों ने एक योजना बनाई। अनु ने प्रताप को फोन किया और झूठ बोला कि उसकी माँ और बहन घर पर नहीं हैं। उसने प्रताप और अंकित को घर बुलाया। दोनों शराब पीकर नशे में धुत थे। जैसे ही वे घर के अंदर आए, सावित्री देवी ने कुल्हाड़ी से उन पर हमला कर दिया। काजल ने दोनों के हाथ-पैर बांध दिए और उनके मुँह में कपड़ा ठूंस दिया। अनु ने दोनों के प्राइवेट पार्ट काट दिए। अंत में सावित्री देवी ने दोनों की गर्दन काट दी।

पुलिस और गाँव में हलचल

रात के 11:30 बजे तीनों महिलाएँ पुलिस स्टेशन पहुँचीं और सब कुछ बता दिया। पुलिस मौके पर पहुँची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। गाँव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने तीनों महिलाओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।

न्याय की तलाश

अब सवाल था कि क्या तीनों महिलाओं ने सही किया या गलत? गाँव के लोग और पुलिस दोनों दंग रह गए थे। कुछ लोग इन महिलाओं को अपराधी मानते थे, तो कुछ उनके साहस की तारीफ करते थे। अदालत में मुकदमा चला। जज ने सबूतों और परिस्थितियों को देखा।

अनु, काजल और सावित्री देवी ने अपनी मजबूरी और प्रताड़ना की पूरी कहानी सुनाई। जज ने माना कि उन्होंने आत्म-सुरक्षा में यह कदम उठाया, लेकिन कानून हाथ में लेना गलत था। उन्हें कुछ साल की सजा सुनाई गई, लेकिन समाज में उनकी बहादुरी की चर्चा होती रही।

समाप्ति

यह कहानी हमें यह सिखाती है कि महिलाओं को आत्म-निर्भर और साहसी होना चाहिए, लेकिन कानून की सीमा में रहना जरूरी है। समाज को ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए, ताकि किसी महिला को कभी ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।

क्या आपको लगता है कि सावित्री देवी, अनु और काजल ने सही किया या गलत? अपनी राय जरूर दें।