घमंड में डूबी पत्नी ने पति को नौकर समझकर नीचा दिखाय…..पर सच्चाई सामने आते ही सब दंग रह गए

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घमंड में डूबी पत्नी ने पति को नौकर समझकर नीचा दिखाय… पर सच्चाई सामने आते ही सब दंग रह गए

“तुम्हारी जगह मेरे पैरों में है आरव। मेरे सैंडल साफ करो।”

मीरा की आवाज में गुस्सा था। वह अपने पति आरव से गुस्से में थी और उसका अपमान कर रही थी। आरव एक साधारण आदमी था, जो अपनी पत्नी के साथ खुश रहने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मीरा के घमंड और उसकी तानाशाही ने उसे हमेशा दबा कर रखा था।

“आरव, तुम्हें 10 बार आवाज़ देनी पड़ेगी क्या?” मीरा की आवाज़ में और भी तानाशाही थी।

“मशीन में कुछ प्रॉब्लम हो गई थी, इसलिए थोड़ी देर हो गई,” आरव ने शर्मिंदगी से जवाब दिया।

“बहाने मत बनाओ,” मीरा ने तेज़ी से कहा। “तुम जैसे बेकार घर जमाई का काम ही क्या है? मेरे पापा ने तुम्हें सड़क से उठाकर पति बना दिया। इसका मतलब ये नहीं कि तुम मेरे बराबर हो गए।”

आरव की आँखों में आँसू थे, लेकिन वह चुप रहा। उसकी पत्नी मीरा उसे हमेशा नीचा दिखाती थी, लेकिन आज उसने खुद को साबित करने का फैसला किया था।

“मीरा, यह कैसा व्यवहार है? आरव तुम्हारा पति है, नौकर नहीं!” आरव की माँ ने मीरा को फटकारा।

“पति है तो क्या?” मीरा ने बेशर्मी से कहा। “इसकी जगह आज भी मेरे पैरों के पास ही है।”

आरव को ताने सुनकर अब वह खामोश नहीं रह सकता था। “मैं तुम्हारा पति हूं। कम से कम थोड़ी इज्जत तो करो।”

लेकिन मीरा का जवाब और भी कड़ा था, “पति सिर्फ कागजों पर हो तुम।”

आरव चुपचाप बर्ताव करता रहा, लेकिन उसके अंदर एक आग जलने लगी।

शादी की ओर कदम बढ़ते हैं

यह कहानी एक ऐसा मोड़ ले रही थी जहाँ आरव ने अपने आत्मसम्मान को खोने के बजाय अपनी स्थिति को बदलने का फैसला किया। एक दिन मीरा की शादी की सालगिरह की पार्टी थी, जहां उसे सबक सिखाने का अवसर मिला।

पार्टी में पहुंचने पर मीरा ने अपने पति को सिर्फ एक नौकर के तौर पर देखा। जब आरव ने पार्टी में लोगों को सर्व करने के लिए पहुंचने के बाद मीरा ने उससे कहा, “आरव, मेरे सैंडल पे ड्रिंक गिर गई है। नीचे झुको और इसे साफ करो।”

आरव ने गहरी साँस ली और मन ही मन अपनी इज्जत को बचाने की सोचते हुए कहा, “मैं तुम्हारी इज्जत करता हूं, मीरा, लेकिन अब बहुत हो चुका।”

वह मीरा से मुड़ते हुए कहता है, “मैं तुम्हारे पैरों की सेवा करने नहीं आया था, बल्कि तुम्हारे साथ जीवन बिताने आया था। अब अगर तुम मुझे नीचा दिखाना चाहती हो, तो यह तुम्हारी समस्या है, मेरी नहीं।”

सच्चाई की ओर बढ़ते हुए

आरव का आत्मविश्वास अब पूरी तरह से बदल चुका था। उसने मीरा को यह दिखा दिया कि अब वह सिर्फ एक कामकाजी पति नहीं बल्कि एक मजबूत और आत्मनिर्भर इंसान है। मीरा को इस सच्चाई का सामना करना पड़ा और आरव ने उसे पूरी तरह से चुनौती दी।

“तुम घमंड में डूबी हो, मीरा। तुम्हारे पास बहुत पैसा है लेकिन तुमने कभी इंसानियत की कीमत नहीं समझी।”

यह समय था जब आरव ने मीरा को उसकी औकात दिखा दी और सबको यह दिखा दिया कि पैसों से ज्यादा किसी के आत्मसम्मान का महत्व है।

अंतिम फैसला

सच्चाई का पर्दाफाश होते ही मीरा के चेहरे पर एक चौंकाने वाली प्रतिक्रिया हुई। उसे महसूस हुआ कि आरव सिर्फ एक पति नहीं था, बल्कि वह वह इंसान था जिसने कभी भी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया।

आरव ने मीरा को उसकी ग़लतफहमी से बाहर निकाला और कहा, “तुमने मुझे कभी सच्चा प्यार नहीं दिया, लेकिन अब मैं तुम्हारे सामने आकर दिखाऊंगा कि मेरी ताकत सिर्फ पैसे में नहीं, मेरे आत्मविश्वास और मेरी कोशिशों में है।”

मीरा का दिल अचानक से बर्फ की तरह ठंडा हो गया। उसने महसूस किया कि जिस प्यार की उसे कभी तलाश थी, वह आरव से मिल चुका था। और अब वह उस प्यार का कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं थी।

आरव ने अपनी ताकत दिखाई और मीरा को समझाया कि वह अब किसी भी स्थिति में अपना आत्मसम्मान नहीं खोने वाला। और यही वह पल था जब मीरा ने अपनी गलती स्वीकार की।