एक तरफा ज़िद का खतरनाक अंजाम | Police को CCTV में क्या दिखा? | Punjab College Case Investigation

एक तरफा ज़िद का खतरनाक अंजाम: तरनतारन के लॉ कॉलेज में खूनी खेल, CCTV ने खोली पोल

9 फरवरी 2026 की वह सुबह पंजाब के तरनतारन जिले के लिए एक कभी न भूलने वाला काला दिन बन गई। उस्मा गांव स्थित ‘माई भागोला लॉ कॉलेज’ में जहां छात्रों को इंसाफ की पढ़ाई पढ़ाई जानी थी, वहां चंद सेकंड्स के भीतर नाइंसाफी और मौत का एक ऐसा मंजर बिखरा कि कॉलेज कैंपस मातम में बदल गया।

घटना का विवरण: क्लासरूम बना कत्लगाह

सुबह के करीब 9:17 बजे थे। कॉलेज में सामान्य चहल-पहल थी। फर्स्ट ईयर एलएलबी की क्लास में संदीप कौर (24) अपनी सहेलियों के साथ बैठी थी। तभी उसी की क्लास का छात्र प्रिंस राज सिंह (20) अपनी सीट से उठा। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, प्रिंस बिना किसी शोर-शराबे या बहस के संदीप की तरफ बढ़ा और अचानक अपनी जेब से हथियार निकालकर उस पर हमला कर दिया।

संदीप को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके तुरंत बाद प्रिंस ने उसी हथियार से खुद को भी निशाना बना लिया। अस्पताल ले जाते समय उसकी भी मौत हो गई।

कौन थी संदीप कौर?

तरनतारन के नौशेरा पन्नुआ की रहने वाली संदीप कौर एक बेहद होनहार और समझदार लड़की थी। पिता के देहांत के बाद उसकी मां हरजिंदर कौर ने बड़ी मुश्किलों से सात बेटियों और एक बेटे की परवरिश की थी। संदीप अपनी मां का सहारा बनने के लिए वकील बनने का सपना देख रही थी। उसकी मां के मुताबिक, संदीप का किसी से कोई विवाद नहीं था और वह सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देती थी।

सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल

इस घटना ने कॉलेज प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मृतका की मां और अन्य छात्रों के परिजनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं:

एक छात्र कॉलेज गेट के भीतर घातक हथियार लेकर कैसे घुस गया?
क्या कॉलेज के मुख्य द्वार पर कोई मेटल डिटेक्टर या बैग चेकिंग की व्यवस्था नहीं थी?
कॉलेज के सुरक्षा गार्ड उस वक्त कहां थे?

पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज (CCTV Evidence)

पुलिस ने कॉलेज को सील कर दिया है और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं।

एक तरफा मामला: शुरुआती जांच में पुलिस इसे एक तरफा लगाव (One-sided obsession) का मामला मान रही है। अंदेशा है कि प्रिंस संदीप को पसंद करता था और संभवतः किसी इनकार की वजह से उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
हथियार का स्रोत: पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि 20 साल के छात्र के पास वह घातक हथियार कहां से आया। क्या यह घर का था या उसे किसी ने मुहैया कराया था?
मोबाइल और सोशल मीडिया: प्रिंस और संदीप के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाला जा रहा है ताकि किसी भी तरह के पुराने विवाद या चैट का पता चल सके।

निष्कर्ष: एक सामाजिक त्रासदी

यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं बल्कि एक बड़ी सामाजिक त्रासदी है। यह हमें सोचने पर मजबूर करती है कि युवाओं में धैर्य और ‘ना’ सुनने की क्षमता कम होती जा रही है। साथ ही, शिक्षण संस्थानों को भी यह समझना होगा कि केवल फीस लेना काफी नहीं है, छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है।

संदीप के सपने अब अधूरे रह गए हैं, और प्रिंस के एक गलत फैसले ने दो परिवारों को ताउम्र के लिए अंधेरे में धकेल दिया है।

सावधान रहें और अपने बच्चों से संवाद बनाए रखें। किसी भी संदिग्ध व्यवहार को नजरअंदाज न करें।