यारो के यार निकले sanjay dutt salman khan के पापा salim khan के लिए दी बड़ी कुर्बानी

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Sanjay Dutt turned out to be a friend of friends and made a big sacrifice  for Salman Khan's fathe... - YouTube

सलीम खान की तबीयत नाजुक, संजय दत्त ने निभाई दोस्ती की मिसाल – लीलावती अस्पताल में डटे रहे “मुन्ना भाई”

मुंबई। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री इन दिनों भावनात्मक दौर से गुजर रही है। दिग्गज लेखक Salim Khan की तबीयत बिगड़ने की खबर ने बॉलीवुड को चिंतित कर दिया है। उन्हें मुंबई के प्रसिद्ध Lilavati Hospital में भर्ती कराया गया है, जहां वे आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। इसी बीच एक ऐसी खबर सामने आई जिसने दोस्ती और रिश्तों की मिसाल पेश कर दी। अभिनेता Sanjay Dutt ने कथित तौर पर अपने सभी शूटिंग शेड्यूल रद्द कर दिए और सलीम खान के अस्पताल में भर्ती रहने तक वहीं रुकने का फैसला किया।

यह कदम सुनकर न केवल फिल्म जगत बल्कि प्रशंसकों की आंखें भी नम हो गईं। कहा जा रहा है कि संजय दत्त ने सलीम खान को अपने पिता समान माना है और इस मुश्किल घड़ी में परिवार का साथ देने का निर्णय लिया है।


अस्पताल में भर्ती सलीम खान

सूत्रों के अनुसार, सलीम खान को अचानक तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल लाया गया। उम्र अधिक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें एहतियातन आईसीयू में रखा है। परिवार ने गोपनीयता बनाए रखने की अपील की है, इसलिए स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

सलीम खान हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली लेखकों में गिने जाते हैं। उन्होंने जावेद अख्तर के साथ मिलकर “शोले”, “दीवार”, “जंजीर” और “डॉन” जैसी कई कालजयी फिल्मों की पटकथा लिखी। उनकी लेखनी ने भारतीय सिनेमा को नई दिशा दी और कई सुपरस्टार्स के करियर को ऊंचाइयों तक पहुंचाया।


सलमान खान की चिंता

सलीम खान के बेटे और सुपरस्टार Salman Khan अपने पिता की सेहत को लेकर बेहद चिंतित हैं। जैसे ही उन्हें पिता की तबीयत बिगड़ने की खबर मिली, वे अपने शूटिंग शेड्यूल को बीच में छोड़कर सीधे अस्पताल पहुंचे। अस्पताल से बाहर निकलते समय उनके चेहरे पर चिंता साफ झलक रही थी।

सलमान अपने पिता के बेहद करीब माने जाते हैं। कई मौकों पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उनके जीवन और करियर में सबसे बड़ी प्रेरणा उनके पिता ही हैं। ऐसे में यह दौर उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद कठिन है।


संजय दत्त का बड़ा फैसला

इसी बीच जो खबर सामने आई उसने दोस्ती की परिभाषा को नया अर्थ दे दिया। बताया जा रहा है कि संजय दत्त जैसे ही सलीम खान की तबीयत की जानकारी मिली, वे तुरंत अस्पताल पहुंचे। संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती किसी से छिपी नहीं है। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया है और एक-दूसरे को परिवार जैसा मानते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल पहुंचकर संजय दत्त ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक सलीम खान अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं हो जाते, वे वहीं रहेंगे। उन्होंने कथित रूप से कहा कि “सलीम अंकल ने हमेशा मेरे सिर पर हाथ रखा है, अब मेरी बारी है कि मैं बेटे का फर्ज निभाऊं।”

यह बयान सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। बताया जा रहा है कि संजय दत्त ने अपनी आने वाली फिल्मों की शूटिंग अस्थायी रूप से रोक दी है और अपने परिवार को भी इस फैसले की जानकारी दे दी है।


दोस्ती जो परिवार से बढ़कर

संजय दत्त और सलमान खान का रिश्ता केवल पेशेवर नहीं, बल्कि निजी और भावनात्मक भी है। संजय दत्त के कठिन दौर में भी सलीम खान और उनके परिवार ने उनका साथ दिया था। यही वजह है कि आज संजय दत्त इस मुश्किल समय में खान परिवार के साथ खड़े हैं।

बॉलीवुड में अक्सर रिश्तों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहती हैं, लेकिन ऐसे मौके यह साबित कर देते हैं कि इंडस्ट्री में सच्ची दोस्ती भी मौजूद है। संजय दत्त का यह कदम “यारों के यार” वाली कहावत को चरितार्थ करता नजर आता है।


परिवार की प्रतिक्रिया

खबरों के मुताबिक, सलमान खान के परिवार ने संजय दत्त को समझाने की कोशिश की कि वे अपने काम पर लौट जाएं, लेकिन संजय दत्त ने विनम्रता से मना कर दिया। वे अस्पताल में ही रहकर परिवार को भावनात्मक सहारा देना चाहते हैं।

अस्पताल के बाहर मीडिया और प्रशंसकों की भीड़ लगी रही, लेकिन परिवार ने सभी से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।


इंडस्ट्री में हलचल

सलीम खान की तबीयत बिगड़ने की खबर फैलते ही कई फिल्मी हस्तियां अस्पताल पहुंचीं। कई अभिनेताओं और निर्देशकों ने सोशल मीडिया पर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

सलीम खान का योगदान इतना बड़ा रहा है कि लगभग हर पीढ़ी के कलाकार उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखते हैं। उनकी लिखी कहानियों ने हिंदी सिनेमा में “एंग्री यंग मैन” की छवि को जन्म दिया और सामाजिक मुद्दों को मुख्यधारा में लाया।


भावनात्मक पल

अस्पताल के अंदर का माहौल गंभीर और भावनात्मक बताया जा रहा है। सलमान खान अपने पिता के पास अधिक समय बिताने की कोशिश कर रहे हैं। संजय दत्त भी वहीं मौजूद हैं और परिवार के साथ बैठकर डॉक्टरों से लगातार अपडेट ले रहे हैं।

कहा जा रहा है कि संजय दत्त का यह कदम देखकर सलमान खान भावुक हो गए। दोस्ती का ऐसा उदाहरण कम ही देखने को मिलता है, जब कोई कलाकार अपने व्यस्त शेड्यूल को छोड़कर इस तरह साथ खड़ा हो जाए।


प्रशंसकों की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने संजय दत्त की सराहना की है। कई लोगों ने लिखा कि “यही होती है असली दोस्ती।” वहीं कुछ ने सलीम खान के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

फैंस का कहना है कि इस मुश्किल घड़ी में पूरा देश खान परिवार के साथ खड़ा है। लोग मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों में सलीम खान के लिए दुआ कर रहे हैं।


सलीम खान की विरासत

सलीम खान केवल एक लेखक नहीं, बल्कि एक युग के निर्माता रहे हैं। उनकी कहानियों में समाज का दर्द, संघर्ष और न्याय की पुकार दिखाई देती है। उन्होंने ऐसे किरदार गढ़े जो आज भी लोगों के दिलों में बसे हैं।

उनकी लेखनी ने अमिताभ बच्चन जैसे अभिनेता को सुपरस्टार बनाया और हिंदी सिनेमा को नई पहचान दी। आज जब वे अस्पताल में हैं, तो पूरी इंडस्ट्री उनके योगदान को याद कर रही है।


आगे क्या?

डॉक्टरों की टीम लगातार सलीम खान की निगरानी कर रही है। परिवार आशा और विश्वास के साथ इस कठिन समय का सामना कर रहा है। आने वाले दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

संजय दत्त का अस्पताल में डटे रहना इस बात का संकेत है कि खान परिवार अकेला नहीं है। इंडस्ट्री और दोस्त उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।


निष्कर्ष

यह घटना हमें याद दिलाती है कि शोहरत और व्यस्तता से ऊपर रिश्तों की अहमियत होती है। जब संकट आता है, तो सच्चे दोस्त और परिवार ही साथ खड़े दिखाई देते हैं।

संजय दत्त का यह कदम दोस्ती की मिसाल बन गया है। वहीं सलमान खान इस समय सिर्फ एक सुपरस्टार नहीं, बल्कि अपने पिता के लिए चिंतित एक बेटा हैं।

पूरे देश की दुआएं सलीम खान के साथ हैं। सभी को उम्मीद है कि वे जल्द स्वस्थ होकर अपने परिवार और प्रशंसकों के बीच लौटेंगे।

सच में, इसे ही कहते हैं असली यारी — जहां दोस्ती हर सीमा से ऊपर उठकर निभाई जाती है।