इंदौर के द्वारकापुरी में एमबीए छात्रा पर बीती कहानी सुनकर रो पड़ी महिला सब इंस्पेक्टर

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घिनौनी सच्चाई: एक लड़के का विश्वासघात और उसकी साथी की दर्दनाक मौत

इंदौर, मध्य प्रदेश, 2026: 10 फरवरी 2026 की रात को एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ, जिसे देख कर लोग हैरान रह गए। यह वीडियो एक एमबीए छात्रा द्वारा अपने व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर किया गया था। वीडियो में एक लड़की और एक लड़के के बीच आपत्तिजनक स्थिति में संवाद हो रहा था, और लड़की के चेहरे को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था, जबकि लड़के का चेहरा ढका हुआ था। इस घटना ने न केवल कॉलेज प्रबंधन बल्कि पूरे समाज को चौंका दिया।

वीडियो का वायरल होना और परिवार का संघर्ष

यह घटना एक सामान्य व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुई, जिसमें एक लड़की बार-बार वीडियो शेयर कर रही थी। वीडियो में लड़की और लड़का दोनों आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे थे। कॉलेज प्रबंधन ने तुरंत इन वीडियो को हटाने का आदेश दिया, लेकिन इससे पहले कि यह वीडियो हटाए जाते, लड़की ने एक के बाद एक 11 वीडियो भेज दिए। इससे कॉलेज में खलबली मच गई, और ग्रुप एडमिन ने लड़की से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ था।

कॉलेज के प्रबंधन ने लड़की के पिता से संपर्क किया और उन्हें बताया कि उनकी बेटी ने गंदे वीडियो भेजे हैं। यह खबर जैसे ही लड़की के पिता तक पहुंची, वह घबरा गए और रिश्तेदारों से फोन आने लगे, जिन्होंने लड़की के बारे में सवाल उठाए। वीडियो में लड़की का चेहरा साफ नजर आ रहा था, लेकिन लड़के का चेहरा ढका हुआ था, जिससे लड़की की पहचान की जा रही थी।

लड़की की रहस्यमयी मौत

लड़की का नाम शिवानी था, और वह इंदौर के एक कॉलेज में एमबीए सेकेंड ईयर की छात्रा थी। उसकी गुमशुदगी की शिकायत 11 फरवरी 2026 को पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। लड़की के पिता ने बताया कि वह अपने परिवार से मिलने के लिए कॉलेज में आई थी, लेकिन अचानक लापता हो गई। उसके बाद, 13 फरवरी को जब दुर्गंध महसूस होने लगी, तो लोगों ने देखा कि वह लड़की जिस कमरे में रहती थी, वहां ताला लगा था। पुलिस को सूचना दी गई, और जब पुलिस ने कमरे का ताला तोड़ा, तो एक खौ़फनाक दृश्य सामने आया। कमरे में एक नग्न लाश पड़ी हुई थी।

पुलिस जांच और पीयूष का खुलासा

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। कमरे का मालिक पीयूष था, जो मंदसौर का रहने वाला था और इंदौर में पढ़ाई कर रहा था। जब पुलिस ने पीयूष से संपर्क किया, तो उसका फोन स्विच ऑफ था। पुलिस ने उसके परिवार से संपर्क किया और पीयूष के पिता से पूछा कि उनकी बेटी को आखिरी बार किसने देखा था। पीयूष के पिता ने कहा कि उन्होंने उसे कलेक्टेट के पास छोड़ा था, लेकिन कुछ घंटों बाद वह लापता हो गई।

पुलिस ने पीयूष के बारे में अधिक जानकारी जुटानी शुरू की। इसके बाद पुलिस ने पीयूष के दोस्तों से भी बात की और एक छात्र ने बताया कि वह लड़की और पीयूष के बीच गहरे संबंध थे। यह जानकारी पुलिस को मिलते ही मामले ने और गंभीर मोड़ लिया।

सच्चाई का खुलासा

पीयूष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ की। पूछताछ में उसने बताया कि वह और शिवानी एक दूसरे के बहुत करीब थे। वह दोनों एक साथ समय बिताते थे और प्यार करते थे, लेकिन एक दिन उसने पाया कि शिवानी किसी और से भी बातचीत कर रही थी। यह देखकर उसे गुस्सा आया और उसने शिवानी से पूछा कि वह अन्य लड़कों से क्यों बात कर रही थी। जब शिवानी ने उसे जवाब नहीं दिया, तो उसने गुस्से में आकर उसे मार डाला।

पीयूष ने यह भी बताया कि उसने शराब और सेक्स पावर बढ़ाने वाली गोलियां खाई थी, जिससे उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई थी। उसने लड़की को कमरे में बंधक बना लिया और उसके साथ बलात्क-भ्रष्ट काम किया, फिर उसने उसे मार डाला।

मीडिया और समाज पर असर

इस घटना ने न केवल समाज को झकझोर दिया, बल्कि यह सवाल भी खड़ा किया कि क्या हम अपने आस-पास के लोगों को सही तरीके से समझ पाते हैं। एक प्यार करने वाले लड़के का इस हद तक जा पहुंचना, और फिर उसकी गलती को सही ठहराना, समाज की उन मानसिकताओं को उजागर करता है जो कभी महिला के अधिकारों का सम्मान नहीं करतीं।

इस घटना ने यह भी दिखाया कि आजकल सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर वायरल वीडियो से न केवल व्यक्तित्व की छवि बिगड़ सकती है, बल्कि इसके कारण आत्महत्या या मर्डर जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं।

निष्कर्ष

यह घटना न केवल एक छात्रा के साथ हुई त्रासदी का हिस्सा है, बल्कि यह हमारे समाज की मानसिकता का भी प्रतिबिंब है। यदि हम समाज में इस तरह के अपराधों को रोकना चाहते हैं, तो हमें शिक्षा, जागरूकता और कड़ी कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि महिलाओं के अधिकारों का सम्मान किया जाए और किसी भी तरह के यौन शोषण को बर्दाश्त नहीं किया जाए।