साधु के भेष में आए चोर ने महिला के साथ शर्मनाक हरकत कर दी और अंजाम ठीक नहीं हुआ/

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साधु के भेष में आए चोर ने महिला के साथ शर्मनाक हरकत कर दी और अंजाम ठीक नहीं हुआ

 आज मैं आपको एक ऐसी घटना बताने जा रहा हूं जो आपको हैरान कर देगी। यह कहानी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के शिकारपुर गांव की है, जहां एक साधु के भेष में छिपे हुए चोर ने एक महिला के साथ एक घिनौनी हरकत की, और अंत में जो हुआ, वो सबको चौंका देने वाला था।

शिकारपुर गांव और चोरियां

यह घटना लगभग एक महीने पहले की है, जब शिकारपुर गांव में लगातार चोरियां हो रही थीं। यह चोरियां इतनी तेज़ी से बढ़ रही थीं कि गांव के लोग डर के साये में जी रहे थे। पुलिस ने कड़े कदम उठाए थे, और धीरे-धीरे चोरी की घटनाएं घटने लगीं। लेकिन कोई नहीं जानता था कि आने वाले दिनों में इस गांव में एक और भयावह घटना घटने वाली थी, और यह घटना उस गांव के लिए एक काले अध्याय का रूप लेने वाली थी।

अनमोल सिंह का परिवार

गांव में एक साधारण परिवार रहता था, जिसमें परिवार के मुखिया का नाम अनमोल सिंह था। अनमोल सिंह की आटा चक्की की दुकान थी, जो गांव के लोग आटा पीसने के लिए इस्तेमाल करते थे। इस दुकान से अनमोल सिंह अच्छे-खासे पैसे कमाता था और परिवार का गुजारा ठीक से चल रहा था। उसकी पत्नी सुधा देवी और दो छोटी-छोटी बेटियां थीं। बेटी स्कूल जाती थीं और सुधा देवी घर के कामकाज में व्यस्त रहती थीं। अनमोल सिंह की दुकान अच्छी चलती थी और वह हर महीने लगभग 25,000 रुपये कमा लिया करता था।

परंतु, समय के साथ-साथ अनमोल सिंह का परिवार किसी न किसी कारण तनाव में था। अनमोल अपनी दुकान पर इतना व्यस्त रहता था कि उसने अपने परिवार को पर्याप्त समय देना छोड़ दिया था। सुधा देवी इस बात से परेशान थी और वह चाहती थी कि उसका पति घर पर भी समय बिताए। लेकिन अनमोल सिंह का अपनी पत्नी के प्रति रवैया उदासीन था, और वह उसकी बातों को नकार देता था। इस स्थिति ने सुधा देवी को मानसिक रूप से परेशान कर दिया था, और वह इस रिश्ते को लेकर अब निराश हो चुकी थी।

सुधा देवी का अकेलापन और नकुल की चाल

एक दिन, सुधा देवी अपने घर में अकेली बैठी थी, और उसके पति अनमोल सिंह दुकान पर था। दोनों बेटियां स्कूल गई हुई थीं। उसी समय सुधा के घर में एक पड़ोसी नकुल आया। नकुल ट्रक ड्राइवर था, और वह अक्सर सुधा के घर आता-जाता रहता था। नकुल ने सुधा से पूछा, “क्या अनमोल सिंह घर पर है?”

सुधा ने जवाब दिया, “नहीं, वह दुकान पर है। मैं अकेली हूं।” यह सुनकर नकुल का दिमाग एक काम करने के लिए घूम गया। उसने सुधा के अकेलेपन का फायदा उठाने की योजना बनाई। वह जानता था कि सुधा अपने पति के कारण मानसिक तनाव में है और वह अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी के साथ समय बिताने की तलाश में है। नकुल ने सुधा को यह महसूस कराया कि वह उसकी मदद करने के लिए तैयार है और वह उसका ख्याल रखेगा।

सुधा देवी भी नकुल की बातों से आकर्षित हो गई, क्योंकि वह अकेलापन महसूस कर रही थी। नकुल ने सुधा को यह विश्वास दिलाया कि वह उसकी मदद करेगा, और इसी तरह वे दोनों आपस में बैठकर बातचीत करने लगे। सुधा ने नकुल को घर जाने को कहा, लेकिन नकुल ने उसे यह कहकर मनाया कि वह रात को उसके घर जरूर आएगी। इसके बाद नकुल ने कहा, “मेरा परिवार घर से बाहर गया हुआ है। तुम रात को मेरे घर आओ, मैं तुम्हारा इंतजार करूंगा।”

सुधा ने नकुल की बातों को स्वीकार किया और तय किया कि वह रात को उसके घर जाएगी। इसके बाद सुधा अपने कामकाज में व्यस्त हो गई और रात को अपने पति के लिए खाना तैयार किया। वह दोनों बेटियों को खाना खिलाकर, पति को खाना देने के लिए दुकान पर चली गई।

सुधा और नकुल का मिलना

रात के करीब 9 बजे के आसपास सुधा ने अपने पति को खाना दिया और फिर घर लौटने के बाद नकुल के घर चली गई। नकुल ने दरवाजा खोला, और सुधा अंदर चली गई। दोनों कमरे में गए और बातचीत शुरू हो गई। लेकिन जल्द ही यह बातचीत घिनौने इरादों में बदल गई, और नकुल ने सुधा को गलत तरीके से छेड़ना शुरू कर दिया।

अनमोल सिंह की प्रतिक्रिया

इस बीच, अनमोल सिंह अपनी दुकान पर काम कर रहा था, लेकिन वह अपनी पत्नी के बारे में कुछ अजीब सोच रहा था। उसे यह एहसास हुआ कि उसकी पत्नी काफी समय से उसके साथ नहीं बैठी थी, और वह अक्सर शिकायत करती रहती थी कि वह उसे समय नहीं देता। अनमोल ने सोचा, “क्यों न आज कुछ समय उसके साथ बिताया जाए।”

अनमोल सिंह अपनी दुकान से निकलकर घर की तरफ बढ़ा। रास्ते में उसने देखा कि सुधा नकुल के घर से बाहर निकल रही थी। यह देखकर अनमोल को समझ में आ गया कि उसकी पत्नी नकुल के साथ कुछ गड़बड़ कर रही थी। वह गुस्से में आ गया और सुधा से सवाल करने लगा, “तुम इतनी रात को नकुल के घर क्यों आई थीं?”

सुधा घबराई हुई थी, लेकिन उसने किसी तरह अपनी सफाई दी। अनमोल सिंह को अब यकीन हो गया कि उसकी पत्नी ने धोखा दिया है। वह गुस्से में था और सोचने लगा कि अब उसे क्या करना चाहिए।

एक भयंकर हत्याकांड

रात के करीब 11 बजे के आसपास, जब सुधा सो रही थी, अनमोल सिंह ने घर से धारधार हथियार निकाला और अपनी पत्नी सुधा देवी की हत्या कर दी। इसके बाद वह अपने घर से बाहर निकला और गांव छोड़कर किसी दूसरे गांव में भाग गया।

महेंद्र सिंह साधु के साथ मुलाकात

अनमोल सिंह को अरहड़ गांव में 10 दिनों तक छिपने का मौका मिला, जहां उसकी मुलाकात महेंद्र सिंह से हुई, जो एक साधु के रूप में गांव में भिक्षाटन करता था। अनमोल सिंह ने महेंद्र को बताया कि वह पहले साधु था लेकिन अब उसने वह काम छोड़ दिया है। महेंद्र ने उसे साधु के रूप में रहने की सलाह दी, और अनमोल सिंह ने साधु का भेष अपनाया।

अर्चना देवी का हत्याकांड

अनमोल और महेंद्र सिंह दोनों मिलकर अर्चना देवी, जो एक अमीर विधवा महिला थी, के घर में चोरी करने और उसकी हत्या करने की योजना बनाते हैं। उन्होंने अर्चना को यह विश्वास दिलाया कि उसके घर में भूत-प्रेत का साया है और उसकी सुरक्षा के लिए पूजा करनी पड़ेगी। अर्चना देवी ने उन्हें रात को पूजा करने की अनुमति दी।

रात को पूजा करते वक्त महेंद्र और अनमोल ने अर्चना देवी को जड़ी-बूटियां दीं, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। जब वह बेहोश हो गई, तो दोनों ने घर में लूटपाट की और अर्चना देवी के साथ घिनौना काम किया। अंत में, दोनों ने उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

अर्चना देवी की हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और महेंद्र सिंह और अनमोल सिंह को गिरफ्तार किया। महेंद्र ने पूरी घटना के बारे में पुलिस को बताया, और उसके बाद अनमोल सिंह को भी पकड़ लिया गया।

न्याय का इंतजार

महेंद्र सिंह और अनमोल सिंह दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया और उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। अब यह मामला अदालत में था, और हर कोई यह जानने को उत्सुक था कि इन दोनों को किस तरह की सजा मिलेगी।