गोरखपुर हत्याकांड: जयमाला की खुशियों के बीच ‘खूनी इश्क’ का खौफनाक अंत

विशेष रिपोर्ट: अपराध की एक ऐसी दास्तां जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया।

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश। तारीख: 23 नवंबर 2025। जगह: गोरखपुर जिले का थाना झंगहा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला गांव ‘जंगल रसूलपुर’।

शादी का घर था। चारों तरफ रोशनी बिखरी हुई थी, शहनाइयों की गूंज थी और मेहमानों की चहल-पहल। चचेरी बहन की शादी में शामिल होने आई 22 वर्षीय शिवानी (परिवर्तित नाम) के चेहरे पर भी वही मुस्कान थी। लेकिन किसी को क्या पता था कि जिस आंगन में जयमाला की रस्में होने वाली हैं, वहीं से चंद कदमों की दूरी पर मौत अपना जाल बिछाए खड़ी है।

रात के 10 बजे जब पूरी दुनिया जयमाला के मंच पर टकटकी लगाए बैठी थी, तभी एक ऐसा ‘साया’ वहां पहुंचा जिसने न सिर्फ एक जिंदगी खत्म कर दी, बल्कि प्यार के नाम पर एक ऐसा कलंक लगा दिया जिसे यह गांव कभी नहीं भूल पाएगा।

.

.

.


1. खुशियों में मातम: एक चीख और थम गई शादी

गोरखपुर मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर लक्ष्मीपुर टोली में नोहरी देवी का परिवार रहता था। पति की मौत के बाद नोहरी देवी ने मेहनत-मजदूरी कर अपनी दो बेटियों, सुमन और शिवानी को पाला था। शिवानी, जो स्वभाव से चंचल और बेहद खूबसूरत थी, सबकी लाडली थी।

23 नवंबर की रात, गांव से 500 मीटर दूर एक मैरिज गार्डन में शादी का जश्न चल रहा था। रात 10 बजे जयमाला के समय शिवानी अचानक भीड़ से ओझल हो गई। पहले तो घरवालों को लगा कि शायद वह सहेलियों के साथ होगी, लेकिन जब घंटों बीत गए और वह नहीं लौटी, तो मां नोहरी देवी का कलेजा कांप उठा।

वह पागलों की तरह उसे ढूंढते हुए वापस अपने सूने घर पहुंची। घर के कमरों पर ताले लटके थे, लेकिन जैसे ही उनकी नजर वाशरूम की ओर गई, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अंदर शिवानी की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। नोहरी देवी की चीख ने पूरे गांव को हिला कर रख दिया। शादी का मंडप, जहां कुछ देर पहले हंसी-ठिठोली हो रही थी, वहां अब मौत का सन्नाटा पसर गया था।


2. पुलिसिया तफ्तीश और ‘जासूस’ डॉग की गवाही

घटना की सूचना रात करीब 4 बजे पुलिस को मिली। मामला हाई-प्रोफाइल था, इसलिए झंगहा पुलिस के साथ-साथ फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड भी मौके पर पहुंच गए।

वाशरूम का मंजर बयां कर रहा था कि शिवानी ने मौत से पहले कड़ा संघर्ष किया था। पुलिस ने जब ‘खोजी कुत्ते’ को शिवानी के कपड़ों की गंध सुंघाई, तो उसने एक ऐसा रास्ता पकड़ा जिसने सबको हैरान कर दिया। वह कुत्ता सूंघते हुए सीधे घर से 200 मीटर दूर स्थित विनय उर्फ दीपक निषाद के घर के सामने जाकर रुक गया और भौंकने लगा। पुलिस को यकीन नहीं हुआ, उन्होंने कुत्ते को दोबारा मौका दिया, और तीसरी बार भी कुत्ता उसी चौखट पर जाकर रुका। यह एक निर्णायक सुराग था।


3. प्यार, जिद और फिर धोखा

पुलिस की जांच में जो परतें खुलीं, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थीं। विनय और शिवानी के बीच पिछले तीन सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों पड़ोसी थे, साथ जीने-मरने की कसमें खाई थीं। विनय, जो पुलिस और सेना में भर्ती होने का सपना देखता था और कसरत कर खुद को फिट रखता था, शिवानी के प्यार में पागल था।

लेकिन जब इस रिश्ते की खबर नोहरी देवी को लगी, तो उन्होंने कड़ा विरोध किया। उन्होंने विनय के घर जाकर उसे चेतावनी भी दी थी। बदनामी के डर से शिवानी की शादी 8 मई 2025 को देवरिया के भीम निषाद से कर दी गई।

शादी के बाद बदला समीकरण: शादी के बाद भी दोनों फोन पर बात करते थे। लेकिन वक्त के साथ विनय की सोच बदलने लगी। वह अब इस ‘अवैध’ और ‘जोखिम भरे’ रिश्ते से पीछा छुड़ाना चाहता था। वहीं दूसरी तरफ, शिवानी इस रिश्ते को खत्म करने को तैयार नहीं थी। वह अपनी चचेरी बहन की शादी में इसी इरादे से आई थी कि वह अब ससुराल वापस नहीं जाएगी और विनय के साथ ही रहेगी।


4. साजिश की रात: जयमाला से मौत के वाशरूम तक

विनय के लिए शिवानी की यह ‘जिद’ उसके करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए खतरा बन गई थी। उसने तय कर लिया था कि ‘न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी’।

घटनाक्रम:

रात 10:00 बजे: जयमाला के दौरान विनय भीड़ के बीच पहुंचा। उसने शिवानी को इशारा किया।

रात 10:15 बजे: शिवानी, विनय के झांसे में आकर चुपचाप शादी समारोह से बाहर निकल गई। उसे लगा कि विनय उसे कहीं दूर ले जाकर अपनी बना लेगा।

रात 10:30 बजे: दोनों शिवानी के खाली घर पहुंचे। वहां उन्होंने वाशरूम का सहारा लिया क्योंकि बाकी कमरों में ताले थे।

खौफनाक मंजर: विनय ने पहले शिवानी को बातों में उलझाया, उसे पुराने प्यार का यकीन दिलाया। और जैसे ही शिवानी भावुक हुई, विनय ने अपनी कमर में छिपाया हुआ ‘हंसिया’ (धारदार हथियार) निकाला और उसके गले पर वार कर दिया।

शिवानी की चीखें वाशरूम की दीवारों में ही दबकर रह गईं। हत्या के बाद विनय ने बड़े ही ठंडे दिमाग से खून साफ किया, हथियार को पास की झाड़ियों में फेंका और अपने घर जाकर ऐसे सो गया जैसे कुछ हुआ ही न हो।


5. वीडियो फुटेज ने खोली पोल

पुलिस ने जब शादी की वीडियो रिकॉर्डिंग खंगाली, तो एक अहम फुटेज हाथ लगी। जयमाला के समय शिवानी को एक संदिग्ध युवक के साथ स्टेज से नीचे उतरते देखा गया। कॉल डिटेल्स (CDR) ने पुष्टि कर दी कि उसी रात विनय ने उसे फोन किया था।

25 नवंबर की रात पुलिस ने विनय को गिरफ्तार कर लिया। पहले तो वह मुकरता रहा, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और डॉग स्क्वाड की रिपोर्ट सामने रखी, तो वह टूट गया। उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए कहा— “वह मुझ पर शादी का दबाव बना रही थी, मेरा करियर बर्बाद हो जाता।”


6. समाज के लिए एक बड़ा सबक

यह घटना केवल एक हत्या नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की बदलती मानसिकता का आईना है। प्यार, जो समर्पण सिखाता है, वह अब ‘पजेशन’ (कब्जे) और ‘क्राइम’ में बदल रहा है।

कानूनी स्थिति: पुलिस ने आरोपी विनय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया गया है।

निष्कर्ष: गोरखपुर के इस शांत गांव में आज भी सन्नाटा है। नोहरी देवी की आंखों के आंसू सूख चुके हैं, और शिवानी की चचेरी बहन की शादी की यादें अब उम्र भर के लिए एक डरावने साये में बदल गई हैं। यह कहानी हमें सिखाती है कि भावनाओं के आवेग में लिया गया एक गलत फैसला न केवल एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ देता है, बल्कि इंसान को ‘हैवान’ बना देता है।

अपराध का अंत हमेशा सलाखों के पीछे ही होता है, चाहे वह कितना ही शातिर तरीके से क्यों न किया गया हो।


— क्राइम डेस्क, गोरखपुर न्यूज़।