महिला IAS अधिकारी के घर से खुला S3x Racket का गन्दा राज़, video viral

.

.

प्रयागराज सेक्स रैकेट कांड: एक आईएएस अधिकारी के मकान से खुला गंदा राज

प्रयागराज, जो अपनी धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान के लिए जाना जाता है, उसी शहर से एक ऐसी खबर आई जिसने सबको हिला कर रख दिया। एक महिला आईएएस अधिकारी के मकान में सेक्स रैकेट चल रहा था। यह सुनकर कई लोगों के होश उड़ गए। खासतौर पर इसलिए भी क्योंकि यह मकान एक सम्मानित अधिकारी का था। इस कहानी की शुरुआत और अंत दोनों ही सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि आखिर कैसे एक प्रतिष्ठित अधिकारी के घर में ऐसी घिनौनी हरकतें हो सकती हैं।

मकान किराए पर देना और शुरू हुआ खेल

यह मकान कुछ ही महीने पहले महिला आईएएस अधिकारी ने किराए पर दिया था। किराया महज ₹15,000 था, जो इस इलाके के हिसाब से बहुत कम था। मकान किराए पर लेने वाला शख्स, सर्वेश द्विवेदी, महिला अधिकारी को भरोसे में लेकर मकान किराए पर लेता है। वह बताता है कि उसे अपने परिवार के लिए यह मकान चाहिए, पत्नी और बच्चों के साथ रहने के लिए। महिला अधिकारी को यह बात भरोसेमंद लगती है और वह मकान उसे दे देती है।

परंतु, कुछ ही दिनों बाद सर्वेश का मंसूबा बदल जाता है। वह मकान पर कुछ ऐसा करने लगता है जो सुनने में भी अजीब लगता है। मोहल्ले के लोग भी धीरे-धीरे इस बात को महसूस करने लगते हैं कि मकान में रोज नए-नए लोग आते-जाते हैं, कभी लड़के तो कभी लड़कियां। लेकिन वे इस बात पर चुप रहते हैं, क्योंकि शहरी लोग आमतौर पर पड़ोस के मामलों में दखल नहीं देते।

कुछ जागरूक लोगों को यह सब आपत्तिजनक लगता है। वे पुलिस में शिकायत करते हैं कि मकान में कुछ गलत हो रहा है। पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है। पहले छानबीन, निगरानी, फिर एक दिन अचानक छापेमारी की जाती है।

छापेमारी और गिरफ्तारियां

छापेमारी के दौरान नौ लोगों को हिरासत में लिया जाता है, जिनमें चार लड़कियां और पांच लड़के थे। इनमें से सर्वेश द्विवेदी को मास्टरमाइंड माना जा रहा है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं इस पूरे मामले के पीछे कोई बड़ी एजेंसी या प्लानिंग तो नहीं थी।

पुलिस ने पाया कि मकान में सेक्स रैकेट चल रहा था, जो कई राज्यों की लड़कियों को शामिल करता था। प्रयागराज, बनारस, पश्चिम बंगाल की लड़कियां इस रैकेट का हिस्सा थीं। यह मामला न केवल एक महिला आईएएस अधिकारी के मकान से जुड़ा था, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि अगर अधिकारी के मकान में ऐसा हो सकता है, तो आम आदमी के मकान में क्या नहीं हो सकता।

मकान मालिक की जिम्मेदारी

यह मामला मकान मालिकों और किराएदारों के बीच के रिश्ते पर भी सवाल उठाता है। मकान मालिक जब अपना मकान किराए पर देता है तो उसे किराएदार की पृष्ठभूमि की जांच करनी चाहिए। लेकिन कई बार लालच और जल्दबाजी में लोग बिना जांच के मकान किराए पर दे देते हैं, जिससे ऐसी घटनाएं होती हैं।

मकान मालिकों को यह समझना होगा कि किराएदार के गलत कामों के लिए उन्हें भी जिम्मेदार माना जा सकता है। इसलिए मकान किराए पर देते समय सावधानी बरतनी जरूरी है।

समाज और जागरूकता

इस पूरे मामले ने समाज में जागरूकता पैदा की है। पड़ोसी जब तक कुछ असामान्य नहीं देखते, तब तक चुप रहते हैं। लेकिन जब पानी सिर के ऊपर से गुजरने लगता है, तब ही कार्रवाई होती है। इस घटना ने यह भी दिखाया कि समाज को ऐसे मामलों में चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि समय रहते शिकायत करनी चाहिए।

निष्कर्ष

यह कहानी हमें कई महत्वपूर्ण बातें सिखाती है। पहला, मकान मालिकों को किराएदार की पृष्ठभूमि की पूरी जांच करनी चाहिए। दूसरा, समाज को ऐसे मामलों में जागरूक और सक्रिय रहना चाहिए। तीसरा, कानून व्यवस्था को ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

और सबसे बड़ी बात, प्रतिष्ठा और पद किसी को भी गलत काम करने से नहीं रोक सकते। चाहे वह कोई अधिकारी हो या आम नागरिक, कानून सबके लिए बराबर है।

अगर आप भी मकान किराए पर दे रहे हैं तो सावधानी बरतें, जांच-पड़ताल करें और अपने मकान की सुरक्षा सुनिश्चित करें। यही हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने आस-पास के माहौल को सुरक्षित और स्वच्छ बनाए रखें।

यह कहानी जागरूकता का संदेश है, ताकि हम सब मिलकर ऐसे काले धब्बों को समाज से मिटा सकें।