क्या भगवान का अस्तित्व है? जावेद अख्तर बनाम मुफ्ती शमाइल नदवी की ऐतिहासिक बहस ने देश को सोचने पर मजबूर किया!

परिचय:
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक डिबेट चर्चा का विषय बनी हुई है। मशहूर शायर और नास्तिक विचारक जावेद अख्तर तथा युवा इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती शमाइल नदवी के बीच “क्या भगवान का अस्तित्व है?” विषय पर हुई बहस ने लाखों लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। बहस के बाद जावेद अख्तर के बयान ने और हलचल मचा दी। आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक बहस की पूरी दास्तान, तर्कों की टक्कर और दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया।
बहस की शुरुआत: दो विचारधाराओं की भिड़ंत
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित इस हाई प्रोफाइल बहस को पत्रकार सौरभ द्विवेदी ने मॉडरेट किया। सवाल था – “क्या भगवान का अस्तित्व है?”
एक ओर थे जावेद अख्तर, जिन्होंने हमेशा विज्ञान, लॉजिक और तर्क को ही अंतिम सत्य माना है। उनका मानना है कि धर्म अज्ञानता का उत्पाद है और जो चीज लैब में सिद्ध नहीं हो सकती, उस पर विश्वास करना अंधविश्वास है।
दूसरी ओर थे मुफ्ती शमाइल नदवी, जो अपनी शांत आवाज और गहरे तर्कों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने बहस की शुरुआत में ही कहा –
“हर चीज जो मौजूद है, जरूरी नहीं कि लैब में दिखाई जाए। अक्ल, मोहब्बत, जमीर, इंसाफ – इनका कोई टेस्ट ट्यूब प्रूफ नहीं, फिर भी कोई इनकार नहीं करता।”
मुफ्ती शमाइल नदवी के तर्क: फितरत और अक्ल की बात
मुफ्ती साहब ने कहा कि खुदा का अस्तित्व साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट का विषय ही नहीं है, बल्कि यह फितरत और जमीर का सवाल है।
उन्होंने पूछा –
“अगर दुख और तकलीफें खुदा के ना होने का सबूत होतीं, तो इंसाफ की मांग ही बेकार होती। दुख इस बात का सबूत है कि इंसान के अंदर सही-गलत का एहसास मौजूद है, और यही खुदा की सबसे बड़ी निशानी है।”
इस तर्क ने बहस का रुख बदल दिया। हॉल में सन्नाटा छा गया, क्योंकि यह सवाल सिर्फ भावनाओं का नहीं था, बल्कि अक्ल और तर्क का भी था।
जावेद अख्तर के जवाब: नैतिकता और विज्ञान
जावेद अख्तर ने कहा कि नैतिकता इंसान में सामाजिक जीवन जीने के लिए विकसित हुई है, यह इवोल्यूशन का हिस्सा है।
मुफ्ती शमाइल ने इस पर सवाल किया –
“अगर नैतिकता सिर्फ सर्वाइवल के लिए है, तो कोई इंसान अपने फायदे के खिलाफ जाकर सच क्यों बोलता है? अपनी जान देकर दूसरों को क्यों बचाता है?”
यह सवाल विज्ञान और तर्कवाद के समर्थकों के लिए भी चुनौतीपूर्ण था।
सोशल मीडिया पर बहस की गूंज
इस बहस के वीडियो क्लिप्स वायरल हो गए। ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक पर लोग दो खेमों में बंट गए –
कुछ जावेद अख्तर के साथ थे, तो ज्यादातर लोग मुफ्ती शमाइल नदवी के तर्कों से प्रभावित दिखे।
लोगों ने कहा –
“मुफ्ती साहब ने साबित कर दिया कि ईमान अंधविश्वास नहीं है, बल्कि अक्ल के इम्तिहान में भी खरा उतरता है।”
कौन हैं मुफ्ती शमाइल नदवी?
शमाइल अहमद अब्दुल्लाह, यानी मुफ्ती शमाइल नदवी, कोलकाता के धार्मिक परिवार में जन्मे, लखनऊ के प्रतिष्ठित दारुल उलूम नदवा से पढ़े, मलेशिया से इस्लामिक शिक्षा में पीएचडी कर रहे हैं। वे आधुनिक सवालों के जवाब देने में माहिर हैं और यूट्यूब, सोशल मीडिया पर अपनी तकरीरों से युवाओं को प्रभावित करते हैं।
जावेद अख्तर का बयान: हार या विनम्रता?
बहस के कुछ दिन बाद जावेद अख्तर ने चुप्पी तोड़ी –
“शायद मैं अपनी बात उस स्पष्टता से नहीं रख पाया जैसा चाहता था। हर सवाल का जवाब होना जरूरी नहीं, हर जवाब पर यकीन करना भी जरूरी नहीं। मैं किसी को हराने नहीं आया था, बल्कि याद दिलाने आया था कि साइंस, लॉजिक और इंसानी जमीर हमें बेहतर दुनिया की तरफ ले जा सकते हैं।”
कुछ ने इसे हार की स्वीकारोक्ति माना, कुछ ने विनम्रता और बौद्धिक ईमानदारी।
बहस का निष्कर्ष: कौन जीता, कौन हारा?
यह बहस सिर्फ जीत-हार की नहीं थी, बल्कि दो विचारधाराओं की टक्कर थी।
मुफ्ती शमाइल नदवी ने अपने शांत, तर्कपूर्ण अंदाज में धार्मिक विद्वानों की नई छवि पेश की।
जावेद अख्तर जैसे अनुभवी तर्कवादी भी सोचने पर मजबूर हुए।
भारत जैसे विविधता वाले देश में ऐसी बहसें जरूरी हैं, ताकि हम एक-दूसरे को समझ सकें, सवाल पूछ सकें और जवाब तलाश सकें।
आपकी राय क्या है?
क्या आपको लगता है कि मुफ्ती शमाइल नदवी के तर्क मजबूत थे या जावेद अख्तर के विचार?
कमेंट सेक्शन में अपनी राय जरूर लिखें।
अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो तो शेयर करें, ताकि और लोग भी सोच सकें –
क्या भगवान का अस्तित्व है? या सवाल पूछना ही असली ईमानदारी है?
धन्यवाद!
News
वर्दी के घमंड में टूटा रिश्ता चपरासी पति जब IAS बनकर लौटा तो वर्दी उतरते ही सच सामने आ गया…
वर्दी के घमंड में टूटा रिश्ता चपरासी पति जब IAS बनकर लौटा तो वर्दी उतरते ही सच सामने आ गया……
👉 सब्जीवाली बनकर DM मैडम ने रचा प्लान, थप्पड़ मारने वाले दरोगा को जो सबक सिखाया! देखकर हर कोई हैरान
👉 सब्जीवाली बनकर DM मैडम ने रचा प्लान, थप्पड़ मारने वाले दरोगा को जो सबक सिखाया! देखकर हर कोई हैरान…
Police ने रोका Indian Army का Truck 😱 फिर जो हुआ…
Police ने रोका Indian Army का Truck 😱 फिर जो हुआ… वर्दी का असली वजन प्रस्तावना जून की तपती दोपहर…
मौ*त से लड़ रही थी हॉस्पिटल मे पत्नी डॉक्टर निकला उसका तलाकशुदा पति फिर जो हुआ
मौ*त से लड़ रही थी हॉस्पिटल मे पत्नी डॉक्टर निकला उसका तलाकशुदा पति फिर जो हुआ शीर्षक: इंसानियत की जीत…
स्कूल की फीस न भरने पर टीचर ने बच्चे को क्लास से निकाल दिया, अगले दिन कलेक्टर ने आकर जो कहा
स्कूल की फीस न भरने पर टीचर ने बच्चे को क्लास से निकाल दिया, अगले दिन कलेक्टर ने आकर जो…
बेटे-बहू ने विधवा माँ को एक-एक रोटी को तरसाया, मगर भगवान का इंसाफ अभी बाकी था
बेटे-बहू ने विधवा माँ को एक-एक रोटी को तरसाया, मगर भगवान का इंसाफ अभी बाकी था भगवान का इंसाफ –…
End of content
No more pages to load






