पत्नी की एक गलती की वजह से पति के साथ हुआ हादसा/डॉक्टरों के होश उड़ गए/

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एक गलती की कीमत

राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना गाँव में सुबह का समय था। गाँव के लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे। इसी गाँव में रहता था नसीब सिंह, जिसकी शादी दो साल पहले तमन्ना से हुई थी। शादी के शुरुआती दिन दोनों के लिए बहुत खुशियों से भरे थे, लेकिन छः महीने बाद ही नसीब के पिता की मृत्यु हो गई। घर की सारी जिम्मेदारी अब नसीब के कंधों पर आ गई थी।

नसीब ने कभी नौकरी नहीं की थी, न ही पैसों की कदर समझी थी। पिता के जाने के बाद घर की हालत खराब हो गई। गरीबी ने डेरा डाल लिया। नसीब दिन-रात यही सोचता रहता कि कैसे घर की हालत ठीक की जाए। तमन्ना ने पति की चिंता देखी तो कहा, “कोई काम-धंधा शुरू करो।” नसीब ने दोस्तों-रिश्तेदारों से नौकरी की गुहार लगाई, लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली।

तमन्ना ने सलाह दी, “कर्ज लेकर टेम्पो खरीद लो, सब्जी बेचो।” नसीब को पैसे की चिंता थी। तमन्ना ने सुझाव दिया कि अपने दोस्त नरेंद्र से कर्ज ले लो। नसीब ने पहले ही नरेंद्र से कुछ पैसे उधार लिए थे, लेकिन तमन्ना ने खुद नरेंद्र से बात करने का निर्णय लिया।

शाम को तमन्ना नरेंद्र के घर गई। नरेंद्र ने दरवाजा खोला और तमन्ना को देखकर उसकी नीयत बदल गई। तमन्ना ने नरेंद्र से कर्ज मांगा, लेकिन नरेंद्र ने कहा, “मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं, लेकिन मैं नसीब को फैक्ट्री में नौकरी दिलवा सकता हूँ।” तमन्ना को बात पसंद आई और वो घर लौट आई।

अगले दिन नरेंद्र नसीब के घर आया और बताया कि रात की शिफ्ट में फैक्ट्री में काम करना होगा, जिसमें 16-17 हजार रुपये महीने मिलेंगे। नसीब ने खुशी-खुशी नौकरी स्वीकार कर ली। अब वो रोज रात 8 बजे फैक्ट्री जाता, सुबह लौटता।

एक महीना बीत गया। तमन्ना अकेलापन महसूस करने लगी। रात को बिस्तर पर लेटती तो पति की कमी खलती। उसने कई बार नसीब से कहा, “तुम मेरे साथ वक्त नहीं बिताते।” लेकिन नसीब थक कर चुप हो जाता।

एक रात तमन्ना ने कहा, “आज घर पर रुक जाओ।” लेकिन नसीब ने मना कर दिया और काम पर चला गया। तमन्ना अब गलत रास्ते पर चलने का सोचने लगी। उसने नरेंद्र को फोन किया, “आज मेरे पति घर नहीं हैं, आ जाओ।” नरेंद्र रात को आया, दोनों के बीच गलत संबंध बन गए। तमन्ना को उससे पैसे भी मिलने लगे और इच्छाएँ भी पूरी होती रहीं।

कुछ दिन यह सिलसिला चलता रहा, लेकिन जब पड़ोसियों को खबर लगी तो नरेंद्र ने दूरी बना ली और दिल्ली नौकरी करने चला गया। तमन्ना फिर अकेली रह गई। उसे एहसास हुआ कि पति के साथ ही जीवन ठीक है।

एक दिन पड़ोसन अक्षरा आई। तमन्ना ने अपनी परेशानी बताई कि पति से संबंध बनाते वक्त वो संतुष्ट नहीं होती। अक्षरा ने कुछ दवाइयों और इंजेक्शन का सुझाव दिया। तमन्ना ने मेडिकल स्टोर से दवाइयाँ और इंजेक्शन खरीदे। रात को पति को इंजेक्शन देने का निर्णय लिया।

शाम को नसीब घर लौटा। तमन्ना ने कहा, “आज बाहर मत जाओ, मैं तुम्हारे लिए दवाइयाँ लाई हूँ।” नसीब ने पहले मना किया, लेकिन तमन्ना के दबाव में इंजेक्शन लगवा लिया। 20-25 मिनट बाद दोनों ने संबंध बनाए, लेकिन तमन्ना संतुष्ट नहीं हुई। उसने दूसरा इंजेक्शन देने की कोशिश की, नसीब ने मना किया, लेकिन आखिरकार मान गया।

दूसरा इंजेक्शन लगने के बाद कुछ देर में नसीब की तबीयत बिगड़ने लगी। उसकी सांसें फूलने लगीं, दिल की धड़कन तेज हो गई। तमन्ना घबरा गई। उसने पड़ोसी राजेश को बुलाया। राजेश ने अपनी गाड़ी निकाली और नसीब को अस्पताल ले गया।

डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया। तमन्ना ने डॉक्टर को सच बताया कि पति को इंजेक्शन दिए थे ताकि संबंध बेहतर हो सके। डॉक्टरों ने कहा, “यह ओवरडोज है, बहुत खतरनाक है।” इलाज के दौरान ही नसीब ने दम तोड़ दिया।

तमन्ना फूट-फूटकर रोने लगी। उसने डॉक्टर के सामने स्वीकार किया, “मैंने ही अपने पति को मजबूर किया, मेरी गलती से उसकी जान चली गई।” पति का पार्थिव शरीर गाँव लाया गया, अंतिम संस्कार हुआ।

यह घटना जब सोशल मीडिया पर फैली तो लोग सोचने लगे कि एक महिला की एक गलती पति की जान ले सकती है। तमन्ना की गलती ने उसके जीवन को बदल दिया। वह पछतावे में डूब गई, लेकिन अब कुछ नहीं कर सकती थी।

सीख:
कभी-कभी छोटी-सी गलती भी जीवन में बड़ा हादसा ला सकती है। रिश्तों में धैर्य और समझ जरूरी है। दवाइयों का बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल जानलेवा हो सकता है। हमेशा सतर्क रहें।