एक गाना जो किस्मत बदल गया
उदयपुर की सर्द रातों में एक अलग ही शान होती है—झीलों पर तैरती ठंडी हवा, महलों की सुनहरी रोशनी और शाही ठाठ का एहसास। लेकिन उस रात पिछोला झील के किनारे बसे रॉयल हेरिटेज पैलेस में जो होने वाला था, वह सिर्फ एक शादी का जश्न नहीं, बल्कि किस्मत का मोड़ था।
यह संगीत समारोह था देश के बड़े उद्योगपति हर्षवर्धन सिंघानिया की बेटी अनन्या की शादी का। शहर के नामी लोग, राजनेता, फिल्मी हस्तियां—सब मौजूद थे। हजारों झूमर चमक रहे थे, फूलों की खुशबू हवा में घुली थी और हर कोई उस खास पल का इंतज़ार कर रहा था—जब मशहूर गायिका शनाया स्टेज पर आएंगी।
अनन्या का सपना था कि उसकी एंट्री शनाया के लाइव गाने पर हो। हर्षवर्धन ने लाखों रुपये देकर उसे बुक किया था।
लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था।

धोखे की खबर
समारोह शुरू होने ही वाला था कि मैनेजर खन्ना घबराया हुआ हर्षवर्धन के पास आया।
“साहब… शनाया नहीं आएंगी।”
“क्या मतलब?”
“उन्होंने आखिरी वक्त पर दिल्ली के एक बड़े फंक्शन के लिए हामी भर दी… वहां उन्हें तीन गुना पैसे मिले।”
हर्षवर्धन का चेहरा तमतमा गया।
इज्जत, प्रतिष्ठा, मेहमान—सब दांव पर था।
स्टेज खाली था।
समय निकल रहा था।
फुसफुसाहटें शुरू हो गई थीं।
पीछे की दुनिया
उसी पैलेस के पिछले हिस्से में, जहां गंदे बर्तन और साबुन का झाग था, 13 साल का राघव अपनी मां के साथ काम कर रहा था।
उसके पिता लोकगायक थे।
कबीर भजन और सूफी कलाम गाते थे।
उन्होंने ही राघव को सुर सिखाए थे।
लेकिन पिता की मौत के बाद तानपुरे की जगह उसके हाथों में बर्तन आ गए।
फिर भी वह गुनगुनाना नहीं भूला था।
जब उसने सुना कि गायिका नहीं आ रही और साहब की इज्जत खतरे में है—उसके भीतर कुछ जागा।
उसे पिता की आवाज याद आई—
“संगीत से बड़ा सहारा कोई नहीं।”
एक हिम्मत
गीले हाथ, मैली कमीज और कांपता दिल लेकर वह हॉल की तरफ बढ़ा।
गार्ड ने रोका।
डांटा।
अपमान किया।
लेकिन वह किसी तरह हर्षवर्धन तक पहुंच गया।
धीरे से बोला—
“साहब… यह गाना मैं गा सकता हूं।”
पहले तो सब हंस पड़े।
रिश्तेदार ताने मारने लगे।
लेकिन राघव ने आंखों में आंख डालकर कहा—
“सुर अमीर-गरीब नहीं देखते।”
अनन्या की नम आंखें देखकर हर्षवर्धन ने रिस्क लिया।
“एक मौका। बस एक।”
जादू का पहला सुर
राघव स्टेज पर पहुंचा।
स्पॉटलाइट उसकी फटी कमीज पर पड़ी।
लोगों के चेहरों पर तिरस्कार था।
उसने आंखें बंद कीं।
पिता को याद किया।
और पहला सुर लगाया।
और…
पूरा माहौल बदल गया।
आवाज में दर्द था।
सच्चाई थी।
रूह थी।
लोग चुप हो गए।
खाना खाते हाथ रुक गए।
फुसफुसाहट खत्म।
गाना खत्म हुआ—
तो पूरा हॉल खड़ा था।
तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।
कुछ लोग रो रहे थे।
इज्जत से आगे की सीख
अनन्या स्टेज पर आई और राघव को गले लगा लिया।
हर्षवर्धन ने माइक उठाया—
“आज इस बच्चे ने मेरी इज्जत नहीं, मेरी सोच बदल दी। हुनर किसी हैसियत का मोहताज नहीं।”
उन्होंने राघव की पढ़ाई और संगीत की पूरी जिम्मेदारी उठाने का ऐलान किया।
एक बड़े म्यूजिक डायरेक्टर ने उसी वक्त उसे फिल्म का ऑफर दिया।
कोने में खड़ी उसकी मां सुमित्रा रो रही थी—
लेकिन इस बार खुशी से।
किस्मत का मोड़
अगले दिन अखबारों में खबर थी—
“बर्तन धोने वाले लड़के ने जीत लिया दिल।”
शनाया की बेईमानी फैल गई।
उसका करियर डगमगा गया।
राघव का पहला गाना रिलीज हुआ—
और वह रातोंरात स्टार बन गया।
लेकिन…
वह नहीं भूला कि वह कहां से आया है।
आज भी जब सिंघानिया परिवार में कोई समारोह होता—
वह आता जरूर है।
लेकिन अब
पीछे के दरवाजे से नहीं,
मुख्य अतिथि बनकर सामने से।
सीख
कभी-कभी जिंदगी मौका नहीं देती—
बस एक दरवाजा खोलती है।
और जो हिम्मत कर ले—
वही अपनी किस्मत लिख देता है।
News
रनवे का लड़का और आसमान का वारिस
रनवे का लड़का और आसमान का वारिस भारत के सबसे व्यस्त और आधुनिक हवाई अड्डों में से एक के प्राइवेट…
हवाई जहाज साफ़ करने वाले बच्चे ने कैसे ठीक कर दिया 500 करोड़ का इंजन… जानकर हैरान रह जाओगे! 😱✈️”
रनवे का लड़का और आसमान का वारिस भारत के सबसे व्यस्त और आधुनिक हवाई अड्डों में से एक के प्राइवेट…
लड़का बोला – “गिरीश का गाना सुना है?” सेठ ने सबके सामने 50 करोड़ ऑफर कर दिए! 😳💰
एक गाना जो किस्मत बदल गया उदयपुर की सर्द रातों में एक अलग ही शान होती है—झीलों पर तैरती ठंडी…
DSP ने जिस पत्नी का अंतिम संस्कार किया… वही बच्चा गोद में लिए सामने खड़ी थी 😱
आग, धोखा और एक अधूरा प्यार यह कहानी सिर्फ एक डीएसपी की नहीं है। यह कहानी है एक पति की,…
ओहदे से बड़ा इंसान
ओहदे से बड़ा इंसान पटना में गंगा किनारे बसी एक छोटी बस्ती में विकास रहता था। साधारण घर, साधारण नौकरी…
नौकरी के इंटरव्यू में आई लड़की से करोड़पति बोला—मेरी पत्नी बन जाओ… आगे जो हुआ, सोच भी नहीं सकते
ओहदे से बड़ा इंसान पटना में गंगा किनारे बसी एक छोटी बस्ती में विकास रहता था। साधारण घर, साधारण नौकरी…
End of content
No more pages to load





