पत्नी पति की हरकतों से हो गई थी परेशान फिर उसने उठाया ऐसा कदम की सभी के होश उड़ गए।

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लालच, अविश्वास और अंधविश्वास ने छीनी एक किसान की जान – गाजियाबाद की दर्दनाक घटना

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के एक छोटे से गांव में घटी एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यह घटना केवल एक हत्या की कहानी नहीं है, बल्कि यह लालच, अविश्वास, अवैध संबंधों और अंधविश्वास का ऐसा जाल है जिसने एक परिवार को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। इस घटना में एक पत्नी ने अपनी पड़ोसन के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी और उसके शव के टुकड़े कर घर के आंगन में दफनाने की कोशिश की। लेकिन एक पड़ोसी की सतर्कता के कारण यह सारा मामला उजागर हो गया।

किसान जगमोहन सिंह का परिवार

गाजियाबाद जिले के एक गांव में रहने वाले जगमोहन सिंह एक मेहनती किसान थे। उनके पास लगभग 18 एकड़ जमीन थी और वे खेती करके अच्छी खासी कमाई कर लेते थे। गांव में उनकी पहचान एक संपन्न किसान के रूप में थी। परिवार में उनकी पत्नी सीमा देवी थी, जो घर का काम संभालती थी।

हालांकि, सीमा देवी को घर के कामकाज में ज्यादा रुचि नहीं थी। वह अक्सर अपने पति से कहती रहती थी कि घर में एक नौकरानी रख ली जाए ताकि उसे ज्यादा काम न करना पड़े। लेकिन जगमोहन का मानना था कि घर के काम खुद ही करने चाहिए और इसके लिए नौकरानी रखने की जरूरत नहीं होती।

समय के साथ जगमोहन के जीवन में भी बदलाव आने लगा। अच्छी कमाई और आरामदायक जीवन ने उसके स्वभाव में ढीलापन ला दिया। गांव में वह अन्य महिलाओं की तरफ आकर्षित होने लगा। यही आदत आगे चलकर उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती साबित हुई।

नौकरानी की तलाश और गायत्री का घर में आना

15 अक्टूबर 2025 की सुबह सीमा देवी ने अपने पति से साफ शब्दों में कहा कि अगर घर में नौकरानी नहीं रखी गई तो वह मायके चली जाएगी। पत्नी की इस जिद के बाद जगमोहन मजबूर हो गया और नौकरानी की तलाश में निकल पड़ा।

पूरे दिन खोजने के बाद भी उसे कोई काम करने वाली महिला नहीं मिली। शाम को जब वह घर लौटा तो उसकी पड़ोसन गायत्री उसके घर आई। गायत्री ने बताया कि उसका बेटा बीमार है और उसे तुरंत 6000 रुपये की जरूरत है।

यह सुनकर जगमोहन के मन में एक विचार आया। उसने गायत्री से कहा कि वह उसे 6000 रुपये दे सकता है, लेकिन बदले में उसे उसके घर में काम करना होगा। साथ ही उसने हर महीने 15,000 रुपये देने का भी प्रस्ताव रखा।

इतनी अच्छी तनख्वाह सुनकर गायत्री तुरंत तैयार हो गई। अगले ही दिन से वह जगमोहन के घर में काम करने लगी।

अवैध संबंधों की शुरुआत

समय बीतने के साथ जगमोहन का ध्यान गायत्री की तरफ आकर्षित होने लगा। वह किसी भी कीमत पर उसे हासिल करना चाहता था।

30 अक्टूबर 2025 को सीमा देवी को अपनी मां की तबीयत खराब होने की खबर मिली और वह मायके चली गई। यह मौका जगमोहन के लिए जैसे किसी अवसर से कम नहीं था।

अगले दिन जब गायत्री काम करने आई तो जगमोहन ने घर का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया और उससे अपने मन की बात कह दी। उसने गायत्री को पैसे देने का लालच दिया और उसके साथ समय बिताने की इच्छा जताई।

गायत्री भी पैसे के लालच में तैयार हो गई। उस दिन दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए। इसके बाद यह सिलसिला लगातार कई दिनों तक चलता रहा।

दोस्त प्रेम सिंह की एंट्री

एक दिन शराब पीते समय जगमोहन ने अपने दोस्त प्रेम सिंह को गायत्री के बारे में सब कुछ बता दिया। यह सुनकर प्रेम सिंह भी लालच में आ गया और उसने भी गायत्री के साथ समय बिताने की इच्छा जताई।

इसके बाद दोनों दोस्तों ने मिलकर गायत्री को रात में घर बुलाया और पैसे देकर उसके साथ संबंध बनाए। यह सिलसिला कई रातों तक चलता रहा।

पड़ोसन दिव्या को हुआ शक

इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली दिव्या ने कई बार रात में गायत्री को जगमोहन के घर जाते देखा। उसे शक हुआ और उसने यह बात सीमा देवी को बताने का फैसला किया।

जब 4 नवंबर 2025 को सीमा देवी मायके से वापस लौटी तो दिव्या ने उसे पूरी बात बता दी। हालांकि शुरुआत में सीमा को इस बात पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन उसके मन में शक जरूर पैदा हो गया।

सच्चाई का खुलासा

एक रात सीमा ने अपने पति का पीछा किया और उसे गायत्री के घर जाते हुए देख लिया। इससे उसे पूरी सच्चाई पता चल गई।

जब उसने इस बारे में पति से सवाल किया तो जगमोहन ने उल्टा उसे धमकी दे दी कि वह उसे छोड़कर गायत्री से शादी भी कर सकता है।

यह बात सुनकर सीमा बेहद आहत और परेशान हो गई।

अंधविश्वास का सहारा

सीमा ने अपनी पड़ोसन दिव्या से सलाह मांगी। दिव्या ने उसे एक अजीब और अंधविश्वासी उपाय बताया। उसने कहा कि अगर वह अपने पति को एक महीने तक घोड़े का पेशाब पिलाएगी तो उसका पति उस औरत के चक्कर से बाहर आ जाएगा।

सीमा ने इस बात पर विश्वास कर लिया और एक महीने तक किसी न किसी तरह अपने पति को वह चीज पिलाती रही। लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ।

हत्या की साजिश

जब सीमा को लगा कि अब उसका पति पूरी तरह गायत्री के प्रभाव में है और वह अपनी संपत्ति भी उसके नाम कर सकता है, तब उसने एक खौफनाक फैसला लिया।

4 दिसंबर 2025 को उसने अपनी पड़ोसन दिव्या के साथ मिलकर पति की हत्या की योजना बनाई। इसके बदले उसने दिव्या को 5 लाख रुपये देने का वादा किया।

हत्या की वारदात

उस रात करीब 9 बजे जगमोहन शराब पीकर घर आया और खाना खाकर सो गया। रात करीब 10 बजे सीमा और दिव्या धारदार हथियार लेकर कमरे में पहुंचे।

सबसे पहले उन्होंने उसका गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसके शव के टुकड़े कर दिए और उन्हें बोरी में भर दिया।

पड़ोसी की सतर्कता से खुला राज

जब दोनों महिलाएं घर के आंगन में गड्ढा खोदकर शव को दफनाने की कोशिश कर रही थीं, तभी सामने वाले घर में रहने वाले संजय ने यह सब देख लिया।

संजय को शक हुआ और वह तुरंत नीचे आ गया। जब उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए।

जब बोरी खोली गई तो उसमें शव के टुकड़े देखकर सब दंग रह गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस कार्रवाई

करीब आधे घंटे में पुलिस मौके पर पहुंच गई। पूछताछ के बाद सीमा और दिव्या को गिरफ्तार कर लिया गया।

थाने में सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया।

सीमा ने बताया कि उसके पति का किसी दूसरी महिला के साथ संबंध था और उसे डर था कि वह सारी संपत्ति उसी महिला को दे देगा। इसी डर और गुस्से में उसने यह कदम उठाया।

समाज के लिए सबक

यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है। अवैध संबंध, लालच और अंधविश्वास किसी भी परिवार को बर्बाद कर सकते हैं।

अगर इस मामले में समय रहते संवाद और समझदारी से काम लिया जाता, तो शायद एक परिवार टूटने से बच सकता था और एक व्यक्ति की जान भी नहीं जाती।

आज जगमोहन सिंह की मौत केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि यह उस सोच का परिणाम है जिसमें लोग समस्याओं का समाधान बातचीत की बजाय गलत रास्तों से ढूंढने लगते हैं।

पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब आगे का फैसला अदालत के हाथ में है।