CM Rekha Gupta EXCLUSIVE: Atal Canteen को लेकर क्या बोलीं CM Rekha Gupta? | Sweta Singh

“दिल्ली में कोई भूखा न सोए”: अटल कैंटीन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चखा ₹5 की थाली का स्वाद, बताया अपना मास्टर प्लान

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अटल कैंटीन’ (Atal Canteen) योजना को लेकर अपना विजन स्पष्ट किया है। एक विशेष इंटरव्यू के दौरान, उन्होंने न केवल कैंटीन के भोजन की गुणवत्ता को परखा, बल्कि यह भी बताया कि कैसे यह योजना दिल्ली के गरीब और मेहनतकश वर्ग के लिए ‘सम्मान की थाली’ साबित हो रही है।

₹5 में भरपेट भोजन: केवल सियासत या सेवा?

जब मुख्यमंत्री से पूछा गया कि ₹5 की मामूली कीमत क्यों रखी गई है, तो उन्होंने बहुत ही व्यावहारिक उत्तर दिया। रेखा गुप्ता ने कहा:

“यह ₹5 केवल इसलिए लिए जा रहे हैं ताकि भोजन करने वाला व्यक्ति इसे भीख न समझे, बल्कि सम्मान (Dignity) के साथ भोजन ले सके। साथ ही, इससे भोजन की बर्बादी (Waste) भी नहीं होती।”

उन्होंने बताया कि दिल्ली में रोजाना लाखों मजदूर, छात्र, मरीज और बुजुर्ग आते हैं जिनके पास खाना बनाने का समय या संसाधन नहीं होते। सरकार का लक्ष्य रोजाना 1 लाख लोगों को पौष्टिक और घर जैसा भोजन कराना है। कैंटीन में साफ-सफाई, पंखे, लाइट और स्टील की थालियों की व्यवस्था की गई है, जिससे एक सुखद अनुभव मिलता है।

रेखा गुप्ता का ‘रैपिड फायर’: भ्रष्टाचार के खिलाफ लक्ष्मण रेखा

इंटरव्यू के दौरान एक दिलचस्प ‘रैपिड फायर’ राउंड हुआ, जहाँ मुख्यमंत्री ने अपने नाम से जुड़े शब्दों के जरिए दिल्ली की राजनीति पर बात की:

ईमानदारी की रेखा: उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके प्रशासन में ‘भ्रष्टाचार’ के लिए कोई जगह नहीं है। ईमानदारी ही वह लक्ष्मण रेखा है जिसे वे कभी नहीं लांघेंगी।
विजय रेखा 2025: इसे उन्होंने भाजपा की जीत से ज्यादा ‘जनता के विश्वास की रेखा’ बताया।
भाग्य रेखा: उनके अनुसार दिल्ली की भाग्य रेखा यमुना या सड़कों से नहीं, बल्कि सरकार द्वारा लिए गए ‘असरदार और साहसी निर्णयों’ से तय होगी।

दिल्ली का विजन 2030: स्मार्ट और साफ सिटी

मुख्यमंत्री ने अपनी भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए कहा कि वे दिल्ली के हर सिस्टम को ‘ऑटोमेटेड और डिजिटलाइज्ड’ करना चाहती हैं। उनका मानना है कि जब सिस्टम डिजिटल होगा, तो भ्रष्टाचार की गुंजाइश अपने आप खत्म हो जाएगी।

जब उनसे पूछा गया कि उन्हें क्या सुनना ज्यादा पसंद है—”दिल्ली की बेटी” या “दिल्ली की मुख्यमंत्री”? तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा:

“दिल्ली की बेटी और दिल्ली की बहन। दिल्ली मेरा परिवार है और मैं हर व्यक्ति से आत्मा के स्तर पर जुड़ी हूँ।”

निष्कर्ष: वादों की ‘पत्थर की लकीर’

रेखा गुप्ता ने अपनी ‘डेडलाइन्स’ (Deadlines) को लेकर कहा कि ये केवल कहने भर के लिए नहीं हैं, बल्कि ये उनके लिए ‘लक्ष्य रेखा’ (Goal Line) की तरह हैं। उन्होंने दिल्ली की जनता को विश्वास दिलाया कि 2030 तक दिल्ली एक ऐसी ‘स्मार्टली साफ सिटी’ बनेगी जो हर दिल्लीवासी के दिल को खुश कर देगी।

कैंटीन से निकलते हुए उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि उनकी सरकार का मूल मंत्र “तेरा तुझको अर्पण” है, यानी जनता की दी हुई जिम्मेदारी जनता की सेवा में ही समर्पित है।

ब्यूरो रिपोर्ट: श्वेता सिंह के साथ विशेष बातचीत

दिनांक: 24 फरवरी, 2026