दो पुजारियों ने मंदिर में कर दिया कारनामा/महिला के साथ हुआ बहुत बड़ा हादसा/

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कुलदीप राणा की रिपोर्ट: एक अजीब घटना की कहानी – पुजारी और महिला के बीच हुए घिनौने खेल का पर्दाफाश

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले का खंदावली गांव एक शांत सा स्थान था, जहां का माहौल अब तक सामान्य था। लेकिन इसी गांव में एक ऐसी घटना घटी जिसने सभी को हिलाकर रख दिया। इस घटना में एक पुजारी ने न सिर्फ एक महिला का शारीरिक शोषण किया, बल्कि उसका मित्र भी इसमें शामिल हुआ। यह एक भयावह और संवेदनशील मामला था, जो समाज में अंधविश्वास और भ्रष्टाचार के प्रभाव को उजागर करता है। यह घटना एक बार फिर से यह साबित करती है कि हमारी समाज में कहीं न कहीं, लोग अपनी शक्ति का गलत इस्तेमाल करते हैं।

घटना की शुरुआत

यह कहानी शुरू होती है खंदावली गांव में रहने वाले अमन सिंह और उनकी पत्नी कोमल देवी से। अमन सिंह मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी पत्नी कोमल देवी भी एक घर का कामकाजी महिला थी, लेकिन उनका एक दुख था, जो उनके जीवन को हमेशा परेशान करता था – वे दोनों संतान सुख से वंचित थे। 10 साल की शादी के बावजूद उनका कोई बच्चा नहीं हुआ था, जिससे वे मानसिक तनाव में रहते थे। कई बार इस कारण उनकी पतिव्रता में भी विवाद होते थे।

एक दिन 8 जनवरी 2026 को कोमल देवी और अमन सिंह ने अपने जीवन की सबसे महत्वपूर्ण बैठक की योजना बनाई। वे दोनों एक डॉक्टर से मिलने के लिए तय करते हैं, ताकि यह पता चल सके कि वे क्यों संतान नहीं पा रहे हैं। डॉक्टर से चेकअप के बाद डॉक्टर ने बताया कि अमन सिंह की शारीरिक कमजोरी के कारण उनके लिए पिता बनना मुमकिन नहीं था।

कोमल देवी की घबराहट और पुजारी से मुलाकात

यह खबर सुनते ही कोमल देवी परेशान हो जाती हैं, और डॉक्टर के पास से लौटते वक्त वह एक मानसिक उथल-पुथल का सामना करती हैं। एक दिन लता, जो कोमल की अच्छी सहेली थी, उससे मिलने आई। लता ने उसे मंदिर में जाने की सलाह दी, और कहा कि भगवान में आस्था रखने से सभी समस्याएं हल हो सकती हैं। कोमल देवी ने लता की सलाह मानी और मंदिर जाने का फैसला किया।

तभी एक और अजीब घटना घटती है। गांव के मंदिर का पुजारी प्रेम सिंह, जो हमेशा महिलाओं पर बुरी नजर रखता था, एक दिन कोमल देवी के घर आता है। वह कोमल से दान मांगता है और बाद में उसका शारीरिक शोषण करता है। पुजारी प्रेम सिंह कोमल की कमजोरी का फायदा उठाता है और उसे नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ गलत काम करता है। कोमल देवी बेहोश हो जाती है, और उसे कुछ भी याद नहीं रहता।

अमान सिंह का शक और पर्दाफाश

कोमल देवी को जैसे ही होश आता है, वह महसूस करती है कि कुछ गलत हुआ है। उसने अपने पति अमन सिंह को इस घटना के बारे में बताया, लेकिन अमन सिंह ने इसे हल्के में लिया और कहा कि पुजारी ने उसे जरूर कमरे में ले जाकर आराम कराया होगा। लेकिन कोमल को मन ही मन यह शक था कि पुजारी ने कुछ गलत किया है।

अगली सुबह कोमल देवी मंदिर में पुजारी से मिलती है और उसे अपने शंका की बात बताती है। पुजारी भी इसे स्वीकार करता है और कहता है कि उसने उसे सिर्फ आराम दिया था, लेकिन कोमल को फिर भी संदेह था। इस बीच, पुजारी ने अपने दोस्त सागर को भी इस घटना में शामिल किया और सागर के साथ मिलकर कोमल का शारीरिक शोषण किया।

सागर और प्रेम सिंह की शर्मनाक करतूत

पुजारी प्रेम सिंह और उसका दोस्त सागर दोनों मिलकर कोमल देवी का शारीरिक शोषण करते हैं। वे उसे नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर देते हैं, और उसके साथ गंदे काम करते हैं। इसके बाद, दोनों ने कोमल के घर के दरवाजे को बंद कर दिया और शोषण की क्रिया जारी रखी।

लेकिन इस घटना का पर्दाफाश उस वक्त हुआ जब लता देवी ने उनकी बातों को सुना। लता देवी ने घर में जाकर कोमल के कपड़े अस्त-व्यस्त देखे और तुरंत समझ लिया कि कुछ गलत हुआ है। उसने सागर और पुजारी को रंगे हाथ पकड़ा।

अमन सिंह का जवाबी हमला और पुलिस की कार्रवाई

लता देवी ने अमन सिंह को यह सारी बातें बताईं, और अमन सिंह ने अपने दो दोस्तों के साथ पुजारी और सागर को पकड़ लिया। इन दोनों की पिटाई की गई और फिर पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पुजारी और सागर को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ केस दर्ज किया।

प्रेम सिंह ने पुलिस के सामने अपने जुर्म कबूल कर लिए और बताया कि उसने और सागर ने कई महिलाओं का शारीरिक शोषण किया था। इसके बाद पुलिस ने चार्जशीट दायर की और मामला अदालत में भेजा गया।

नैतिक शिक्षा और चेतावनी

यह घटना एक गंभीर संदेश देती है कि किसी भी समाज में भ्रष्टाचार और अंधविश्वास का किस हद तक प्रभाव हो सकता है। महिलाओं के शोषण और असमर्थता का फायदा उठाकर समाज के कुछ लोग अपनी इच्छाओं को पूरा करते हैं। यह घटना हमें यह सिखाती है कि हमें हर समय सजग और सतर्क रहना चाहिए, ताकि हम किसी गलत कार्य का शिकार न बनें।

अंत में, यह कहानी यह भी बताती है कि एक मजबूत और जागरूक समाज में बुराई का सामना करना आसान होता है, और न्याय की प्राप्ति संभव होती है।