पति को गरीब समझकर दिया तलाक, पर वो निकला शहर का सबसे बड़ा अरबपति!

विहान सिंघानिया: पहचान का खेल और धोखेबाज पत्नी की बर्बादी

अध्याय 1: एक रहस्यमयी योजना

मेहरा, सिंघानिया बिल्डर्स के सबसे वफादार मैनेजर, अपने बॉस विहान सिंघानिया के सामने खड़े थे। विहान, जो शहर के सबसे आलीशान बंगले के बजाय एक साधारण से फ्लैट में रह रहा था, खिड़की से बाहर देख रहा था।

“मेहरा, कल पूरी दुनिया जान जाएगी कि असली विहान सिंघानिया कौन है। कल मैं रिया को अपनी असलियत बताऊंगा,” विहान ने दृढ़ स्वर में कहा।

विहान देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी, सिंघानिया बिल्डर्स का मालिक था। लेकिन पिछले 3 सालों से उसने अपनी यह पहचान अपनी पत्नी रिया से छुपा कर रखी थी। वह रिया के साथ एक मामूली स्ट्रगलिंग सिविल इंजीनियर बनकर रह रहा था। उसका मकसद यह देखना था कि क्या रिया उसे उसके पैसे के बिना भी प्यार कर सकती है?

“लेकिन सर,” मेहरा ने झिझकते हुए कहा, “रिया मैडम तो आज भी यही समझती हैं कि आप एक मामूली कर्मचारी हैं। कल आपकी शादी की तीसरी सालगिरह है, क्या आप तैयार हैं?”

विहान मुस्कुराया, “कल हमारी सालगिरह है मेहरा। मैं उसे बताऊंगा कि मैं ही वह विहान सिंघानिया हूँ जिससे मिलने के लिए वह दिन-रात कोशिश कर रही है। मैं उसे वह खानदानी अंगूठी दूँगा जो पूरी दुनिया में इकलौती है।”

अध्याय 2: गार्डन रेस्टोरेंट और टूटता हुआ सपना

अगले दिन विहान हाथ में गुलाब का गुलदस्ता लिए गार्डन रेस्टोरेंट में रिया का इंतजार कर रहा था। उसके पास अपनी माँ की दी हुई वह बेशकीमती अंगूठी थी, जिसमें एक दुर्लभ पत्थर लगा था।

उसी रेस्टोरेंट के दूसरे कोने में जोया कपूर, कपूर इंडस्ट्रीज की सीईओ और देश की सबसे अमीर लड़कियों में से एक, अपनी दोस्त ईशा से परेशान होकर बात कर रही थी। जोया की सौतेली माँ उसकी शादी जबरदस्ती कबीर नाम के एक चालाक लड़के से कराना चाहती थी ताकि कंपनी पर कब्जा कर सके।

“ईशा, मुझे बस एक साल के लिए एक ‘कॉन्ट्रैक्ट हस्बैंड’ चाहिए, ताकि मैं इस कबीर से बच सकूँ,” जोया ने कहा।

तभी रिया रेस्टोरेंट में दाखिल हुई। उसके चेहरे पर सालगिरह की कोई खुशी नहीं थी। विहान मुस्कुराकर आगे बढ़ा, “रिया, सालगिरह मुबारक! ये देखो…”

“यह सब ड्रामा बंद करो विहान!” रिया ने चिल्लाकर उसे बीच में ही रोक दिया। उसने मेज पर कुछ कागजात पटक दिए। “इन डिवोर्स पेपर्स पर साइन कर दो।”

विहान सन्न रह गया। पास खड़ी जोया यह सुनकर चौंक गई। “डिवोर्स? पर क्यों रिया?” विहान की आवाज़ कांप रही थी।

“प्यार से पेट नहीं भरता विहान!” रिया ने नफरत से कहा। “तुम एक मामूली इंजीनियर हो जो 3 साल से मेरे पैसों पर पल रहे हो। मुझे आज सिंघानिया ग्रुप से सेवन स्टार होटल का कॉन्ट्रैक्ट मिल गया है, और यह मुझे मेरे बॉयफ्रेंड ‘शिवाय’ ने दिलवाया है। वह मुझे वह सब दे सकता है जो तुम कभी नहीं दे पाए।”

विहान को अब समझ आया कि जिसे वह अपनी दुनिया मान रहा था, वह केवल पैसों की भूखी थी। उसने आखिरी बार सच बताने की कोशिश की, “रिया, वह कॉन्ट्रैक्ट तुम्हें शिवाय ने नहीं, मैंने दिलवाया है। मैं हूँ उस कंपनी का मालिक— विहान सिंघानिया!”

रिया ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगी। “लगता है गरीबी ने तुम्हारा दिमाग खराब कर दिया है। तुम और चेयरमैन? तुम जैसे मामूली लोग मिस्टर सिंघानिया के जूतों के बराबर भी नहीं हैं।”

अध्याय 3: अपमान की पराकाष्ठा

तभी शिवाय की एंट्री हुई। उसने विहान को धक्का दिया और रिया को अपनी बाहों में भर लिया। “रिया, इस लूजर के साथ वक्त बर्बाद मत करो।”

शिवाय ने अपनी जेब से ₹500 का नोट निकाला और विहान की जेब में ठूंस दिया। “ये लो, तलाक देने की खुशी में मेरी तरफ से टिप। कम से कम कल के खाने का इंतज़ाम हो जाएगा।”

विहान ने रिया की आँखों में देखा, जहाँ कभी प्यार हुआ करता था, आज वहाँ सिर्फ घमंड था। उसने कांपते हाथों से पेन उठाया और कागजों पर साइन कर दिए। रिया ने विहान के लाए हुए गुलाबों को जमीन पर फेंक कर अपने सैंडल से कुचल दिया और शिवाय के साथ चली गई।

जोया कपूर, जो यह सब देख रही थी, विहान के पास आई। “जो हुआ वह गलत था। उस औरत ने तुम्हारी कदर नहीं की। क्या तुम मुझसे शादी करोगे? एक कॉन्ट्रैक्ट मैरिज। मैं तुम्हें हर महीने ₹50 लाख दूँगी।”

विहान ने जोया की आँखों में देखा। उसे लगा कि रिया को सबक सिखाने के लिए यह सबसे अच्छा रास्ता है। “ठीक है जोया, मुझे यह सौदा मंज़ूर है।”

अध्याय 4: सिंघानिया की वापसी

अगली रात शहर के सबसे बड़े सेवन स्टार होटल में एक ग्रैंड पार्टी थी। रिया और शिवाय बड़े गर्व से वहाँ पहुँचे। उन्हें लग रहा था कि मिस्टर सिंघानिया आज रिया के नाम की घोषणा करेंगे।

जैसे ही वे गेट पर पहुँचे, उन्होंने देखा कि विहान और जोया भी वहाँ हैं। सुरक्षा गार्ड ने विहान को रोका, “ओए भिखारी, पीछे हट!”

तभी होटल का मैनेजर दौड़ता हुआ बाहर आया। रिया को लगा कि विहान को पुलिस के हवाले किया जाएगा। लेकिन मैनेजर सीधा जोया के सामने झुका, “मैम, आई एम सो सॉरी! हमें नहीं पता था कि कपूर इंडस्ट्रीज की सीईओ यहाँ हैं। आपका स्वागत है।”

रिया के हाथ से उसका वाइन का गिलास गिर गया। विहान और जोया शान से अंदर चले गए।

पार्टी के बीच में सिंघानिया ग्रुप के पीए (PA) स्टेज पर आए। “मिस्टर सिंघानिया आज अपनी पहचान ज़ाहिर करने वाले हैं। लेकिन उससे पहले— रिया की कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट तत्काल प्रभाव से कैंसिल किया जाता है!”

हॉल में सन्नाटा छा गया। रिया चीखने लगी, “नहीं! यह नहीं हो सकता!”

पीए ने आगे कहा, “और मिस्टर सिंघानिया ने मिस जोया कपूर के साथ एक बहुत बड़ी पार्टनरशिप का फैसला किया है, जो उनकी शादी का वेडिंग गिफ्ट है। अब स्वागत कीजिए, सिंघानिया ग्रुप के चेयरमैन— मिस्टर विहान सिंघानिया!

सारी लाइटें विहान पर जा गिरीं। विहान, जो अब तक साधारण कपड़ों में था, स्टेज पर चढ़ गया। उसका रुतबा देख रिया के पैरों तले ज़मीन खिसक गई।

अध्याय 5: अंतिम न्याय

विहान ने माइक संभाला। “रिया, तुमने पैसों के लिए हमारे 3 साल के रिश्ते को कचरा समझकर फेंक दिया। तुमने मुझे उस शिवाय के लिए छोड़ा जिसकी पूरी हैसियत मेरे एक दिन के मुनाफे से कम है।”

रिया भागती हुई स्टेज के पास पहुँची, उसकी आँखों में मगरमच्छ के आँसू थे। “विहान, मुझे माफ़ कर दो! मुझसे गलती हो गई। मैं तुम्हारी पत्नी हूँ, मुझे एक मौका दो!”

विहान ने नफरत से देखा। जोया स्टेज पर आई और विहान ने उसका हाथ थाम लिया। “तुमने मौका खो दिया रिया। मुझे अब वह मिल गई है जिसने मेरे ‘विहान’ होने से प्यार किया, ‘सिंघानिया’ होने से नहीं।”

विहान ने गार्ड्स को इशारा किया, “इन दोनों को धक्के मार के बाहर निकालो!”

रिया और शिवाय को सबके सामने बेइज्जत करके बाहर फेंक दिया गया। रिया बदहवास होकर सड़क पर गिर पड़ी। उसे अपनी बर्बादी का एहसास हो चुका था। अंदर, विहान ने जोया की आँखों में देखा, जहाँ सिर्फ भरोसा था। मिस्टर सिंघानिया को आखिरकार अपनी असली रानी मिल गई थी।

शिक्षा: जो लोग केवल धन से प्रेम करते हैं, वे अंततः सब कुछ खो देते हैं। सच्चा सम्मान और प्रेम पहचान का मोहताज नहीं होता।