पहली पत्नी का देहांत, 40 अफेयर, राजपाल यादव की काली सच्चाई! Rajpal Yadav Dark Truth

पहली पत्नी का देहांत, 40 अफेयर और जेल: क्या है राजपाल यादव की काली सच्चाई?

बॉलीवुड का वह चेहरा जिसे देखते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती है, जो अपनी छोटी कद-काठी लेकिन बड़ी अदाकारी से सालों से हमें हंसाता आ रहा है—राजपाल यादव। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पर्दे पर सबको लोटपोट कर देने वाले इस अभिनेता की असल जिंदगी किसी बड़ी त्रासदी से कम नहीं रही है?

आजकल इंटरनेट पर राजपाल यादव को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं। कोई कहता है उनके 40 अफेयर थे, तो कोई उन्हें ‘काली सच्चाई’ का हिस्सा बता रहा है। आज हम इन अफवाहों की परतें खोलेंगे और आपको उस राजपाल यादव से मिलवाएंगे जिसने 20 साल की उम्र में अपनी पत्नी को खोया और आज ₹9 करोड़ के कर्ज के कारण जेल की सलाखों के पीछे संघर्ष कर रहा है।

1. 20 साल की उम्र और पहली पत्नी ‘करुणा’ की मौत

राजपाल यादव का जन्म 16 मार्च 1971 को हुआ था। बात आज से करीब 35 साल पुरानी है, जब राजपाल सिर्फ 20 साल के थे। उस वक्त वह शाहजहांपुर में ऑर्डिनेंस क्लोथिंग फैक्ट्री में एक छोटे से कर्मचारी थे। नौकरी लगते ही परिवार ने उनकी शादी ‘करुणा’ नाम की लड़की से करा दी।

शादी के एक साल बाद, 1991 में करुणा गर्भवती हुईं। राजपाल खुश थे, लेकिन किस्मत ने बहुत क्रूर खेल खेला। डिलीवरी के दौरान मेडिकल कॉम्प्लिकेशंस की वजह से करुणा की मौत हो गई। राजपाल को एक तरफ अपनी नन्ही बेटी ‘ज्योति’ के जन्म की खबर मिली और दूसरी तरफ अपनी पत्नी की मौत की।

राजपाल ने एक इंटरव्यू में रोते हुए कहा था:

“कल तक जिसे मिल रहे थे, आज उसे कंधे पर लेकर श्मशान जाना पड़ा। वह दौर बहुत कठिन था।”

2. सिंगल फादर का संघर्ष और 13 साल का सन्नाटा

पत्नी की मौत के बाद राजपाल टूट गए थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने 13 साल तक अकेले अपनी बेटी ज्योति को पाला। इस दौरान उन्होंने अपनी एक्टिंग की भूख को शांत करने के लिए लखनऊ की ‘भारतेंदु नाट्य अकादमी’ और फिर दिल्ली के ‘नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा’ (NSD) में दाखिला लिया। 1991 से 2003 तक वह एक सिंगल फादर रहे और इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए कड़ा संघर्ष किया।

3. क्या सच में थे 40 अफेयर? अफवाहों का सच

इंटरनेट पर ’40 अफेयर’ वाली खबर जो वायरल हो रही है, वह पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठी है। राजपाल यादव के जीवन को खंगालने पर पता चलता है कि वह हमेशा एक ‘डेडिकेटेड फैमिली मैन’ रहे हैं।

1991 से 2003 तक (12 साल) वह अकेले रहे।
2001 में उनकी मुलाकात कनाडा में राधा से हुई।
2003 में उन्होंने राधा से शादी की।

इन 35 सालों में कभी भी उनके किसी अफेयर या एक्स्ट्रा-मैरिटल स्कैंडल की कोई पुख्ता खबर नहीं आई। ’40 अफेयर’ की हेडलाइन सिर्फ व्यूज बटोरने के लिए फैलाई गई एक मनगढ़ंत अफवाह है।

4. राधा यादव: एक कनाडियन लड़की जो ‘गांव की बहू’ बनी

साल 2001 में फिल्म ‘द हीरो’ की शूटिंग के दौरान राजपाल की मुलाकात कनाडा में राधा से हुई। राधा एक पढ़ी-लिखी और आधुनिक लड़की थीं, लेकिन राजपाल के सादगी भरे व्यक्तित्व ने उनका दिल जीत लिया। 10 महीने तक फोन पर बात करने के बाद दोनों ने शादी का फैसला किया।

राधा ने न केवल राजपाल को अपनाया, बल्कि उनकी पहली पत्नी की बेटी ज्योति को भी सगी माँ जैसा प्यार दिया। आज ज्योति शादीशुदा हैं और अपनी जिंदगी में खुश हैं, जिसका श्रेय राजपाल राधा को देते हैं।

5. तिहाड़ जेल और ₹9 करोड़ का कर्ज

राजपाल यादव की असली ‘काली सच्चाई’ उनके अफेयर नहीं, बल्कि उनका वित्तीय संकट है। 2010 में उन्होंने फिल्म ‘अता-पता-लापता’ बनाने के लिए दिल्ली के एक बिजनेसमैन से ₹5 करोड़ का लोन लिया था। फिल्म फ्लॉप हो गई और राजपाल कर्ज में डूब गए।

चेक बाउंस होने और गलत हलफनामा (False Affidavit) देने के कारण उन पर कानूनी शिकंजा कसा। ब्याज बढ़ते-बढ़ते यह रकम ₹9 करोड़ तक पहुँच गई।

2018 में उन्हें जेल हुई।
फरवरी 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने फिर से सरेंडर किया।

जेल जाने से पहले राजपाल भावुक होकर बोले:

“मेरे पास पैसे नहीं हैं, कोई उपाय नहीं दिखता। इस संकट से मुझे अकेले ही निपटना होगा।”

6. जब इंडस्ट्री साथ खड़ी हुई

मुश्किल वक्त में बॉलीवुड के कई सितारे राजपाल की मदद के लिए आगे आए हैं।

सोनू सूद ने उन्हें फिल्म में काम और एडवांस पैसे देने का वादा किया।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी, जो उनके पुराने दोस्त हैं, उन्होंने उनके संघर्ष के दिनों की यादें साझा कीं।
सलमान खान और अजय देवगन जैसे सितारों ने भी आर्थिक मदद की पेशकश की है।

निष्कर्ष: एक हंसाने वाले का असली दर्द

राजपाल यादव की कहानी हमें सिखाती है कि पर्दे पर दिखने वाली हंसी के पीछे कभी-कभी गहरा दर्द छिपा होता है। वह एक बेहतरीन अभिनेता हैं जिन्होंने गलत वित्तीय फैसलों के कारण भारी कीमत चुकाई है। ’40 अफेयर’ जैसे घटिया दावों के बजाय, हमें एक ऐसे कलाकार के संघर्ष का सम्मान करना चाहिए जिसने अपनी बेटी के लिए और अपने सपनों के लिए शून्य से शुरुआत की थी।

आप राजपाल यादव के बारे में क्या सोचते हैं? क्या आपको लगता है कि कानून को उनके प्रति थोड़ी नरमी दिखानी चाहिए? कमेंट में अपनी राय जरूर दें।