माथे पर शिकन..चेहरे पर मायूसी..! खुशी के मौके पर Hema Malini दिखींं उदास ! बच्चों को किया नजरअंदाज!

हेमा मालिनी के चेहरे के भावों पर सोशल मीडिया में बवाल: ट्रोलिंग, सपोर्ट और निजी दुख की चर्चा

जयपुर में एक पब्लिक इवेंट के दौरान बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी का उदास चेहरा सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आ गया है। माथे पर शिकन, चेहरे पर मायूसी और बच्चों की खुशी को नजरअंदाज करते हुए उनके एक्सप्रेशंस ने इंटरनेट यूज़र्स को खूब भड़काया। तस्वीरें वायरल होते ही सोशल मीडिया पर मीम्स, आलोचनाएं और तीखी टिप्पणियों की बाढ़ आ गई।

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में हेमा मालिनी अपने संसदीय क्षेत्र मथुरा के दौरे पर थीं। एक पुरस्कार वितरण समारोह में वह विजेताओं को मेडल और गिफ्ट देती नजर आईं, लेकिन उनके चेहरे पर मुस्कान नहीं थी। इस मौके पर उनके चेहरे की गंभीरता और मायूसी ने लोगों का ध्यान खींचा। कई यूजर्स ने उनकी तुलना जया बच्चन से कर दी, जो अपने रूखे रिएक्शन के लिए जानी जाती हैं।

जनता ने क्यों उठाए सवाल?

इंटरनेट यूजर्स का कहना है कि अगर हेमा मालिनी को जनता से मिलना-जुलना पसंद नहीं या वह पब्लिक इवेंट्स में असहज महसूस करती हैं, तो सांसद बनने का फैसला क्यों लिया? एक यूजर ने लिखा, “इतने गुस्से में क्यों दे रही हो? आप स्माइल कर सकती हो। इन बच्चों ने बहुत मेहनत की है।”
कुछ ने कहा, “जया बच्चन की छोटी बहन लग रही हैं।”

सांसद से क्या उम्मीदें?

लोगों का मानना है कि सांसद होने के नाते जनता के प्रति अपनापन, प्यार और सकारात्मक ऊर्जा दिखाना जरूरी है। चेहरे के भाव भी जनता के लिए एक संदेश होते हैं। हेमा मालिनी की वायरल तस्वीरों में ना मुस्कान थी, ना ही उत्साह—इसी वजह से ट्रोलिंग और आलोचना शुरू हो गई।

फैंस का सपोर्ट भी मिला

हालांकि, कई फैंस हेमा मालिनी के पक्ष में भी सामने आए। उनका कहना है कि किसी एक वीडियो क्लिप या तस्वीर के आधार पर किसी के मन की हालत या इरादों पर सवाल उठाना गलत है। हेमा मालिनी भी एक इंसान हैं, कोई मशीन नहीं कि हर वक्त कैमरे के सामने मुस्कुराती रहें।
कुछ फैंस ने उनके एक्सप्रेशंस को निजी दुख से जोड़ते हुए सहानुभूति जताई। सोशल मीडिया पर यह भी कहा गया कि दो महीने पहले ही उन्होंने अपने पति धर्मेंद्र को खोया है, इसीलिए वह कार्यक्रम में गंभीर और उदास दिख रही हैं।

क्या पब्लिक फिगर को हमेशा परफेक्ट दिखना चाहिए?

इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पब्लिक फिगर्स को हर हाल में परफेक्ट दिखना चाहिए या हमें समझना चाहिए कि नेताओं और कलाकारों की भी निजी जिंदगी और भावनाएं होती हैं?
फिलहाल हेमा मालिनी की ओर से इस ट्रोलिंग पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इतना जरूर है कि सोशल मीडिया पर लोग दो हिस्सों में बंट गए हैं—एक तरफ ट्रोलिंग, दूसरी तरफ जमकर सपोर्ट।

आपका क्या मानना है? क्या हर वक्त सार्वजनिक जीवन में मुस्कान जरूरी है या फिर निजी दुख को भी समझना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।