यमुनानगर में मातम- छत से गिरे डेढ़ साल के मासूम की मौत, अस्पताल में परिजनों का भारी हंगामा

यमुनानगर: छत से गिरा डेढ़ साल का बच्चा, इलाज में लापरवाही के आरोप—परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से किया इनकार

यमुनानगर की रूपनगर कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसा हुआ। सुबह करीब 11 बजे डेढ़ साल का बच्चा छत से गिर गया। सिर में गंभीर चोट लगने पर परिजन तुरंत अस्पताल पहुंचे, लेकिन इलाज में देरी और लापरवाही के आरोप लगाते हुए बच्चे की मौत के बाद परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।

परिजनों का आरोप

परिजनों का कहना है कि:

वे समय पर अस्पताल पहुंचे थे।
डॉक्टरों ने बच्चे की हालत को गंभीरता से नहीं लिया।
सिर और हड्डी में फ्रैक्चर के बावजूद डॉक्टरों ने कहा कि “अपने आप रिकवर कर जाएगा”।
न्यूरोसर्जन न होने पर बच्चे को दूसरे अस्पताल में एडमिट कराया।
बच्चा होश में था, स्टेबल था, लेकिन शाम तक डॉक्टरों ने सही जानकारी नहीं दी।
रात 8 बजे अचानक बताया गया कि बच्चे को वेंटिलेटर पर डालना पड़ेगा।
कुछ ही देर बाद बच्चे की मौत हो गई।
परिवार का आरोप है कि सही समय पर इलाज और जानकारी दी जाती तो शायद बच्चा बच जाता।

अस्पताल प्रशासन की सफाई

डॉक्टरों ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा:

बच्चा दूसरे अस्पताल से रेफर होकर आया था।
सिर में गहरी चोट थी और हालत पहले से ही गंभीर थी।
भर्ती के समय ही परिवार को स्थिति समझा दी गई थी।
इलाज के दौरान लगातार चार बार परिवार को अपडेट दिया गया।
हर संभव कोशिश के बावजूद बच्चे को नहीं बचाया जा सका।

पुलिस और प्रशासन का बयान

घटना के बाद अस्पताल में तनाव बढ़ गया।
हुड्डा थाना प्रभारी प्रमोद वालिया ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
पुलिस ने बताया कि परिवारजन डॉक्टरों की लापरवाही का आरोप लगा रहे थे, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
स्थिति फिलहाल शांत है।

सबक और संदेश

एक छोटी सी लापरवाही या अचानक हुआ हादसा किस तरह एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन सकता है, यह घटना उसका जीता-जागता उदाहरण है।

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