लिवर डैमेज..तलाक..डिप्रेशन..!Splitsvilla 7 फेम Mayank Pawar की मौत का खुला राज़! मां ने बताया सबकुछ!

लिवर डैमेज, तलाक और डिप्रेशन: ‘Splitsvilla 7’ फेम मयंक पवार की मौत का खुला कड़वा सच, मां ने बयां किया दर्द

टीवी रियलिटी शो ‘स्प्लिट्सविला 7’ से मशहूर हुए मयंक पवार अब हमारे बीच नहीं रहे। उनकी असामयिक मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को तोड़ दिया है, बल्कि उन युवाओं के लिए भी एक चेतावनी पेश की है जो ग्लैमर की दुनिया के पीछे छिपे तनाव को नहीं देख पाते। मयंक की मां ने हाल ही में मीडिया के सामने आकर बताया कि कैसे एक हंसता-खेलता नौजवान धीरे-धीरे अंधेरे में खोता चला गया।

तलाक और अकेलेपन ने तोड़ा हौसला

मयंक की मां के अनुसार, उनके जीवन में गिरावट की शुरुआत उनके व्यक्तिगत जीवन में आए भूचाल से हुई। मयंक का अपनी पत्नी के साथ तलाक हो गया था, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर पाए। वह अपनी पत्नी से बेहद प्यार करते थे और अलग होने के बाद वह गहरे डिप्रेशन (Depression) में चले गए। इस मानसिक तनाव ने उन्हें भीतर से खोखला करना शुरू कर दिया।

गलत आदतों का सहारा और लिवर डैमेज

डिप्रेशन से जूझते हुए मयंक ने खुद को संभालने के बजाय गलत आदतों का सहारा लेना शुरू कर दिया। मयंक की मां ने बताया कि उन्होंने शराब पीना बहुत ज्यादा शुरू कर दिया था। डिप्रेशन और शराब के इस घातक मेल ने उनके शरीर पर बुरा असर डाला। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक शराब के सेवन और तनाव के कारण उनका लिवर पूरी तरह डैमेज (Liver Damage) हो गया था।

अस्पताल के वो आखिरी दिन

मयंक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अंगों के काम बंद करने (Multi-organ Failure) के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनकी मां ने रोते हुए बताया कि मयंक आखिरी समय में बहुत पछता रहे थे और जीना चाहते थे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

ग्लैमर की दुनिया का काला सच

मयंक पवार की मौत ने एक बार फिर रियलिटी शो के सितारों के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शो खत्म होने के बाद मिलने वाली फेम जब धीरे-धीरे कम होने लगती है, तो कई कलाकार अकेलेपन और असुरक्षा की भावना का शिकार हो जाते हैं। मयंक के मामले में पारिवारिक कलह ने आग में घी डालने का काम किया।

मां की अपील: युवाओं के लिए संदेश

मयंक की मां ने भावुक होते हुए सभी युवाओं और उनके माता-पिता से अपील की है कि वे मानसिक स्वास्थ्य को हल्के में न लें। उन्होंने कहा कि “हार-जीत और रिश्ते जिंदगी का हिस्सा हैं, इनके लिए अपनी जान गंवाना या शरीर को बर्बाद करना समाधान नहीं है।”

मयंक पवार भले ही चले गए हों, लेकिन उनकी कहानी मनोरंजन उद्योग में संघर्ष कर रहे कई लोगों के लिए एक दुखद सबक है।