Maharashtra Local Body Election: Nitesh Rane ने Owaisi पर की भद्दी टिप्पणी, AIMIM ने दिया करारा जवाब

महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव: नितेश राणे की ओवैसी पर भद्दी टिप्पणी, AIMIM का करारा जवाब

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव के माहौल में राजनीति गरमा गई है। बीजेपी विधायक नितेश राणे ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर बेहद आपत्तिजनक और भद्दी टिप्पणी की, जिसके बाद AIMIM नेताओं ने न सिर्फ पलटवार किया बल्कि बीजेपी और सरकार से कार्रवाई की मांग भी की।

नितेश राणे की टिप्पणी

नितेश राणे ने असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ सार्वजनिक मंच से भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने ओवैसी की शारीरिक बनावट और हैदराबाद ले जाने जैसी बातें कही, यहां तक कि इंटरकास्ट मैरिजेस और बॉलीवुड स्टार्स को लेकर भी आपत्तिजनक बातें बोलीं।
उनकी टिप्पणी थी:

“उसकी नाड़ी तुम्हारी हाइट के बराबर है। नजदीक भी नहीं जाना, नहीं तो उठाकर शेरवानी की जेब में डाल देंगे और हैदराबाद लेकर चले जाएंगे।”
“बीजेपी के मंत्रियों और बॉलीवुड स्टार्स ने इंटरकास्ट मैरिज की है, हिम्मत है तो उनकी पैंट खींच कर दिखाओ।”

AIMIM का करारा जवाब

AIMIM नेताओं ने नितेश राणे की भाषा की कड़ी निंदा की और इसे “सड़क छाप मंत्री” और “नफरती चिंटू” की भाषा बताया। उन्होंने कहा:

“एक पांच टर्म के सांसद के बारे में ऐसे अल्फाज़ इस्तेमाल करना निंदनीय है।”
“मुख्यमंत्री फडणवीस को चाहिए ऐसे बेलगाम नेताओं पर लगाम कसें।”
“अगर कार्रवाई नहीं हुई तो समझा जाएगा कि दिमाग सरकार का है, जुबान इनकी।”
“हमारे सांसद ने देश के लिए काम किया है, ऐसे लोगों के लिए यह भाषा शर्मनाक है।”

ओवैसी का जवाब और चुनावी अपील

असदुद्दीन ओवैसी ने भी मंच से जवाब देते हुए कहा:

“मेरा नाम असदुद्दीन ओवैसी है। तुम्हारे जैसे 56 अजीत पवार को जेब में डालकर फिरूंगा इंशा अल्लाह।”
“मस्जिद, दरगाह, कब्रिस्तान को छीनने का कानून बनाया गया, इसका जवाब दो।”
“अगर आज तुम अपने गम और गुस्से का जमहूरी तरीके से इज़हार नहीं करोगे तो फिर हमारा जीना किस लिए है?”
“15 तारीख को मजलिस को वोट देना है, पतंग के निशान पर बटन दबाना है।”

सामाजिक और संवैधानिक मुद्दे

ओवैसी ने संविधान, फ्रीडम ऑफ़ रिलीजन, और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर जोर दिया। उन्होंने मॉब लिंचिंग और उत्तराखंड-त्रिपुरा के ट्राइबल छात्र की हत्या का मुद्दा भी उठाया, कहा कि देश के हालात चिंताजनक हैं और अल्पसंख्यकों को एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी चाहिए।

निष्कर्ष:
नितेश राणे की भद्दी टिप्पणी ने चुनावी माहौल में विवाद और तनाव बढ़ा दिया है। AIMIM ने तीखी प्रतिक्रिया दी और सरकार से कार्रवाई की मांग की है। ओवैसी ने भी अपने समर्थकों से एकजुट होकर मतदान करने की अपील की। यह मामला दिखाता है कि चुनावी राजनीति में भाषा और व्यवहार की मर्यादा कितनी जरूरी है।

आगे की अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए।