बक्सर शादी में सनकी आशिक की खतरनाक साजिश | One Sided Love Crime True Story | True Story

डोली से पहले गोली: चौसा गांव की वो खौफनाक रात

प्रस्तावना

“संग खचावल फोटो फाड़ दे, जईहें बाराती डोली में गोली मार दे” — यूपी-बिहार में बजने वाला यह गाना अक्सर शादियों के जश्न का हिस्सा होता है, लेकिन बिहार के बक्सर जिले में यह गाना एक हकीकत बनकर सामने आया। यह कहानी है चौसा गांव की, जहां शहनाइयों की गूँज कुछ ही सेकंडों में मातम में बदल गई। एक सनकी आशिक की जिद ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया।

अध्याय १: खुशियों का आंगन और शादी की गूँज

बिहार के बक्सर जिले का चौसा नगर पंचायत, मल्ला टोली इलाका। यहां रहने वाले नंद जी मल्लाह के घर में पिछले कई महीनों से उत्सव का माहौल था। उनकी १८ वर्षीय बेटी, आरती कुमारी, की शादी तय हुई थी। नंद जी ने अपनी पूरी जमा-पूंजी अपनी लाडली की शादी में लगा दी थी।

तारीख तय थी—मंगलवार की वह रात। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से बारात आनी थी। पूरा घर रोशनी से नहाया हुआ था, रिश्तेदारों की चहल-पहल थी और मंगल गीत गाए जा रहे थे। बारात समय पर पहुंची, गाजे-बाजे के साथ बारातियों का भव्य स्वागत हुआ। किसी को क्या पता था कि इसी भीड़ में एक ‘हैवान’ अपनी साजिश के साथ खड़ा है।

अध्याय २: जयमाला का स्टेज और खौफनाक मोड़

रात के करीब १०:३० बज रहे थे। जयमाला की रस्म शुरू हुई। स्टेज फूलों और रंगीन लाइटों से जगमगा रहा था। आरती लाल जोड़े में बेहद खूबसूरत लग रही थी और दूल्हे के चेहरे पर नई जिंदगी की चमक थी। दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई।

तभी, आरती की छोटी बहन थाल लेकर दूल्हा-दुल्हन की नजर उतारने आगे बढ़ी। हंसी-मजाक का दौर चल रहा था। तभी भीड़ को चीरता हुआ एक युवक स्टेज पर चढ़ा। उसने अपना चेहरा कपड़े से ढका हुआ था। लोगों को लगा कि वह शायद कोई बाराती है। लेकिन पलक झपकते ही उसने एक देसी कट्टा निकाला और सीधे आरती पर निशाना साध दिया।

धमाका!

शुरुआत में लोगों को लगा कि कोई बड़ा पटाखा फूटा है। लेकिन जब आरती लड़खड़ाकर स्टेज पर गिर पड़ी और उसका सफेद दुपट्टा खून से लाल होने लगा, तब पूरे पंडाल में चीख-पुकार मच गई। हमलावर युवक भीड़ का फायदा उठाकर अंधेरे में गायब हो गया।

अध्याय ३: “दीनबंधु”—वो नाम जिसने सबको चौंकाया

आरती को तुरंत बक्सर के सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बनारस (वाराणसी) के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। रास्ते में जब परिवार के एक सदस्य ने मोबाइल कैमरा ऑन कर आरती से पूछा कि “यह किसने किया?”, तो आरती ने दर्द से कराहते हुए एक नाम लिया—दीनबंधु

दीनबंधु कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि आरती का पड़ोसी था। वह आरती से एकतरफा प्यार करता था और उसकी शादी से बुरी तरह चिढ़ा हुआ था। उसने पहले भी आरती को धमकी दी थी, “अगर तुम मेरी नहीं हुई, तो किसी और की भी नहीं होने दूँगा।” परिवार ने इसे लड़कपन समझकर नजरअंदाज कर दिया था, जो उनकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई।

अध्याय ४: बारात की वापसी और पुलिसिया कार्रवाई

इधर, बक्सर में अफरातफरी का माहौल था। जैसे ही दूल्हे और उसके परिवार को पता चला कि हमला लड़की के एकतरफा प्रेमी ने किया है, वे दहशत में आ गए। उन्हें लगा कि यह मामला और बढ़ सकता है। लाख समझाने के बाद भी, वह बारात बिना दुल्हन लिए उसी रात वापस यूपी लौट गई। जिस घर से डोली उठनी थी, वहां से एंबुलेंस निकली।

बक्सर के एसपी और मुफसिल थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। शादी के पंडाल को सील कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी दीनबंधु के घर छापा मारा, लेकिन वह फरार था। पुलिस ने उसके पिता, रामाशंकर चौधरी, को हिरासत में लिया। पिता ने रोते हुए कहा:

“अगर हमें पता होता कि हमारा बेटा ऐसी नीच हरकत करेगा, तो हम हाथ जोड़कर शादी का रिश्ता मांग लेते, लेकिन उसने हमारा सिर शर्म से झुका दिया।”

अध्याय ५: एक पिता का संघर्ष और समाज को संदेश

आरती का बनारस में इलाज जारी रहा। डॉक्टरों की कड़ी मेहनत के बाद उसे खतरे से बाहर निकाला गया। हालांकि वह शारीरिक रूप से ठीक हो रही है, लेकिन वह मानसिक सदमा शायद ही कभी उसके दिल से मिट पाए। एक पिता, जिसने अपनी बेटी की विदाई के सपने देखे थे, अब अस्पताल के बाहर उसकी सलामती की भीख मांग रहा है।

इस घटना ने समाज के सामने कई सवाल खड़े किए हैं:

    एकतरफा प्यार की सनक: क्यों युवा ‘न’ सुनना पसंद नहीं करते?
    सुरक्षा की अनदेखी: धमकियों को हल्के में लेना कितना भारी पड़ सकता है?
    हथियारों की उपलब्धता: भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में सुरक्षा का अभाव।

निष्कर्ष

बक्सर की यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक पतन का प्रतीक है। पुलिस अभी भी दीनबंधु की तलाश में छापेमारी कर रही है। हम उम्मीद करते हैं कि आरती को जल्द से जल्द न्याय मिलेगा।

सावधानी ही बचाव है:

अगर आपके आसपास कोई ऐसी सनक या धमकी देता है, तो उसे तुरंत पुलिस को रिपोर्ट करें।
महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 1090 या 1091 का हमेशा उपयोग करें।
शादी जैसे समारोहों में अपरिचितों पर नजर रखें।

आरती की सलामती और इंसाफ के लिए पूरा देश दुआ कर रहा है।