सहारनपुर में खून से सनी सुबह: एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से दहला इलाका, सामूहिक हत्या–आत्महत्या की आशंका

सहारनपुर की सुबह उस वक्त सन्नाटे में बदल गई, जब शहर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। सरसावा थाना क्षेत्र की शाश्वत विहार (कौशिक विहार) कॉलोनी में एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव मिलने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। जो घर कल तक बच्चों की हंसी और पारिवारिक बातचीत से गूंजता था, वहां मंगलवार सुबह खामोशी, खून और मौत पसरी हुई थी।

हर कोई यही सवाल पूछ रहा था—
आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में उजड़ गया?

बंद घर के भीतर मिला खौफनाक मंजर

मृतक परिवार की पहचान अशोक राठौर के रूप में हुई है, जो सिंचाई विभाग में अमीन के पद पर तैनात थे और नकुड़ तहसील में कार्यरत थे। अशोक अपनी पत्नी अंजिता, मां विद्यावती और दो बेटों कार्तिक (10वीं)देव (9वीं) के साथ किराए के मकान में रह रहे थे।

मंगलवार सुबह जब अशोक का फोन बार-बार कॉल करने पर भी नहीं उठा, तो उनके बहनोई को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने अपने बेटे को घर भेजा। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो खिड़की तोड़कर झांका गया।

अंदर का दृश्य देखकर सबके होश उड़ गए।

एक ही कमरे में पांचों लोगों के शव पड़े थे।

फर्श पर अशोक राठौर और उनकी पत्नी अंजिता के शव थे।
बेड पर मां विद्यावती और दोनों बेटे बेसुध हालत में पड़े थे।
चारपाई, बेडशीट, तकिए और फर्श पूरी तरह खून से सने हुए थे।
कमरे में पास ही तीन तमंचे भी पड़े मिले।

पूरे घर में खून बिखरा हुआ था, जिसने इस घटना को और भयावह बना दिया।

सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जिलाधिकारी मनीष बंसल, एसएसपी आशीष तिवारी, डीआईजी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया और पूरे घर को सील कर जांच शुरू की गई।

एसएसपी आशीष तिवारी के अनुसार,

“प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि एक व्यक्ति ने पहले परिवार के अन्य सदस्यों को गोली मारी और फिर खुद आत्महत्या कर ली। हालांकि, सभी एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।”

सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

क्लोज रेंज से मारी गई गोलियां, लाइसेंसी नहीं थे हथियार

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक,

सभी शव एक ही कमरे में पाए गए।
गोली क्लोज पॉइंट रेंज से मारी गई है, जिसके कारण सिर पर ब्लैकनिंग के निशान मिले हैं।
मौके से बरामद तमंचे कंट्री मेड (देसी) प्रतीत हो रहे हैं और फिलहाल लाइसेंसी नहीं लगते।
हथियार अशोक राठौर के पास, उनके दाएं हाथ के नजदीक मिले।

फॉरेंसिक टीम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मेडिकल हिस्ट्री और अन्य भौतिक सबूतों की गहन जांच कर रही है।

मानसिक तनाव से गुजर रहे थे अशोक राठौर

परिजनों और पड़ोसियों से बातचीत में एक अहम बात सामने आई है।
बताया गया कि अशोक राठौर पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में थे और उनका इलाज चंडीगढ़ में चल रहा था।

अशोक को अपने पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी। करीब पांच महीने पहले ही उन्होंने इस कॉलोनी में दो मंजिला मकान किराए पर लिया था। दूसरी मंजिल पर उनका परिवार रहता था, जिसमें दो कमरे और किचन थे।

परिजनों के अनुसार, हाल ही में उन्होंने अपने गांव में नया घर भी बनवाया था, जिसका मुहूर्त एक तारीख को होना था।

कॉलोनी में पसरा मातम, परिजन बेसुध

घटना की जानकारी मिलते ही अंजिता की बहन मौके पर पहुंची। घर के बाहर रोने-बिलखने की आवाजें गूंज उठीं। कॉलोनी के लोग स्तब्ध हैं। किसी को यकीन नहीं हो रहा कि इतनी बड़ी और भयावह घटना एक ही घर में घट गई।

पड़ोसियों का कहना है कि परिवार सामान्य और शांत स्वभाव का था। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई ठीक चल रही थी। किसी को अंदाजा तक नहीं था कि अंदर ही अंदर ऐसा तूफान चल रहा है।

नेताओं ने भी जताया दुख, समाज से आत्ममंथन की अपील

घटना के बाद कांग्रेस सांसद और स्थानीय विधायक भी मौके पर पहुंचे। नेताओं ने इसे बेहद दुखद और चिंताजनक बताया।

एक जनप्रतिनिधि ने कहा,

“प्रथम दृष्टया यह सामूहिक आत्महत्या या हत्या-आत्महत्या का मामला लगता है। लेकिन इतने बड़े कदम के पीछे क्या कारण रहे होंगे, यह समाज के लिए गंभीर चिंतन का विषय है। आजकल ऐसे मामलों का एक ट्रेंड सा दिखाई दे रहा है, जो बेहद पीड़ादायक है।”

उन्होंने कहा कि

“जीवन ईश्वर की देन है। इसे लेने का अधिकार किसी को नहीं है—चाहे वह खुद का हो या अपने परिवार का।”

पुलिस की जांच जारी, कई सवाल अब भी अनुत्तरित

फिलहाल पुलिस कई अहम सवालों के जवाब तलाश रही है—

हथियार कहां से आए?
गोलियां किस क्रम में चलीं?
क्या पहले नशे की गोलियां दी गईं, जैसा कि कुछ प्रारंभिक चर्चाओं में कहा जा रहा है?
मानसिक तनाव के पीछे असली वजह क्या थी?

इन सभी सवालों के जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएंगे।

पूरे सहारनपुर को झकझोर गई घटना

सहारनपुर की यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। यह दिखाती है कि मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक दबाव और अकेलेपन को नजरअंदाज करना कितना घातक हो सकता है।

आज शाश्वत विहार कॉलोनी में सन्नाटा है, आंखें नम हैं और हर दिल यही दुआ कर रहा है कि ऐसी भयावह घटना फिर कभी किसी घर का दरवाजा न खटखटाए।

सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन देर-सबेर सामने जरूर आता है—अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।