Delhi Digital Arrest Scam: सुप्रीम कोर्ट बना UN से आए NRI डॉक्टर से 15 करोड़ रूपय लूटे!

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Delhi Digital Arrest Scam: सुप्रीम कोर्ट से आए NRI डॉक्टर से 15 करोड़ रुपये लूटे!

आज मैं आपके सामने एक ऐसा मामला रखने जा रहा हूँ जिसे जानकर आप विश्वास नहीं कर पाएंगे। यह एक सनसनीखेज घटना है, जिसमें न केवल लाखों, बल्कि करोड़ों रुपये लूटे गए हैं। और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन लोगों ने यह पैसे लूटे, उन्हें बचाने वाला कोई नहीं था। उनके पैसे रिकवर नहीं हो पा रहे हैं और सरकार भी इस मामले में पूरी तरह से विफल हो चुकी है।

यह मामला दिल्ली का है, खासकर ग्रेटर कैलाश, जो एक प्रमुख और अमीर इलाका माना जाता है। इस इलाके में रहते थे ओम तनेजा और उनकी पत्नी इंदिरा तनेजा, जो दोनों अमेरिका में 48 साल तक रहे थे। अमेरिका में डॉक्टर रहे ओम तनेजा और उनकी पत्नी इंदिरा तनेजा भारत वापस आकर हेल्थ, एजुकेशन और सोशल सर्विसेज में काम कर रहे थे। दोनों ने कई स्कूलों और कॉलेजों में डोनेशन दी और लड़कियों को नर्सिंग कोर्स में भी मदद की थी।

लेकिन, इस कहानी की शुरुआत 24 दिसंबर की है। इंदिरा तनेजा के पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को टीआरएआई के अधिकारी बताया और कहा कि उनके फोन को बंद किया जाएगा क्योंकि उनके फोन से अश्लील फोटो और वीडियो भेजे गए हैं। लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस बन चुका है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी के वारंट जारी हो चुके हैं।

जब इंदिरा तनेजा ने यह सुना तो वह चौंक गईं। यह सीन उन्हें अपने सपनों से दूर कर रहा था। वह सोचने लगीं कि क्या यह सही है? क्या वाकई ऐसा हो सकता है? फिर कॉल करने वाले ने कहा कि वह मुंबई जाएं क्योंकि उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हो गए हैं। इंदिरा ने उनसे कहा कि वह घर नहीं छोड़ सकतीं क्योंकि उनके पति ओम तनेजा की हाल ही में सर्जरी हुई थी और वह घर पर ही रिकवर कर रहे थे। लेकिन फ्रॉड कॉल करने वालों ने उन्हें पूरी तरह से इमोशनल ब्लैकमेल किया।

इन्हें बताया गया कि अगर वह इस समस्या का समाधान नहीं करेंगी तो उनके पति को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद इन्हें एक बैंक अकाउंट खोलने को कहा गया। साथ ही यह भी बताया गया कि उनपर 15 करोड़ रुपये की राशि को ट्रांसफर करना होगा। और इससे पहले बैंक में इन्हें जाकर बताने को कहा गया कि उनका पैसा सरकारी नियमों के तहत फ्रीज कर दिया गया है।

अब इंदिरा तनेजा को सब कुछ समझ में आने लगा था। यह सब कुछ बड़ा फ्रॉड था और वह समझ गईं कि उन्हें इस समस्या से बाहर निकलने के लिए मदद की जरूरत है। वह बैंक में जाकर बैंक मैनेजर से मिली और फिर उसने पूरी कहानी सुनाई। बाद में, जब इंदिरा तनेजा ने यह देखा कि उनके पैसे लेकर भी एक फ्रॉड हुआ है तो यह पूरी स्थिति और भी कन्फ्यूज़िंग हो गई।

जैसे ही यह मामला आगे बढ़ा और अधिकारियों ने जांच की, यह पता चला कि एक बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा था। लेकिन सबसे बड़ी बात यह थी कि इंदिरा तनेजा को मदद मिलने की बजाय उनका ही पैसा लूटा गया था। पूरा सिस्टम और सरकारी तंत्र उस समय शांत था और उस समय यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुँचा।

कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। इस मामले ने न केवल इंदिरा तनेजा को एक नई दिशा दी, बल्कि पूरी दुनिया में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। आखिरकार, कैसे सरकारी तंत्र और पुलिस इस तरह के बड़े फ्रॉड को पकड़ने में असफल रहे? और कैसे एक फ्रॉड से भरे हुए इस सिस्टम के अंदर किसी का पैसा आसानी से लूटा जा सकता है?

जब सुप्रीम कोर्ट में यह मामला उठा, तो वहां एक तगड़ा मामला सामने आया और इसने सभी को चौका दिया। इंदिरा तनेजा और उनके पति ओम तनेजा को इस सब में फंसा लिया गया था और उनकी मेहनत की कमाई को पूरी तरह से लूट लिया गया था।

इस पूरे प्रकरण ने कई सवालों को खड़ा किया, और इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और पुलिस के सिस्टम में सुधार के लिए कई निर्देश जारी किए।

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