पाकिस्तानी खूबसूरत SP मैडम जासूस बनकर भारत में घूसी | जवान ने पकड़कर महीने तक उसके साथ जो किया….

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पाकिस्तानी खूबसूरत एसपी मैडम जासूस बनकर भारत में घुसी | जवान ने पकड़कर महीने तक उसके साथ जो किया…

दोस्तों, आज की कहानी एक ऐसी पाकिस्तानी महिला पुलिस अधिकारी की है, जो भारत के खिलाफ एक खतरनाक साजिश को अंजाम देने के लिए जासूस बनकर भारत में घुसने की कोशिश करती है। यह महिला कोई और नहीं बल्कि सना मलिक नाम की एक सीनियर पुलिस अफसर थी, जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करती थी।

सना मलिक को आईएसआई ने एक बेहद संवेदनशील मिशन के लिए चुना था। उसका लक्ष्य था भारत के एक सैन्य क्षेत्र की जासूसी करना, जहां नए हथियारों का परीक्षण हो रहा था। इसके लिए उसने भिखारिन का भेष धारण किया और चोरी छिपे भारत में दाखिल हुई।

उसका मकसद था गुप्त और संवेदनशील जानकारियां इकट्ठा कर पाकिस्तान पहुंचाना। लेकिन नियत जब गलत हो तो कदम भी लड़खड़ा जाते हैं। इसी बीच एक भारतीय जवान भूपेंद्र सिंह को उस पर शक हो गया और उसने उसे पकड़ लिया।

भारत में घुसपैठ और भिखारिन का भेष

रात के अंधेरे में, सना मलिक ने भारत-पाक सीमा पार की और राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके में दाखिल हुई। उसने पुराने और फटे कपड़े पहने, बाल बिखरे हुए थे और एक पुराना थैला भी साथ था। वह खुद को बेसहारा और गरीब दिखाकर सैनिक क्वार्टरों के आसपास घूमने लगी।

वह कई घरों में जाकर भीख मांगती, लोगों से झूठी कहानियां सुनाकर उनकी सहानुभूति जीतती। कभी बच्चों के सामने रोती, तो कभी अपनी बीमार मां की बात कहकर दो रोटियां मांगती। धीरे-धीरे वह सैनिक कॉलोनी के लोगों के बीच अपनी जगह बना रही थी।

गुप्त रिकॉर्डिंग और खतरा

सना मलिक ने अपने कपड़ों में एक अत्याधुनिक स्पाई कैमरा छिपा लिया था। वह सैनिकों की बातचीत, मीटिंग की आवाजें और हथियारों से जुड़ी जानकारियां चुपचाप रिकॉर्ड करने लगी। रात को वह उसी पुराने बंकर में लौट जाती, जहां उसने सेटेलाइट ट्रांसमिशन डिवाइस छिपा रखा था।

वहां से वह अपनी रिकॉर्डिंग पाकिस्तान भेजती। कई दिन तक किसी को उस पर शक नहीं हुआ। लेकिन भूपेंद्र सिंह नाम का एक जवान उसकी हरकतों पर नजर रखने लगा।

भूपेंद्र का संदेह और पकड़

भूपेंद्र ने देखा कि सना मलिक केवल सैनिक क्वार्टरों में जाती है, आम नागरिकों से उसका कोई लेना-देना नहीं। वह रात होते ही अचानक गायब हो जाती थी। एक दिन उसने उसका पीछा किया और बंकर में उसकी असली पहचान देख ली।

सना मलिक साफ-सुथरे कपड़ों में थी, उसके हाथ में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण था, और वह उर्दू में पाकिस्तान के किसी अधिकारी से बात कर रही थी। भूपेंद्र ने तुरंत उसे रोक लिया और साफ-साफ पूछा कि वह कौन है और क्या कर रही है।

सना का सच और रिश्ता

सना मलिक ने सच स्वीकार किया कि वह पाकिस्तानी अफसर है और भारत में जासूसी कर रही थी। उसने भूपेंद्र से गुहार लगाई कि उसे गिरफ्तार न किया जाए, वह अब पाकिस्तान को कोई जानकारी नहीं भेजेगी।

भूपेंद्र ने उसे अपने घर बुलाया, और दोनों के बीच एक अनोखा रिश्ता बन गया। सना मलिक ने भूपेंद्र का भरोसा जीत लिया और डाटा भेजना बंद कर दिया। भूपेंद्र ने उसका सेटेलाइट फोन और उपकरण जब्त कर लिए।

आईएसआई की प्रतिक्रिया और खतरा बढ़ना

पाकिस्तान में आईएसआई बेचैन हो गई। डाटा न मिलने पर उन्होंने चार प्रशिक्षित आतंकवादियों को भारत में घुसाया, जिनका लक्ष्य सेना के रिटायर्ड अधिकारियों की एक गुप्त बैठक पर हमला करना था।

भूपेंद्र ने इस खतरे को भांप लिया और पूरी सतर्कता से काम लिया। उसने सना मलिक से कड़ाई से सवाल किए, और अंततः आतंकवादी हमला हो गया।

आतंकवादी हमला और सना मलिक का खुलासा

आतंकवादियों ने हमला किया, लेकिन भारतीय सेना और पुलिस पूरी तरह तैयार थी। भूपेंद्र और उसकी टीम ने आतंकवादियों को मार गिराया। एक आतंकी के पास से मिले दस्तावेजों में सना मलिक के हस्ताक्षर और कोड वर्ड्स मिले।

सना मलिक का पूरा सच अब सामने आ चुका था। भूपेंद्र ने उसे बताया कि वह अब पाकिस्तान जा सकती है, लेकिन उसके खिलाफ सबूत उनके पास हैं।

जेल, प्रायश्चित और माफी

सना मलिक को भारत की जेल में रखा गया। उसने जीवन की सारी मोह माया छोड़ दी और रोज गीता पढ़ने लगी। भूपेंद्र उससे मिलने गया, और दोनों के बीच एक भावुक मुलाकात हुई।

सना ने कहा कि उसने भूपेंद्र से मोहब्बत की थी, और अब वह अपने कर्मों का प्रायश्चित करना