नए साल पर लड़की ने प्रेमी के साथ कर दिया कारनामा/S.P बोला बेटी सही काम किया/

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नए साल की रात: बहनों का साहस

हरियाणा के झज्जर जिले के बादली गाँव की गलियों में सुबह की हलचल थी। गाँव में किराने की दुकान चलाने वाली तमन्ना देवी अपने जीवन की जद्दोजहद में व्यस्त थीं। पति की मृत्यु के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। उनकी दो बेटियाँ थीं—बड़ी साधना और छोटी डिंपल। साधना कॉलेज में पढ़ती थी और डिंपल घर के कामों में माँ का हाथ बँटाती थी।

साधना और गोविंद की दोस्ती

कॉलेज में साधना की मुलाकात गोविंद नामक युवक से हुई। गोविंद की बातों में मिठास थी, और जल्द ही दोनों की दोस्ती गहरी हो गई। मोबाइल नंबर एक्सचेंज हुए, घंटों बातें होने लगीं। साधना को यह नहीं पता था कि गोविंद की नीयत सही नहीं थी। वह पहले भी भोली लड़कियों को फँसा चुका था।

कुछ दिन बाद साधना ने गोविंद को अपने घर बुलाया। माँ तमन्ना देवी ने भी गोविंद को पसंद किया और मन ही मन उसकी और साधना की शादी की कल्पना करने लगीं। लेकिन गोविंद की नजर छोटी बहन डिंपल पर भी थी। उसे लगा कि डिंपल साधना से कहीं ज्यादा सुंदर है।

गोविंद का जन्मदिन और होटल की घटना

16 नवंबर को गोविंद का जन्मदिन था। उसने साधना को होटल में बुलाया। वहाँ दोनों ने केक काटा, बीयर पी। साधना ने पहली बार शराब पी थी, नशे में थी। गोविंद ने उसका फायदा उठाया। बाद में साधना को पछतावा हुआ, मगर गोविंद ने शादी का वादा कर उसे शांत कर दिया।

डिंपल के साथ धोखा

कुछ दिन बाद साधना कॉलेज जाने के लिए निकली तो घर पर सिर्फ डिंपल थी। गोविंद ने झूठ बोला कि साधना का एक्सीडेंट हो गया है और वह अस्पताल में है। डिंपल घबरा गई, गोविंद के साथ मोटरसाइकिल पर बैठ गई। सुनसान जगह पर गोविंद ने चाकू दिखाकर डिंपल को डराया, खेत में ले जाकर उसके हाथ-पैर बाँध दिए और उसका शारीरिक शोषण किया। उसने डिंपल की वीडियो भी बना ली और धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो वीडियो वायरल कर देगा।

डिंपल डरी-सहमी घर लौट आई। साधना को कुछ शक हुआ, लेकिन डिंपल ने डर के मारे कुछ नहीं बताया। गोविंद बार-बार डिंपल को होटल बुलाता, धमकी देता, और उसका शोषण करता रहा।

सच्चाई का खुलासा

25 दिसंबर को डिंपल की तबीयत बिगड़ गई। साधना उसे डॉक्टर के पास ले गई। लौटते समय डिंपल फूट-फूटकर रो पड़ी और अपनी आपबीती साधना को बता दी। साधना के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने डिंपल से पूछा कि उसने पहले क्यों नहीं बताया, तो डिंपल ने डर और ब्लैकमेलिंग की बात बताई।

साधना ने ठान लिया कि अब गोविंद को सबक सिखाना होगा। दोनों बहनों ने योजना बनाई।

नए साल की रात: बदला

30 दिसंबर की शाम थी। माँ मायके गई हुई थीं। साधना ने डिंपल से कहा कि गोविंद को होटल बुलाओ। डिंपल ने फोन किया, होटल बुलाया। रात 8:30 बजे दोनों बहनें होटल पहुँचीं, कमरा बुक किया। गोविंद शराब पीकर होटल पहुँचा। जैसे ही वह कमरे में आया, साधना ने चाकू से उसके पेट में वार किया। डिंपल ने भी कई बार चाकू से हमला किया। गोविंद चीखता-चिल्लाता रहा। होटल मालिक ने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने गोविंद का शव कब्जे में लिया और दोनों बहनों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस स्टेशन में बयान

पुलिस स्टेशन में पूछताछ हुई। दोनों बहनों ने अपनी पूरी कहानी पुलिस को बता दी—कैसे गोविंद ने धोखा दिया, धमकी दी, वीडियो बनाई, और कैसे उन्होंने मजबूरी में यह कदम उठाया। पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी। अब फैसला अदालत को करना था कि बहनों ने जो किया, वह सही था या गलत।

समाज और एसपी की प्रतिक्रिया

गाँव में चर्चा थी—क्या बहनों ने सही किया? एसपी ने बयान दिया, “बेटी ने साहस दिखाया, सही काम किया।” समाज में बहनों के साहस की चर्चा होने लगी। कुछ लोगों ने कहा, “बहनों ने अपने सम्मान की रक्षा की है।” कुछ ने सवाल उठाया कि कानून अपने हाथ में लेना ठीक नहीं।

कहानी का अंत

तमन्ना देवी को जब सब पता चला तो वह फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्हें अपनी बेटियों पर गर्व था, मगर कानून का डर भी था। साधना और डिंपल ने अपने डर, शर्म, और ब्लैकमेलिंग को पीछे छोड़कर साहसिक निर्णय लिया। उनके कदम ने गाँव की और लड़कियों को हिम्मत दी कि वे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएँ।

अदालत का फैसला क्या होगा, यह भविष्य के गर्भ में था। लेकिन नए साल की रात, दो बहनों ने अपने सम्मान की रक्षा के लिए साहसिक कदम उठाया था।

क्या आपको लगता है कि बहनों ने सही किया? अपनी राय जरूर लिखें।