कैदी की आख़िरी ख्वाहिश ने सबको हैरान कर दिया—फिर जो हुआ किसी ने सोचा भी नहीं!”
.
.
कैदी की आख़िरी ख्वाहिश ने सबको हैरान कर दिया—फिर जो हुआ किसी ने सोचा भी नहीं!
जेल के अंदर एक सन्नाटा था। कैदी नंबर 719, विक्रम सिंह, को सजा-ए-मौत सुनाई जा चुकी थी। उसकी आखिरी ख्वाहिश पूछने के लिए जब पुलिस वालों ने उसे बुलाया, तो उसने ऐसा जवाब दिया कि सभी हैरान रह गए। “मेरी आखिरी ख्वाहिश है कि मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं।”
पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। “क्या तुम पागल हो चुके हो?” एक अफसर ने कहा। विक्रम ने मुस्कुराते हुए कहा, “हां, हां, मैं पागल हो चुका हूं।”
“क्या तुम सच में ऐसा चाहते हो?” एक दूसरे अफसर ने पूछा। विक्रम ने गंभीरता से कहा, “मैं चाहता हूं कि मेरी जिंदगी की आखिरी रात एक कुंवारी लड़की के साथ गुजारूं, जो अपनी रजामंदी से मेरी दुल्हन बने। मंदिर में ऐलान करवा दें। क्या कोई लड़की इसके लिए तैयार है?”
पुलिस वाले एक-दूसरे का मुंह ताकने लगे। क्या वाकई उसकी यह ख्वाहिश पूरी हो सकती थी? वह लड़की कहां से आएगी? और अगर शादी हो भी गई तो उस रात क्या होगा? मीनाक्षी वर्मा, एक 30 वर्षीय लेडी इंस्पेक्टर, ने विक्रम के चेहरे पर गहरी उदासी देखी। वह समझ नहीं पा रही थी कि विक्रम एक आम मुजरिम क्यों नहीं लगता था। उसकी आंखों में एक गहरी उदासी थी, जैसे वह सब कुछ समझकर भी खामोश बैठा हो।
“तुमने कौन सा ऐसा गुनाह किया जिसकी सजा मौत ठहरी?” मीनाक्षी ने सोचा, लेकिन विक्रम की मायूसी ने उसे रोक दिया। पुलिस की नौकरी ने उसे सख्त दिल बना दिया था, लेकिन विक्रम के सामने उसकी एक नरमी जाग उठती थी।
जेल के माहौल में सख्ती आम बात थी, लेकिन आज फिजा में उदासी और डर की मिलीजुली कैफियत थी। विक्रम को अपनी मां और वालिद से आखिरी बार मिलने की इजाजत मिली। जब विक्रम अपनी मां से मिला, तो वह औरत अपने बेटे के गले लगकर फूट-फूट कर रो रही थी। “तू बेगुनाह है,” उसने कहा। उसकी उम्मीद ने मीनाक्षी को झिंझोड़ कर रख दिया।
विक्रम से उसकी आखिरी ख्वाहिश पूछने का हुक्म मिला। मीनाक्षी ने सोचा कि शायद वह अपने घर वालों के साथ थोड़ा वक्त मांगेगा या कोई साधारण सी इच्छा जाहिर करेगा। लेकिन जब वह विक्रम के सामने गई, तो उसके चेहरे पर एक अजीब सा इत्मीनान था।
“विक्रम, तुम्हारी कोई आखिरी ख्वाहिश है?” उसने पूछा। विक्रम ने कहा, “मेरी एक ख्वाहिश है, लेकिन वादा करें कि उसे पूरा करेंगे।” मीनाक्षी ने कहा, “यह हर कैदी का हक होता है। तुम्हारी ख्वाहिश पूरी करने की पूरी कोशिश होगी।”
जब विक्रम ने अपनी ख्वाहिश बताई, तो सब लोग चौंक गए। “मैं शादी करना चाहता हूं। अपनी बीवी के साथ एक रात गुजारना चाहता हूं।” विक्रम की बात सुनते ही कमरे में सन्नाटा छा गया। एसपी साहब ने कहा, “बेटा, शादी तो हम करवा सकते हैं, लेकिन कौन लड़की तुमसे शादी करेगी जब सब जानते हैं कि तुम्हें 2 दिन बाद सजा-ए-मौत दी जाने वाली है?”
विक्रम ने अपनी बात पर कायम रहते हुए कहा, “सर, आप फिक्र ना करें। मेरी शादी खुद-ब-खुद हो जाएगी। बस आप एक काम करें, मंदिर में ऐलान करवा दें कि कैदी विक्रम सिंह अपनी सजा-ए-मौत से पहले एक दिन के लिए शादी करना चाहता है।” यह सुनकर सब हैरान रह गए।

एसपी साहब ने कहा, “ठीक है, ऐलान करवा देते हैं। लेकिन हमें यकीन है कि कोई औरत नहीं आएगी।” उसी शाम जेल के करीब मंदिर से ऐलान गूंज उठा। “कैदी नंबर 719 विक्रम सिंह अपनी आखिरी ख्वाहिश के तौर पर एक दिन के लिए शादी करना चाहता है।”
ऐलान के एक घंटे बाद, एक सिपाही हाफता हुआ मीनाक्षी के ऑफिस में आया। “मैडम, जेल के दरवाजे पर एक लड़की दुल्हन के लिबास में खड़ी है।” यह सुनकर मीनाक्षी और एसपी साहब दोनों हैरान रह गए।
जब वे बाहर निकले, तो सामने 17-18 साल की एक नाजुक सी लड़की खड़ी थी। वह लाल जोड़े में थी, पूरी तरह सजी हुई। उसके साथ एक बुजुर्ग पुजारी खड़े थे।
पुजारी ने कहा, “यह लड़की खुद मेरे पास आई थी। उसने कहा कि वह विक्रम सिंह से शादी करना चाहती है।” मीनाक्षी ने हैरानी से पूछा, “यह लड़की कौन है?” पुजारी ने कहा, “बेटी, यह मेरी बात नहीं मान रही थी। मैंने लाख समझाया कि वह सजा-ए-मौत का कैदी है।”
जेल में शादी की रस्में शुरू हुईं। विक्रम और नेहा की शादी बहुत सादगी से हुई। विक्रम ने मुस्कुरा कर कहा, “अब आप वादे के मुताबिक मेरी दुल्हन को मेरे पास भेज दें।” मीनाक्षी ने दुल्हन को विक्रम के सेल तक पहुंचाया और दरवाजा बंद किया।
कुछ समय बाद, विक्रम और नेहा के बीच हल्की-हल्की सरगोशियों की आवाजें आने लगीं। अचानक जेल की फिजा एक चीख से गूंज उठी। मीनाक्षी दौड़ती हुई विक्रम के सेल की तरफ पहुंची। दरवाजा खोला तो नेहा दुल्हन के लिबास में खड़ी थी, घूंघट में और कांप रही थी।
नेहा ने कहा, “मुझे यहां से निकालो। मैं यहां नहीं रहना चाहती।” मीनाक्षी ने तंजिया लहजे में कहा, “क्यों? मोहब्बत का नशा उतर गया?” लेकिन नेहा खामोश रही। उसकी आंखों में ऐसा डर था जैसे किसी डरावने ख्वाब से गुजरी हो।
नेहा तेजी से बाहर निकल गई। मीनाक्षी ने सेल बंद किया और वापस अपने दफ्तर आ गई। सारी रात ख्यालों में खोई रही।
सुबह होते ही एसपी साहब गुस्से में मीनाक्षी के दफ्तर में दाखिल हुए। “विक्रम कहां है?” उन्होंने पूछा। मीनाक्षी ने कहा, “सर, वह अपने सेल में होगा।” लेकिन जब मीनाक्षी ने दरवाजा खोला, तो विक्रम वहां नहीं था।
सभी लोग हैरान रह गए। विक्रम ने एक चाल चली थी जिसने सबको धोखा दे दिया था। वह दुल्हन के कपड़ों में जेल से फरार हो चुका था।
जब नेहा होश में आई, तो उसने कहा, “आप लोगों ने विक्रम के साथ नाइंसाफी की है। वह सजा-ए-मौत का हकदार नहीं था।” मीनाक्षी ने कहा, “यह फैसला अदालत करेगी।” लेकिन नेहा ने मुस्कुराते हुए कहा, “वक़्त साबित करेगा कि वह बेगुनाह है।”
नेहा ने अपनी कहानी सुनाई। उसने बताया कि विक्रम उसकी बड़ी बहन का मंगेतर था और उसकी रक्षा के लिए उसने यह सब किया।
नेहा ने कहा, “हमारे गांव में विक्रम हमेशा बहादुर रहा है। उसने हमारी इज्जत की हिफाजत के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की।” मीनाक्षी ने उसकी बातें ध्यान से सुनीं और धीरे-धीरे उसे समझ में आया कि विक्रम ने जो किया, वह एक मजबूरी थी।
आखिरकार, विक्रम को पकड़ लिया गया। उसने अपनी बेगुनाही साबित की और अदालत ने उसे बाइज्जत बरी कर दिया। नेहा ने विक्रम के साथ अपनी जिंदगी बिताने का फैसला किया।
विक्रम और नेहा ने एक नई जिंदगी की शुरुआत की। उनकी कहानी ने सबको सिखाया कि सच्चाई और न्याय हमेशा जीतते हैं।
यह कहानी सिर्फ एक कैदी की नहीं, बल्कि प्यार, बलिदान और सच्चाई की है। विक्रम और नेहा ने साबित किया कि सच्ची मोहब्बत और विश्वास के साथ हर मुश्किल का सामना किया जा सकता है।
यह कहानी केवल मनोरंजन और शिक्षा के उद्देश्य से बनाई गई है। कृपया इसे केवल कहानी के रूप में देखें और इसका आनंद लें। अगर कहानी अच्छी लगी हो तो प्लीज हमारे चैनल को सब्सक्राइब और वीडियो को एक लाइक जरूर करें। धन्यवाद।
.
News
Doktorlar mafya babasının kısır olduğunu söyledi—bir garson ondan hamile olduğunu söyleyene kadar.
Doktorlar mafya babasının kısır olduğunu söyledi—bir garson ondan hamile olduğunu söyleyene kadar. . . . Chicago’nun karanlık ve acımasız yeraltı…
Tarihin En Acımasız Emri: 15.000 Esir Askeri Kör Edip Geri Gönderdi
Tarihin En Acımasız Emri: 15.000 Esir Askeri Kör Edip Geri Gönderdi . . . Karanlığın Yürüyüşü: Bir İmparatorun Soğuk Zaferi…
Köle Kadından Doğan Beyaz Çocuklar, Koca Bir Plantasyonu Nasıl Çökertti?
Köle Kadından Doğan Beyaz Çocuklar, Koca Bir Plantasyonu Nasıl Çökertti? . Köle Kadından Doğan Beyaz Çocuklar: Blackwood’un Çöküşü Güneyin yaz…
Bilim İnsanlarını Şaşkına Çeviren Çocuk: Elias’ın Vakası
Bilim İnsanlarını Şaşkına Çeviren Çocuk: Elias’ın Vakası . . . Bilim İnsanlarını Şaşkına Çeviren Çocuk: Elias’ın Vakası 1972 yılının dondurucu…
1997’de Sarıçöl’de Kaybolan Selim Karabey – 16 Yıl Sonra Bulunan Mataranın Sakladığı Gizemler
1997’de Sarıçöl’de Kaybolan Selim Karabey – 16 Yıl Sonra Bulunan Mataranın Sakladığı Gizemler . . . 1997’DE SARIÇÖL’DE KAYBOLAN SELİM…
Sıradan Bir Tokat, 20 Yıllık Sırrı Ortaya Çıkardı: O Adam Geri Döndü!
Sıradan Bir Tokat, 20 Yıllık Sırrı Ortaya Çıkardı: O Adam Geri Döndü! . . . Sıradan Bir Tokat, 20 Yıllık…
End of content
No more pages to load






