जिस गरीब लड़के को समझा अनपढ़… उसी ने सबसे मुश्किल सवाल Solve कर दिया 😱

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“जिस गरीब लड़के को समझा अनपढ़… उसी ने सबसे मुश्किल सवाल Solve कर दिया 😱”

भाग 1: एक नई शुरुआत

दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कॉलेज, सेंट जेवियर्स, में एक नया छात्र दाखिल हुआ था। यह कॉलेज हमेशा से ही एक नामी और महंगे संस्थानों में गिना जाता था। जहां पर आने वाले छात्र आमतौर पर अच्छे घरों से होते थे, जिनके पास हर सुविधा होती थी। लेकिन इस बार मामला कुछ अलग था। कॉलेज में दाखिल हुआ 17 साल का लड़का, आर्यन, जो न तो महंगे कपड़े पहनता था, न ही उसके पास वह सभी चीजें थीं जो एक सामान्य कॉलेज स्टूडेंट के पास होनी चाहिए। फटी जींस, सस्ती चप्पल और एक पुराना बैग, आर्यन का यही लुक था। वह चुपचाप आखिरी बेंच पर जाकर बैठ गया, जबकि आसपास के छात्र उसकी स्थिति पर फुसफुसा रहे थे।

“यार, ये कौन है? देखो इसके कपड़े, लगता है कोई गरीब बस्ती से आया है। पता नहीं इसको यहां एडमिशन कैसे मिल गया,” कुछ छात्र एक-दूसरे से कहते हुए आर्यन पर हंसी उड़ा रहे थे।

आर्यन ने इन सब बातों पर ध्यान नहीं दिया। उसने अपना बैग खोला और अपनी डायरी पर ध्यान लगा दिया। एक तरफ जहां बाकी के छात्र कॉलेज की महंगी सुविधाओं का आनंद ले रहे थे, वहीं आर्यन के मन में एक अलग ही दुनिया थी।

भाग 2: प्रोफेसर विक्रम शर्मा

कुछ ही देर बाद, क्लास में एक तेज आवाज गूंजी। “गुड मॉर्निंग क्लास,” सभी छात्र चुप हो गए। अंदर प्रोफेसर विक्रम शर्मा आए। वे कॉलेज के सबसे सीनियर मैथमेटिक्स प्रोफेसर थे। उम्र 45 साल, चेहरा सख्त, हाथ में चौक और डस्टर। उनके बारे में यह कहा जाता था कि वह बहुत ही घमंडी थे, और उनकी घमंड में डूबी हुई बातें उनके छात्रों को परेशान करती थीं।

आज भी वही माहौल था। प्रोफेसर शर्मा ने बोर्ड पर एक जटिल गणित का सवाल लिखा और फिर उन्होंने चश्मा उतारते हुए क्लास की तरफ देखा और मुस्कुराते हुए बोले, “बच्चो, यह सवाल मैंने पिछले हफ्ते एक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में पूछा था। वहां के तीन पीएचडी होल्डर्स इसे सॉल्व नहीं कर पाए। तो क्या कोई है जो इसे सॉल्व कर सके?”

क्लास में सन्नाटा छा गया। किसी ने हाथ नहीं उठाया। प्रोफेसर शर्मा मुस्कुराए और कहा, “मुझे पता था तुम लोग नहीं कर सकते।” फिर उन्होंने बड़े आत्मविश्वास से कहा, “मैं खुद इसे सॉल्व करके दिखाता हूं।” वह चौक लेकर बोर्ड की तरफ बढ़ने ही वाले थे कि तभी आखिरी बेंच से एक हाथ उठा।

भाग 3: आर्यन का आत्मविश्वास

“सर, मैं इस सवाल को सॉल्व कर सकता हूं,” आर्यन ने शांति से कहा।

प्रोफेसर शर्मा चौंक गए और फिर व्यंग्य भरी मुस्कान के साथ बोले, “क्या? तुम? तुम्हारे जैसे लड़के को क्या समझ है गणित में? तुम यह सवाल सॉल्व कर सकते हो?”

आर्यन ने शांत रहते हुए कहा, “मैं कोशिश तो कर सकता हूं सर।”

“ठीक है,” प्रोफेसर शर्मा ने गुस्से से कहा, “अगर तुम इसे सॉल्व कर दोगे, तो मैं अपनी नौकरी छोड़ दूंगा।”

क्लास में हल्की हंसी गूंजने लगी, लेकिन आर्यन बिना किसी डर के खड़ा हो गया। उसने चौक उठाया और बोर्ड के पास पहुंच कर सवाल को देखा। फिर वह तेजी से लिखने लगा, बिना एक पल भी गंवाए।

भाग 4: आर्यन का जादू

सिर्फ एक मिनट में आर्यन ने पूरा सवाल सॉल्व कर दिया। प्रोफेसर शर्मा और क्लास में सभी छात्र चौंक गए। एक के बाद एक हर कदम की सही कैल्कुलेशन, हर स्टेप सही और अंत में सही उत्तर। सब कुछ एकदम सही था।

प्रोफेसर शर्मा का चेहरा अचानक बदल गया। उनका घमंड धराशायी हो गया। वह आर्यन की तरफ देख रहे थे, लेकिन उन्हें अब कुछ बोलने का साहस नहीं था।

“सर, अब तो आप अपनी नौकरी छोड़ने का वादा निभाएंगे, न?” आर्यन ने शांति से कहा।

क्लास में हंसी की लहर दौड़ गई। प्रोफेसर शर्मा ने सिर झुकाया, “तुमने सही किया।”

आर्यन का आत्मविश्वास अब पूरे कॉलेज में फैल चुका था। हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी, “आर्यन ने प्रोफेसर शर्मा को हरा दिया।”

भाग 5: प्रोफेसर शर्मा की शर्मिंदगी

क्लास खत्म होने के बाद प्रोफेसर शर्मा गलियारे में आर्यन के पास आए। उनका चेहरा गुस्से और घमंड से भरा हुआ था। उन्होंने आर्यन को देखा और कहा, “तुम सोचते हो कि तुम बहुत स्मार्ट हो? एक सवाल सॉल्व कर लिया तो क्या तुम मैथ के जीनियस हो गए?”

आर्यन ने शांति से जवाब दिया, “सर, मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा। आपने मुझे मौका दिया, मैंने सॉल्व कर दिया। बस।”

प्रोफेसर शर्मा ने गुस्से में कहा, “ठीक है, तुम इतने होशियार हो, तो मैं तुम्हें 10 सवाल देता हूं। सबसे कठिन सवाल, अगर तुम इन्हें सॉल्व कर दिए तो मैं अपनी नौकरी छोड़ दूंगा। लेकिन अगर तुम इन्हें नहीं सॉल्व कर पाए, तो तुम इस कॉलेज से बाहर हो जाओगे।”

आर्यन ने बिना किसी डर के कहा, “ठीक है सर, मैं तैयार हूं।”

भाग 6: एक बड़ी चुनौती

प्रोफेसर शर्मा ने कागज पर 10 बहुत कठिन गणित के सवाल लिखे। सवाल पोस्ट ग्रेजुएट लेवल के थे, लेकिन आर्यन ने बिना किसी हिचकिचाहट के उसे लिया और अगले दिन तक सभी सवालों का सही हल दे दिया।

प्रोफेसर शर्मा चौंक गए। उन्होंने आर्यन से कहा, “तुमने सच में 10 सवाल सॉल्व कर दिए, तुम सच में एक जीनियस हो।”

आर्यन ने मुस्कुराते हुए कहा, “अब आप अपनी बात पूरी करेंगे, सर?”

प्रोफेसर शर्मा की आँखों में अब पछतावा था। उन्होंने आर्यन के सामने सिर झुकाया और कहा, “मुझे माफ कर दो, बेटा। मैंने तुमसे बहुत बड़ी गलती की थी।”

आर्यन ने कहा, “सर, मैं आपसे नाराज नहीं हूं, बस यही चाहता हूं कि आप किसी को उसके कपड़े या हालात देखकर जज न करें। असली ताकत दिमाग में होती है, पैसों में नहीं।”

प्रोफेसर शर्मा ने अपनी गलती स्वीकार की और आर्यन से माफी मांगी।

भाग 7: आर्यन का असली चेहरा

प्रोफेसर शर्मा ने आर्यन की फाइल देखी और पाया कि वह सिर्फ एक गरीब लड़का नहीं था, बल्कि एक गणित का जीनियस था। उसकी किताबें राष्ट्रीय स्तर पर पढ़ी जाती थीं, और उसने बड़े-बड़े गणितज्ञों के साथ काम किया था। प्रोफेसर शर्मा की आंखें फटी रह गईं, क्योंकि उन्होंने जिस लड़के को पहले दिन नकारा था, वह असल में इस कॉलेज का सबसे प्रतिभाशाली छात्र था।

डॉक्टर वर्मा ने कहा, “विक्रम, तुमने जिस लड़के को पहले दिन अपमानित किया, वह इस कॉलेज का सबसे प्रतिभाशाली छात्र है।”

आर्यन की कड़ी मेहनत और विनम्रता ने सभी को यह सिखाया कि असली ताकत दिमाग में होती है, और घमंड इंसान को कभी सफल नहीं बना सकता।

समाप्त