बेटा 3 साल बाद DM. बनकर लौटा तो देखा बूढी माँ रेलवे स्टेशन पर भीख मांग रही है — फिर आगे जो हुआ…
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1. हताशा और संघर्ष की शुरुआत
मुंबई के एक बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल का वीआईपी वार्ड था। कमरे में महंगी मशीनें और सफेद मार्बल का चमकदार फर्श था। रिया मल्होत्रा, जो कि एक बड़े उद्योगपति की पत्नी थी, अपने बिस्तर पर लेटी हुई थी। उसकी आंखों पर काले चश्मे थे और वह तीन साल से देख नहीं सकती थी। उसके पति, राजवीर मल्होत्रा, एक बड़े व्यवसायी थे, लेकिन आज उनकी आँखों में केवल निराशा और थकान थी।
डॉक्टर ने उन्हें बताया था कि अब रिया की आंखों का इलाज नहीं हो सकता। ऑपरेशन, लेज़र और दवाइयाँ सब कुछ किया जा चुका था, लेकिन अब उम्मीद खत्म हो चुकी थी। राजवीर के चेहरे पर निराशा थी, और उसकी पत्नी की आँखों में वह घबराहट जो उसे कभी नहीं चाहिए थी।
2. एक गरीब लड़के का चमत्कारी उपाय
तभी एक गरीब लड़का, अमन, जो एक छोटे से चायवाले का काम करता था, हॉस्पिटल के बाहर आया। उसकी आँखों में एक अजीब सा आत्मविश्वास था, जैसा कि वह किसी बड़े काम को करने के लिए तैयार था। अमन ने डॉक्टर से कहा, “अगर मुझे एक मौका दिया जाए तो मैं इस महिला की आंखें ठीक कर सकता हूं।”
डॉक्टरों ने इसे मज़ाक समझा और कहा, “यह नामुमकिन है।” लेकिन अमन ने बिना किसी डर के कहा, “मुझे सिर्फ एक मौका दीजिए।”
अमन ने रिया की आंखों पर हाथ रखा और अपनी पुरानी मां की दी हुई एक छोटी सी दुआ पढ़नी शुरू की। कुछ सेकंड्स के बाद, रिया की आंखों में हल्का सा धुंधलापन था, लेकिन फिर अचानक वह देख पाने लगी। यह किसी चमत्कार से कम नहीं था।

3. राजवीर की प्रतिक्रिया और समझ
राजवीर की आंखों में आंसू थे। वह विश्वास नहीं कर पा रहा था कि उसकी पत्नी, जो तीन साल से देख नहीं पा रही थी, अब अचानक देख पा रही थी। उसने अमन को धन्यवाद दिया और उससे पूछा, “तुमने यह कैसे किया?”
अमन ने जवाब दिया, “साहब, यह सब विश्वास और थोड़ी सी कोशिश से हुआ है। जब सब हार जाते हैं, तब सच्चा विश्वास ही जीतता है।”
राजवीर की आँखों में अब सराहना थी। उसने अमन को गले लगाया और कहा, “तुमने मेरी पत्नी की जान बचाई है। मैं हमेशा तुम्हारा एहसान मानूंगा।”
4. अमन की मदद से नया जीवन
अमन की मदद से रिया की आंखों की रोशनी वापस आ गई और उसकी पूरी जिंदगी बदल गई। इस चमत्कार ने राजवीर के दिल को भी बदल दिया। वह समझ गया कि इंसानियत सबसे बड़ी शक्ति है।
अमन को अब किसी भी तरह की मदद की जरूरत नहीं थी, क्योंकि उसने यह साबित कर दिया था कि अगर किसी के पास विश्वास और साहस हो तो कोई भी मुश्किल हल हो सकती है। रिया और राजवीर ने अमन को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया और उसके भविष्य को संवारने का वादा किया।
5. अमन की नई शुरुआत
अमन की मदद से, रिया और राजवीर की जिंदगी में नया उजाला आया। वह एक छोटे से चायवाले से एक बड़े शहर के उद्योगपति के परिवार का हिस्सा बन गया। उसकी ईमानदारी और सच्चाई ने न सिर्फ एक आदमी की जिंदगी बदली, बल्कि पूरी परिवार को एक नई दिशा दी।
यह कहानी यह सिखाती है कि कभी भी किसी की मदद करने का मौका छोड़ना नहीं चाहिए। एक साधारण इंसान भी एक बड़ा बदलाव ला सकता है, अगर उसमें ईमानदारी और आत्मविश्वास हो।
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