सिर्फ गरीब होने की सजा? छात्र पर लगा लाखों की घड़ी चोरी करने का इल्ज़ाम!

.
.
.

कहानी: सिर्फ गरीब होने की सजा? छात्र पर लगा लाखों की घड़ी चोरी करने का इल्ज़ाम!

सेंट जेवियर्स इंटरनेशनल स्कूल की कैंटीन में एक दिन दोपहर की घंटी बजते ही शोरगुल मच गया। यह वह समय था, जब स्कूल के हर एक छात्र की भूख अब अपनी नई मस्ती में खोने वाली थी। पिज़्ज़ा, बर्गर और ताज़ी बेक की गई पेस्ट्री की खुशबू हवा में तैर रही थी। हर तरफ चांदी के चम्मचों की खनखनाहट, छात्रों की हंसी और आनंद का माहौल था। लेकिन, इसके बीच, कैंटीन के एक कोने में एक टूटी हुई बेंच पर बैठा था राघव, 15 साल का एक साधारण लड़का।

राघव का शरीर अपने चारों ओर चल रही चमक-धमक से बिल्कुल अलग था। उसकी पुरानी स्कूल की वर्दी से उसकी गरीबी झलक रही थी, उसके बैग से झांकते पुराने टिफिन बॉक्स में सिर्फ दो सूखी रोटियां और नमक-मिर्च का मिश्रण था। बाकी सभी छात्रों के पास आलीशान लंच थे, लेकिन राघव के पास था सिर्फ यही। किसी और की तरह वह भी आनंद लेना चाहता था, लेकिन वह महसूस करता था कि उसके पास कोई मौका नहीं था।

बाहर, कैंटीन के बीचों-बीच एक समूह बैठा था, और उनमें से एक था वरुण, जो शहर के सबसे अमीर बिल्डर का बेटा था। वरुण के पास इंपोर्टेड सैंडविच था, और जैसे ही उसने एक बाइट लिया, उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया। “इसमें मस्टर्ड सॉस बहुत ज्यादा है!” उसने चिढ़कर कहा और उसे बिना किसी दया के फेंक दिया। वह सैंडविच हवा में उछलता हुआ कचरे के डिब्बे में गिर गया। यह देख राघव का दिल धड़क उठा, और वह खुद को रोक नहीं पाया। उसकी आँखें उस सैंडविच पर जा टिकीं।

राघव के दिमाग में गणित का हिसाब नहीं, बल्कि घर का बजट घूमने लगा। ₹350 की कीमत का वह सैंडविच उस के लिए क्या मायने रखता था। ₹350, यानी उसकी मां की पूरी एक हफ्ते की दवा की कीमत। राघव के कदम धीरे-धीरे उस कचरे के डिब्बे की तरफ बढ़ने लगे, जैसे किसी ने उसे एक कड़ी जिम्मेदारी सौंप दी हो। पूरी कैंटीन का शोर थम सा गया था। सब की नजरें राघव पर थीं, और वह धीरे-धीरे कचरे के डिब्बे तक पहुंचा। उसने कचरे में से वह सैंडविच निकाला। यह कोई आसान काम नहीं था, लेकिन उसकी आँखों में एक अजीब सी उम्मीद थी।

वह सैंडविच को सावधानी से अपने हाथ में लेकर वापस मेज पर रखने लगा, जैसे वह इसे सम्मान दे रहा हो। इस दौरान वरुण और उसके दोस्त खड़े हो कर हंसी के साथ उसका मजाक उड़ाने लगे। “कुत्ते की तरह भौक के दिखा, अगर एक्टिंग की तो तुझे फ्रेश सैंडविच दे दूंगा!” वरुण ने राघव को चुनौती दी। उसकी हंसी और दोस्तों की गंदी बातें एक जहर की तरह राघव के दिल में उतर रही थी। लेकिन राघव चुपचाप खड़ा रहा, उसने अपने चेहरे पर न कोई प्रतिक्रिया दी और न कोई जवाब दिया।

वह सैंडविच को चुपचाप लाकर वरुण की मेज पर रख दिया, जैसे वह कोई पवित्र प्रसाद चढ़ा रहा हो। उसने वरुण की आंखों में देखा और कहा, “तुमने इसे इसलिए फेंक दिया क्योंकि इसमें सॉस ज्यादा था। लेकिन मेरे लिए यह सिर्फ एक सैंडविच नहीं है। यह उस किसान की मेहनत की क़ीमत है, जिसकी कड़ी मेहनत से यह अनाज हमारे तक पहुंचा है।” राघव के शब्दों में जो ठंडक थी, उसने वरुण के अंदर एक जहर जैसा डर भर दिया।

वह आगे बढ़ते हुए, अपनी पुरानी वर्दी में न केवल अपनी गरिमा बनाए हुए था, बल्कि उसने गरीबी को अपनी ताकत बना लिया था। वह जानता था कि किसी की गरीबी का मतलब उसकी बेईमानी नहीं हो सकता। और इस लड़ाई में, वह वरुण को ही नहीं, बल्कि अपने खुद के स्वाभिमान को भी जीतने वाला था।

इस पूरी घटना के बाद, वरुण का आत्मविश्वास ध्वस्त हो गया। उसकी आंखों में शर्मिंदगी झलकने लगी। पूरी क्लास की खामोशी यह दिखा रही थी कि अब वह लड़का, जिसे कभी हल्के में लिया जाता था, अब हर किसी से ज्यादा इज्जत का हकदार था।

अगले कुछ दिन स्कूल में एक अजीब सी शांति थी, और फिर एक दिन जब वरुण की घड़ी चोरी होने का इल्जाम राघव पर लगाया गया, तो एक और चुनौती सामने आई। वरुण ने झूठा इल्जाम लगाया कि राघव ने उसकी घड़ी चुराई थी। लेकिन, जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ी, यह साफ हो गया कि वास्तव में वरुण ने खुद अपने जूते के नीचे घड़ी छिपाई थी, ताकि वह राघव को अपमानित कर सके।

प्रिंसिपल मिस्टर डिसूजा ने एक CCTV फुटेज के आधार पर वरुण के झूठ का पर्दाफाश किया। इस पूरी घटना ने स्कूल में राघव के सम्मान को और बढ़ा दिया। यह साबित हुआ कि किसी भी आदमी की असलियत उसकी गरीबी से नहीं, बल्कि उसके कर्मों से मापी जाती है।

राघव ने अपनी मेहनत और ईमानदारी से एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जो आज भी स्कूल के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। गरीब होने का मतलब यह नहीं कि आप दूसरों से कम हैं, यह आपकी मेहनत और आदर्श हैं जो असली मूल्य तय करते हैं। राघव ने यह सिद्ध कर दिया कि न तो गरीबी और न ही कोई अपमान, किसी इंसान को उसकी कड़ी मेहनत और आत्मसम्मान से कम नहीं कर सकते।

समाप्त