America में 3 हजार गिरफ्तार, Mexico Border से घुसे थे | Indians को बना रहे निशाना | USA Deportation|

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अमेरिका में 3 हजार गिरफ्तार, मक्सिको बॉर्डर से घुसे थे | भारतीयों को बना रहे निशाना | USA Deportation

नमस्कार दोस्तों, मैं करमपाल। अमेरिका से एक बड़ी खबर आई है जो इस वक्त सुर्खियों में है। यह खबर अमेरिका के गृह विभाग (Department of Homeland Security) द्वारा दी गई है, जिसमें बताया गया है कि मिनेसोटा में 3000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी के दौरान सबसे अहम बात यह है कि इनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं और यह गिरफ्तारी मक्सिको के बॉर्डर से अवैध तरीके से अमेरिका घुसे लोगों की हुई है। यह गिरफ्तारी ऑपरेशन मेट्रो सर्च के तहत की गई है, जो पिछले कुछ हफ्तों से मिनेसोटा और आसपास के शहरों में चल रहा है।

गिरफ्तारी का कारण और इंडियन नागरिकों पर प्रभाव

मिनेसोटा के मिनिया पोलिस शहर में इस ऑपरेशन के तहत की गई गिरफ्तारियों में अधिकांश लोग अवैध तरीके से अमेरिका घुसे थे। इसमें भारतीय नागरिक भी शामिल थे, जो मक्सिको बॉर्डर से अवैध रूप से अमेरिका में घुसे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई भारतीयों को उनके चमड़ी के आधार पर पहचान कर गिरफ्तार किया गया। खासकर तेलुगु भाषी भारतीयों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है, जिन्हें डंकी के जरिए अमेरिका में घुसने का आरोप है।

कई भारतीयों के पास लीगल वीजा होने के बावजूद, उन्हें आईएस (ICE) टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया और कुछ को डिटेंशन सेंटर में घंटों तक रखा गया। एक मामला सामने आया है जहां एक तेलुगु भाषी युवक, जो एच-1 बी वीजा पर था, को केवल उसकी चमड़ी के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया। उसे चार घंटे तक हिरासत में रखा गया और उससे बार-बार सवाल किए गए, जैसे- “आप अमेरिका कैसे आए?” “आपका वीजा कैसे मिला?” “आपकी कंपनी का नाम क्या है?” इसके बाद उसे छोड़ा गया।

इसी प्रकार, एक अन्य छात्र, जो एफ-1 वीजा पर अमेरिका आया था, को भी चमड़ी के आधार पर गिरफ्तार किया गया। इस छात्र को भी घंटों तक डिटेंशन सेंटर में रखा गया और उससे उसकी पढ़ाई, कॉलेज, और काम के बारे में सवाल किए गए।

अमेरिका में अवैध प्रवेश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई

अमेरिकी प्रशासन ने डीएचएस (Department of Homeland Security) के माध्यम से यह कहा कि इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को गिरफ्तार करना था, जो अमेरिका में अवैध तरीके से घुसे थे और जिन्होंने अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन किया था। इसमें अपराधियों का भी समावेश था, जिन्होंने ट्रैफिक रूल्स तोड़े थे, चोरी की थी या अन्य किसी तरह से अपराध किया था। इसके बावजूद, उन लोगों को भी निशाना बनाया गया, जो असाइलम के जरिए अमेरिका आए थे और जिनके पास लीगल वीजा नहीं था।

अमेरिकी अधिकारियों का यह भी कहना है कि जिन लोगों के पास लीगल वीजा था, उन्हें भी गिरफ्तार किया गया और उनकी डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अमेरिका में डिटेंशन सेंटर की जगह की कमी होने के कारण, इन गिरफ्तारियों के बाद गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को दूसरे राज्यों में शिफ्ट किया जा रहा है।

अमेरिकी नागरिक भी गिरफ्तार किए गए

न केवल अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार किया जा रहा है, बल्कि यूएस सिटीजन भी गिरफ्तार किए गए हैं। 150 अमेरिकी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने आईएस की टीमों का विरोध किया था और इन गिरफ्तारियों को लेकर नारेबाजी की थी। ये नागरिक अपनी गाड़ियों को आईएस की गाड़ियों के सामने लगाकर उनका विरोध कर रहे थे।

यह स्थिति अब अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में डर और तनाव का कारण बन गई है। पहले जहां मिनेसोटा की सबसे बिजी सड़कें ट्रैफिक से भरी रहती थीं, अब वे सुनसान हो गई हैं। लोग अब अपनी दुकानों, मॉल्स, और बाजारों में कम ही जा रहे हैं। खासतौर पर डेमोक्रेट सरकार वाले राज्य जैसे कैलिफोर्निया, शिकागो, पोर्टलैंड और न्यूयॉर्क में अवैध रूप से घुसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चल रही है।

आइस की कड़ी कार्रवाई

आईस (ICE) की टीमों की कार्रवाई को लेकर कई रिपोर्ट्स आई हैं, जिनमें बताया गया है कि उन्होंने 3,000 से ज्यादा गिरफ्तारियाँ की हैं। इन गिरफ्तारियों में अपराधियों और इललीगल प्रवासियों का समावेश था। डीएचएस के अधिकारियों ने कहा है कि उनकी मुख्य प्राथमिकता उन लोगों को गिरफ्तार करना है जिन्होंने अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन किया है।

अमेरिकी प्रशासन ने यह भी बताया है कि ट्रंप प्रशासन ने 2025 के अंत तक 2 मिलियन लोगों को अमेरिका से बाहर किया था, जिसमें अवैध प्रवासी और गैर-स्थायी निवासी शामिल थे। इस समय अमेरिका में गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है।

अमेरिका में अवैध प्रवासियों के लिए भविष्य

अमेरिका में इस समय एक डर का माहौल है, खासकर उन इलाकों में जहां डेमोक्रेट पार्टी की सरकार है। आइस की टीमों की कार्रवाई लगातार बढ़ रही है, और इसमें भारत, मेक्सिको, और अन्य देशों के नागरिक निशाने पर हैं। अब यह देखना होगा कि अमेरिका में रहने वाले अवैध प्रवासियों को डिपोर्टेशन के बाद क्या प्रतिक्रिया मिलती है और क्या इससे अमेरिका की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव आता है।


निष्कर्ष

अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है, और इस पर प्रतिक्रिया बहुत तेजी से बढ़ रही है। अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में अवैध प्रवासियों के खिलाफ आइस (ICE) की कार्रवाई और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही भारतीय नागरिकों को भी निशाना बनाकर गिरफ्तार किया जा रहा है, जिससे भारत में और अमेरिका में कई परिवारों के लिए डर का माहौल पैदा हो गया है।