Dekho… Is Aurat Ne Aisa Bachcha Paida Kiya Ke Sab Hairaan Reh Gaye!

सलीम के घर में आज एक अजीब सी हलचल थी। उसकी पत्नी हिना मां बनने वाली थी, और यह उनके लिए एक नई जिंदगी की शुरुआत थी। मोहल्ले के सभी लोग इस खुशी में शामिल होने के लिए उत्सुक थे। सलीम की मां, जिसे मोहल्ले में सब अम्मा कहकर बुलाते थे, की आंखों में उम्मीद की चमक थी। कुछ ही समय बाद, हिना ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन जब सकीना ने नवजात को देखा, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।

नवजात का रहस्य

बच्चा था तो इंसान, लेकिन उसकी सूरत कुछ अजीब थी। उसके हाथ और चेहरा तो इंसान के थे, लेकिन उसकी त्वचा सूखी थी और उसके पैरों का आकार सांप की पूंछ जैसा था। सलीम और हिना दोनों स्तब्ध रह गए। सकीना ने बच्चे को गोद में उठाया और कहा, “यह अल्लाह की अमानत है। इसके पीछे कोई वजह होगी।”

सलीम ने हिम्मत जुटाते हुए कहा, “किसी को कुछ मत बताना। यह इम्तिहान है, हमें सब्र रखना होगा।” लेकिन हिना के चेहरे पर डर और सदमा साफ झलक रहा था।

आग का खेल

समय बीतता गया, लेकिन सलीम का मन अशांत था। एक दिन, मोहल्ले के एक अमीर व्यक्ति ने उसे जंगल की झाड़ियां साफ करने का काम दिया। पैसे की तंगी में सलीम ने तुरंत हामी भर दी। उसने सोचा कि आग लगा देने से काम जल्दी हो जाएगा। लेकिन उसने यह नहीं सोचा कि जंगल में भी जानवर रहते हैं। उसने आग लगाई, और जंगल जलने लगा।

जंगल में एक विशाल नाग था, जिसे गांव वाले श्रद्धा से नाग बाबा कहते थे। जब सलीम ने आग लगाई, तो नाग झुलस गया, लेकिन सलीम ने उसकी आंखों में दर्द और विनती देखी। उस पल सलीम के लिए समय जैसे ठहर गया। उसने नजरें झुका लीं और वहां से भाग गया।

बदला और तौबा

कुछ दिन बाद, सलीम ने मेहनत से जंगल साफ किया और पैसे लेकर घर आया। लेकिन उसे हर रात वही सपना आता रहा, वही जलता जंगल और वही नाग। जब उसका बेटा रिहान हुआ, तो सलीम ने सोचा कि यह उसके गुनाहों का कफ्फारा है।

रिहान बड़ा होने लगा, लेकिन उसकी खामोशी और अजीब हरकतें सलीम और हिना को परेशान करने लगीं। रिहान कभी नहीं रोता था, और उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी। हिना अक्सर आधी रात को जागकर उसे निहारती रहती थी, उसे डर था कि कहीं यह बच्चा असामान्य न हो।

खौफ और सच्चाई

एक रात, रिहान ने अचानक हिना को काट लिया। सलीम ने उसे तुरंत उठाया और उसे बचाने की कोशिश की। हिना का खून बह रहा था, और दोनों के चेहरे पर डर था। सलीम जानता था कि यह सब उसके गुनाह का नतीजा है।

मोहल्ले में बातें फैलने लगीं कि रिहान कोई जिन्न है। पड़ोसी अपने बच्चों को सलीम के घर के पास जाने से मना करने लगे। सलीम ने घर से बाहर निकलना लगभग छोड़ दिया।

सच्चाई का सामना

एक दिन, मस्जिद के इमाम मौलाना जलील ने सलीम से पूछा, “क्या सब ठीक है?” सलीम ने झूठ बोला कि रिहान बीमार है। मौलाना ने कहा, “इलाज करवाना जरूरी है।” सलीम के दिल में खौफ था कि सच सामने आया, तो लोग रिहान को एक डरावनी मखलूक के रूप में देखेंगे।

एक रात, जब सलीम रिहान के कमरे में गया, तो उसने देखा कि रिहान की आंखें अंधेरे में चमक रही थीं। सलीम ने फैसला किया कि अब वह अपने बेटे से नहीं डरेगा।

अंधेरी रात

कुछ दिनों बाद, एक रात तेज आंधी आई। सलीम ने देखा कि रिहान गायब है। वह उसे ढूंढते हुए पुराने सामान वाले कमरे में पहुंचा, जहां रिहान जमीन पर बैठा था। उसकी आंखों में वही अजीब सी चमक थी। सलीम के पांव जैसे जमीन में धंस गए।

हिना दरवाजे तक पहुंची और रिहान को देखकर चीख उठी। सलीम ने रिहान को उठाने की कोशिश की, लेकिन वह उसे धक्का देकर गिर गया। हिना की चीखें पूरे मोहल्ले में गूंज गईं।

अंतिम फैसला

सलीम ने महसूस किया कि यह सब उसकी गलती का नतीजा है। उसने अल्लाह से माफी मांगी। उस रात रिहान ने पहली बार रोना शुरू किया। उसकी सिसकियों में इंसानियत लौट आई।

लेकिन सुबह ने एक नया डर लेकर दस्तक दी। पूरे मोहल्ले में रिहान का जिक्र था। लोग कहने लगे कि वह जिन्न है।

रिसर्च सेंटर की कहानी

कुछ दिनों बाद, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस वाले सलीम के घर आए। उन्होंने कहा, “हमें रिहान को रिसर्च सेंटर ले जाना होगा।” सलीम ने मना किया, लेकिन रिहान ने अचानक एक स्टाफ सदस्य पर झपट्टा मारा।

सलीम ने देखा कि रिहान ने पहली बार अपनी ताकत दिखाई। उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया, और रिहान को एक पिंजरे में बंद कर दिया गया।

नाग की मुक्ति

रिहान अब रिसर्च सेंटर में था। डॉक्टरों ने देखा कि उसके शरीर में एक अनोखी ऊर्जा है। एक दिन, जब सलीम वहां पहुंचा, रिहान ने कहा, “अब्बू, वो नाग अब दर्द में नहीं है।”

सलीम ने सिहरते हुए पूछा, “तुम उसे जानते हो?” रिहान ने मुस्कुराते हुए कहा, “वो मरा नहीं था। वह बस इंतजार कर रहा था कि कोई अपनी गलती माने।”

तौबा की ताकत

सलीम ने महसूस किया कि यह सब उसके गुनाहों का कफ्फारा था। रिहान ने कहा, “जब इंसान अपने गुनाह को पहचान लेता है, तो श्राप दुआ में बदल जाता है।”

सलीम ने रिहान को गले लगाया और उसकी आंखों में आंसू थे। डॉक्टरों ने देखा कि रिहान की त्वचा अब मुलायम हो गई थी।

नया जीवन

लेकिन अचानक, रिहान के शरीर से तेज रोशनी निकली। सलीम ने उसे रोते हुए देखा और कहा, “मैंने सब खोया है।” रिहान ने मुस्कुराते हुए कहा, “आपने मुझे इंसान बनना सिखाया। अब मुझे इंसानियत को सुकून देना है।”

उस पल में सब कुछ थम गया। फिर रिहान वहां नहीं था, सिर्फ एक हल्की सी राख की परत बची थी।

नया सफर

सलीम और हिना ने एक नया जीवन शुरू किया। उन्होंने एक छोटा सा स्कूल खोला और बच्चों को पढ़ाने लगे। एक दिन, एक बच्चा दौड़ता हुआ आया और कहा, “मास्टर जी, पेड़ के नीचे एक सांप बैठा है।”

सलीम ने मुस्कुराते हुए कहा, “चलो दिखाओ।” वहां एक काला सुंदर नाग था। सलीम ने कहा, “तेरी अमानत लौट आई मेरे दोस्त।”

समापन

इस तरह, सलीम ने सीखा कि गुनाह कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर तौबा सच्ची हो, तो खुदा भी माफ कर देता है। रिहान की आत्मा अब आसमान का हिस्सा बन चुकी थी, और सलीम ने अपने बेटे की यादों को संजोकर एक नई जिंदगी शुरू की।

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