Dharmendra धर्मेंद्र की बहन Maya Devi Intervivew |Dharmendra Deol sister Maya Devi

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धर्मेंद्र की बहन माया देवी का भावुक इंटरव्यू: “उनकी यादें कभी नहीं मिट सकती”

परिचय

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का नाम भारतीय सिनेमा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है। उनकी फिल्मों, अभिनय और व्यक्तित्व ने करोड़ों दिलों को छुआ है। लेकिन धर्मेंद्र के जीवन का एक पहलू है जो कम ही सामने आता है—उनका पारिवारिक संबंध, खासकर अपनी बहन माया देवी के साथ। हाल ही में माया देवी ने एक भावुक इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने धर्मेंद्र के साथ बिताए पलों, उनके जाने के बाद का दुख, और उनकी यादों को साझा किया। यह इंटरव्यू न सिर्फ एक भाई-बहन के रिश्ते की गहराई को दिखाता है, बल्कि धर्मेंद्र की सादगी और इंसानियत की भी कहानी सुनाता है।

बचपन की यादें और पारिवारिक रिश्ता

माया देवी ने अपने इंटरव्यू में बताया कि धर्मेंद्र उनके लिए सिर्फ एक भाई ही नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और सबसे अच्छा दोस्त भी थे। वे दोनों छोटे थे, तो स्कूल में साथ पढ़ते थे और एक ही मकान में रहते थे। “धर्मेंद्र जी जब स्कूल में पढ़ते थे, तब मैं भी उन्हें देखा करती थी। वे बहुत मेहनती और जिंदादिल थे,” माया देवी ने कहा।

उन्होंने आगे बताया कि धर्मेंद्र का स्वभाव बहुत सरल था। “बचपन में वे मेरे बिना एक मिनट भी नहीं रह सकते थे। खेलना, हँसना, और छोटी-छोटी शरारतें करना उनकी आदत थी। लड़कों और लड़कियों में कोई भेदभाव नहीं था, सबको बराबर मानते थे,” माया देवी ने याद करते हुए कहा।

फिल्मों के प्रति लगाव

माया देवी ने स्वीकार किया कि उन्हें धर्मेंद्र की फिल्में हमेशा पसंद आईं। “फिल्में धर्मेंद्र जी की अच्छी लगती थीं, लेकिन बाकी भी ठीक लगती थीं। मैंने बहुत फिल्में देखी हैं, और जिंदगी भी फिल्मों के साथ ही गुजर गई,” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा। धर्मेंद्र की ‘शोले’ जैसी फिल्मों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि मुंबई में फिल्म बनती थी और वे हमेशा धर्मेंद्र की फिल्मों को सबसे पहले देखती थीं।

“फिल्म का कोई ठिकाना नहीं है, लेकिन धर्मेंद्र जी की फिल्में दिल को छू जाती थीं। उनकी हर फिल्म में कुछ खास होता था,” माया देवी ने कहा।

धर्मेंद्र से मुलाकात और यादें

माया देवी ने बताया कि लगभग 11 साल पहले धर्मेंद्र उनसे मिलने आए थे। “जब वे मिले, तो मैंने उनके साथ फोटो भी खिंचवाई थी। बहुत भीड़ थी, लेकिन उन्होंने सबको समय दिया। उनकी सबसे बड़ी बात थी कि वे कभी किसी को नज़रअंदाज़ नहीं करते थे। सबकी इज्जत करते थे,” माया देवी ने भावुक होकर बताया।

उनके पोते ने उन्हें धर्मेंद्र के निधन की खबर दी। “जब मुझे पता चला कि धर्मेंद्र जी अब नहीं रहे, तो बहुत दुख हुआ। मेरी आँखों में आँसू आ गए। उनकी यादें कभी नहीं मिट सकतीं। मैं तो गलतियां कर-कर के थक गई, लेकिन धर्मेंद्र जी की यादें हमेशा ताज़ा रहेंगी,” उन्होंने कहा।

धर्मेंद्र की इंसानियत और सादगी

माया देवी ने धर्मेंद्र की इंसानियत की तारीफ की। “धर्मेंद्र जी जैसा आदमी दुनिया में शायद दोबारा नहीं आएगा। उनकी आदतें, उनका व्यवहार, सबकुछ बहुत अच्छा था। बॉम्बे में उनका फार्महाउस था, वहाँ वे सबसे मिलते थे, सबकी इज्जत करते थे।” उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र की सादगी ही उन्हें सबसे अलग बनाती थी।

“वो अमर हो गए हैं। इंसान चला जाता है, लेकिन उसकी यादें कभी नहीं मिटतीं। धर्मेंद्र जी नारे आकाशवाणी करके गए, वे सितारा बन गए हैं। उनके जैसा कोई नहीं आएगा,” माया देवी ने भावुक स्वर में कहा।

परिवार और समाज में धर्मेंद्र का स्थान

माया देवी ने बताया कि धर्मेंद्र का परिवार और समाज में बहुत सम्मान था। “लड़के कह लो, लड़कियां कह लो, सब उनसे प्यार करते थे। उन्होंने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। उनकी इंसानियत और प्यार ने सबका दिल जीत लिया,” उन्होंने कहा।

उन्होंने आगे बताया कि धर्मेंद्र के जाने के बाद परिवार में खालीपन है, लेकिन उनकी यादें और सिखाई गई बातें हमेशा साथ रहेंगी। “धर्मेंद्र जी की यादें कभी मिट नहीं सकतीं। वे हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे,” माया देवी ने कहा।

धर्मेंद्र का प्रभाव और विरासत

माया देवी ने धर्मेंद्र के प्रभाव और विरासत के बारे में भी बात की। “धर्मेंद्र जी ने जितना प्यार और सम्मान कमाया, वह बहुत कम लोगों को मिलता है। उनकी फिल्मों, उनकी सादगी, और उनके व्यवहार ने उन्हें अमर बना दिया है।”

उन्होंने कहा, “इंसान चला जाता है, लेकिन उसकी अच्छाई, उसकी यादें, और उसके काम हमेशा जिंदा रहते हैं। धर्मेंद्र जी आज भी हमारे साथ हैं, उनकी यादें हमारे दिलों में हमेशा रहेंगी।”

निष्कर्ष

धर्मेंद्र की बहन माया देवी का यह इंटरव्यू हमें सिखाता है कि सच्ची महानता सिर्फ प्रसिद्धि या धन में नहीं, बल्कि इंसानियत, सादगी, और रिश्तों की गहराई में होती है। धर्मेंद्र ने अपने जीवन में जो प्यार, सम्मान और यादें छोड़ी हैं, वे हमेशा उनके परिवार और चाहने वालों के दिल में जिंदा रहेंगी।

माया देवी की बातें धर्मेंद्र के जीवन का एक अनछुआ पहलू दिखाती हैं—एक भाई, एक दोस्त, और एक महान इंसान। उनकी कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो अपने रिश्तों को सच्चे दिल से निभाना चाहता है।

धर्मेंद्र जी की यादें अमर हैं। वे सितारा बनकर हमेशा चमकते रहेंगे।

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