Prashant Tamang का 43 की उम्र में इस वजह से हुआ निधन!prashant tamang death ! prashant tamang news

.
.

.

43 साल की उम्र में प्रशांत तमांग का निधन: इंडियन आइडल विजेता की प्रेरणादायक कहानी अधूरी रह गई

11 जनवरी 2026 की सुबह भारतीय संगीत और मनोरंजन जगत के लिए गहरा सदमा लेकर आई।
इंडियन आइडल सीजन 3 के विजेता, सिंगर और एक्टर प्रशांत तमांग का अचानक निधन हो गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ा, जिसके बाद नई दिल्ली में उनका देहांत हो गया। वह सिर्फ 43 साल के थे।

हालांकि आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन परिवार और करीबियों ने उनके निधन की पुष्टि कर दी है। उनके म्यूजिक पार्टनर भाविक धनक ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखते हुए इस दुखद खबर को साझा किया। इस जानकारी के सामने आते ही सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई और प्रशांत के लाखों फैंस, दोस्त और इंडस्ट्री से जुड़े लोग स्तब्ध रह गए।

दार्जिलिंग से देश के दिल तक: एक साधारण लड़के की असाधारण यात्रा

प्रशांत तमांग का जन्म 4 जनवरी 1983 को पश्चिम बंगाल के खूबसूरत हिल स्टेशन दार्जिलिंग में हुआ था। पहाड़ों के एक साधारण परिवार से आने वाले प्रशांत की जिंदगी बचपन से ही संघर्षों से भरी रही।

कम उम्र में ही उनके पिता का निधन हो गया। पिता की मौत के बाद घर की जिम्मेदारी अचानक प्रशांत के कंधों पर आ गई। हालात ऐसे बने कि उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी की राह चुननी पड़ी। आर्थिक मजबूरियों के चलते उन्होंने कोलकाता पुलिस में कांस्टेबल के रूप में नौकरी शुरू की।

लेकिन पुलिस की वर्दी पहनने के बावजूद, उनके भीतर का कलाकार कभी नहीं मरा।
ड्यूटी के बाद रियाज़ करना, पुलिस ऑर्केस्ट्रा के साथ गाना, छोटे-मोटे कार्यक्रमों में हिस्सा लेना – यही उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया। उनके लिए संगीत कोई शौक नहीं, बल्कि जीने का सहारा था।

इंडियन आइडल 3: जब एक कांस्टेबल पूरे देश की आवाज बन गया

साल 2007 भारतीय रियलिटी टीवी शो के इतिहास में एक खास साल था। सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले रियलिटी शो इंडियन आइडल सीजन 3 में एक शांत, साधारण-सा दिखने वाला युवक ऑडिशन देने पहुंचा – नाम था प्रशांत तमांग

उस समय बहुत कम लोग जानते थे कि यह युवक कोलकाता पुलिस में कांस्टेबल है।
सादा स्वभाव, हल्की-सी झिझक, लेकिन जब वह मंच पर आता और गाता, तो उसकी आवाज़ सीधे दिल पर असर करती थी

इंडियन आइडल के सफर में प्रशांत की सबसे बड़ी ताकत रही उनकी:

सादगी,
भावुक, मीठी आवाज,
और ईमानदार व्यक्तित्व

उन्होंने किसी बनावटी अंदाज़, ओवरड्रामैटिक स्टाइल या दिखावे की बजाय, अपने सच्चे सुरों से लोगों का दिल जीता। हर एपिसोड के साथ उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई। खास तौर पर दार्जिलिंग, नॉर्थ-ईस्ट, नेपाल और गोरखा समुदाय ने उन्हें दिल खोलकर सपोर्ट किया।

जब फाइनल नतीजा आया और घोषित किया गया कि इंडियन आइडल सीजन 3 के विजेता प्रशांत तमांग हैं, तो यह सिर्फ एक सिंगर की जीत नहीं थी। यह उन लाखों युवाओं की जीत थी जो छोटे शहरों, कस्बों, पहाड़ी इलाकों से बड़े सपने लेकर निकलते हैं।

इंडियन आइडल जीतने के बाद देशभर में उनके सम्मान में जश्न मनाया गया। दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों में तो इसे किसी त्योहार की तरह सेलिब्रेट किया गया।

“धन्यवाद” से शुरू हुआ संगीत का सफर, दुनिया तक पहुंची आवाज

इंडियन आइडल की सफलता के बाद प्रशांत का संगीत करियर नए मोड़ पर आ गया।
उनका पहला म्यूजिक एल्बम “धन्यवाद” रिलीज हुआ, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया। इस एल्बम के गानों में वह सादगी, अपनापन और भावनात्मक गहराई साफ झलकती थी, जो उनकी पहचान बन चुकी थी।

इसके बाद उन्होंने:

भारत के लगभग सभी बड़े शहरों –
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु आदि में
अनेक लाइव कॉन्सर्ट किए।
छोटे शहरों तक भी पहुंचे, जहां उनके फैंस उन्हें लाइव सुनने के लिए बेताब रहते थे।
विदेशों में बसे भारतीयों के बीच भी उनके शो की अच्छी डिमांड रही। उन्होंने
अमेरिका, यूके, खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में भी परफॉर्म किया।

लाइव परफॉर्मेंस के दौरान प्रशांत सिर्फ गाते नहीं थे,
बल्कि दर्शकों से सीधा संवाद भी करते थे।
वह अक्सर मंच से अपनी कहानी सुनाते –
कि कैसे एक पुलिस कांस्टेबल ने टीवी पर गाना गाने का सपना देखा
और पूरे देश की आवाज बन गया।

उनके ये शब्द हजारों-लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन जाते थे,
जो सोचते थे कि “हम जैसा आम इंसान क्या कर सकता है?”

अभिनय की दुनिया में भी जमाया रंग

संगीत के साथ-साथ प्रशांत ने अभिनय (एक्टिंग) की दुनिया में भी कदम रखा।
उन्होंने मुख्य रूप से नेपाली फिल्मों में काम किया और बाद में वेब सीरीज के माध्यम से हिंदी दर्शकों के बीच भी अपनी पहचान बनाई।

नेपाली फिल्में

गोर्खा पलटन (2010)
यही फिल्म उनके अभिनय करियर की शुरुआत मानी जाती है।
फिल्म में उनके काम को दर्शकों और समीक्षकों ने सराहा।
निशानी परदेसी
कीना माया मा

जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अभिनय किया।
इन फिल्मों में भी उनकी वही सादगी और ईमानदारी झलकती रही,
जो उनके व्यक्तित्व की पहचान थी।

प्रशांत बड़े संवादों या ओवरएक्टिंग पर भरोसा नहीं करते थे।
वह किरदार को समझकर उसे साधारण, मगर सच्चे तरीके से निभाते थे।
शायद इसी वजह से दर्शक उनके अभिनय से खुद को जोड़ पाते थे।

वेब सीरीज – पाताल लोक सीजन 2

हाल के वर्षों में, जब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का चलन बढ़ा,
प्रशांत को अमेज़न प्राइम की लोकप्रिय वेब सीरीज
“पाताल लोक” सीजन 2 में काम करने का मौका मिला।

उन्होंने इसमें डेनियल लेचो का किरदार निभाया।
यह किरदार उनके लिए काफी अलग और चुनौतीपूर्ण था –
गंभीर, मजबूत और ग्रे शेड वाला रोल।

दर्शकों के लिए यह देखना हैरान करने वाला, लेकिन सुखद था
कि एक सिंगर इतना दमदार अभिनय भी कर सकता है।
सोशल मीडिया पर उनके अभिनय की खूब तारीफ हुई और
कई लोगों ने लिखा कि प्रशांत ने बतौर कलाकार खुद को एक नए स्तर पर साबित किया है।

परिवार, रिश्ते और निजी जीवन

जहां एक तरफ पेशेवर जीवन में प्रशांत निरंतर आगे बढ़ रहे थे,
वहीं निजी जीवन में भी उन्होंने संतुलन बनाए रखने की कोशिश की।

साल 2011 में उन्होंने गीता तमांग से शादी की।
गीता तमांग पेशे से एयर होस्टेस रही हैं।
दोनों की शादी सादगीपूर्ण माहौल में हुई थी।

प्रशांत अक्सर इंटरव्यूज़ में कहते थे कि उनकी पत्नी गीता ने
हर मुश्किल समय में उनका साथ दिया और उन्हें भावनात्मक मजबूती दी।
उनके लिए परिवार हमेशा काम से ऊपर रहा।
चाहे कितने भी शो क्यों न हों,
वह परिवार के साथ समय बिताने की कोशिश करते थे।

दार्जिलिंग से उनका लगाव हमेशा बना रहा।
वह अपने शहर, पुरानी गलियों, दोस्तों और शुरुआती संघर्षों को
कभी नहीं भूले।
अक्सर दार्जिलिंग जाकर लोगों से मिलते,
स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेते और
उन्हें यह एहसास दिलाते रहते कि
वह अभी भी “पहाड़ों के अपने प्रशांत” हैं,
सिर्फ “सेलिब्रिटी” नहीं।

अचानक मिला झटका: हार्ट अटैक की खबर ने सबको तोड़ दिया

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रशांत तमांग हाल ही में
अरुणाचल प्रदेश में एक लाइव परफॉर्मेंस करके
दिल्ली लौटे थे।
शो के दौरान या वापसी के दौरान
उनकी तबीयत को लेकर
कोई चिंता की बात सामने नहीं आई थी।
ना ही उनके किसी इंटरव्यू या सोशल मीडिया पोस्ट से
कभी यह संकेत मिला कि वे किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।

इसी बीच 11 जनवरी 2026 की सुबह खबर आई कि
दिल्ली में दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से
उनका निधन हो गया।

इस खबर ने फैंस और करीबियों को गहरा झटका दिया,
क्योंकि उनके बारे में हमेशा एक स्वस्थ, सक्रिय और व्यस्त कलाकार की छवि रही।

उनके म्यूजिक पार्टनर भाविक धनक ने सबसे पहले
सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि
उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि प्रशांत अब इस दुनिया में नहीं रहे।
भाविक ने इसे अपनी जिंदगी का “सबसे बड़ा झटका” बताया।

इसके बाद धीरे-धीरे फिल्म और संगीत इंडस्ट्री के
कई कलाकारों, इंडियन आइडल के पुराने जजों और कंटेस्टेंट्स ने
शोक संदेश लिखे।
हर किसी की एक ही बात थी –

प्रशांत की सादगी,
उनका संघर्ष,
और सफलता के बावजूद उनका जमीन से जुड़ा रहना
उन्हें सबसे अलग बनाता था।

फैंस का दुख, दुनिया भर से श्रद्धांजलि

उनके निधन की खबर सामने आते ही:

सोशल मीडिया पर लोगों ने
उनके पुराने गाने,
इंडियन आइडल के वीडियो,
और लाइव शो की क्लिप्स शेयर करनी शुरू कीं।
कई फैंस ने लिखा कि
प्रशांत सिर्फ एक सिंगर नहीं,
बल्कि उम्मीद की आवाज़ थे –
खास तौर पर उन युवाओं के लिए
जो छोटे शहरों से बड़े सपने देखते हैं।
कई जगहों पर लोगों ने
मोमबत्तियां जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कुछ ने उनके गाने चलाकर
सामूहिक रूप से उन्हें याद किया।
इंडियन आइडल के जजों,
पूर्व कंटेस्टेंट्स और
संगीतकारों ने भी
उन्हें भावुक शब्दों में याद किया।

उनके परिवार –
पत्नी गीता तमांग और अन्य परिजनों के लिए
यह समय बेहद कठिन है।
करीबी दोस्त लगातार परिवार के साथ खड़े रहने की कोशिश कर रहे हैं,
ताकि इस सदमे से बाहर निकलने में उन्हें सहारा मिल सके।

प्रशांत तमांग की विरासत: संघर्ष से सफलता तक की जीवंत मिसाल

अगर प्रशांत तमांग की पूरी कहानी को एक वाक्य में कहा जाए,
तो शायद वह कुछ यूं होगी:

“एक साधारण पुलिस कांस्टेबल,
जिसने अपने सपनों को मरने नहीं दिया
और मेहनत, ईमानदारी और धैर्य से
असाधारण मुकाम हासिल किया।”

उनकी कहानी यह साबित करती है कि:

सफलता सिर्फ बड़े शहरों से नहीं आती,
छोटे कस्बों, पहाड़ी इलाकों और साधारण परिवारों से भी
ऐसे लोग निकलते हैं
जो पूरे देश के दिलों पर राज करते हैं।
अगर इंसान के अंदर
जुनून और सच्चाई हो,
तो वह कितनी भी चुनौतियों के बावजूद
अपना रास्ता बना सकता है।
नौकरी और जिम्मेदारियों के बीच भी
सपनों को जिंदा रखा जा सकता है –
बशर्ते इंसान हार मानकर बैठ न जाए।

आज भले ही प्रशांत तमांग
हमारे बीच मौजूद नहीं हैं,
लेकिन:

उनकी आवाज़,
उनके गाने,
इंडियन आइडल के यादगार परफॉर्मेंस,
उनकी फिल्में और वेब सीरीज,
और सबसे बढ़कर
उनकी जीवन यात्रा

हमेशा लोगों को प्रेरित करती रहेगी।

जब भी इंडियन आइडल के इतिहास की बात होगी,
जब भी संघर्ष से सफलता की कहानी सुनाई जाएगी,
प्रशांत तमांग का नाम
ज़रूर लिया जाएगा।

श्रद्धांजलि

संगीत और मनोरंजन जगत ने
एक सच्चा, सरल और प्रतिभाशाली कलाकार खो दिया है।

ईश्वर से प्रार्थना है कि
दिवंगत आत्मा को शांति दे
और उनके परिवार को
इस कठिन समय में
हिम्मत और सहारा प्रदान करे।

प्रशांत तमांग भले चले गए हों,
पर उनका संगीत और उनकी कहानी
हमेशा ज़िंदा रहेगी।