Zalim Police Wali Par Kis Gunah Ka Azab Aaya? | Allah Ka Azab | Heart Touching Islamic Story

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“जैसा किया वैसा पाया, पुलिस वाली पर आया अल्लाह का अज़ाब”

यह कहानी एक पुलिस अधिकारी सना अल्लाह की है, जो अपनी शक्तियों और अपने काम के नाम पर लोगों को तंग करती थी। मगर एक दिन ऐसा हुआ कि उसी सना पर अल्लाह का अज़ाब आ गया, और यह घटना पूरे समाज को एक गहरी सीख दे गई। यह कहानी हमें यह बताती है कि इंसान को अपनी शक्तियों का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए, वरना एक दिन उसका खुद पर भी असर हो सकता है।

भाग 1: एक पुलिस इंस्पेक्टर की जिंदगी

सना अल्लाह, एक सख्त पुलिस अफसर, अपने इलाके में किसी से भी किसी तरह का अपराध बर्दाश्त नहीं करती थी। उसकी खौ़फनाक छवि से सभी लोग डरते थे। वह नियमों और कानून की ताकत का गलत तरीके से इस्तेमाल करती थी। सना का विश्वास था कि पुलिस की ताकत और अधिकार उसे समाज में सबसे ऊपर रख सकते हैं। लेकिन सना के साथ एक और सच्चाई थी, जो वह खुद भी नहीं जान पाई—उसके कर्मों का असर एक दिन उसे अपनी ही जिंदगी में झेलना पड़ेगा।

सना के पास अपना घर था, सुख-सुविधाएं थीं, लेकिन फिर भी उसे कभी संतोष नहीं मिला। उसका दिल लोगों पर दबाव बनाने, उन्हें अपनी शक्ति दिखाने में ही संतुष्ट था। वह मानती थी कि पुलिस की ताकत ही सब कुछ है। लेकिन यह सोच सना के जीवन में एक अजीब मोड़ ले आई।

भाग 2: गरीबों और मजबूरों पर जुल्म

सना के इलाके में एक लड़की थी, जिसका नाम मरियम था। मरियम की मां खदीजा एक गरीब और बीमार औरत थी। मरियम का दिल साफ था, और वह किसी से मदद नहीं मांगती थी, लेकिन उसकी मजबूरी ने उसे सड़कों पर भीख मांगने के रास्ते पर ला दिया था। उसकी मां की तबीयत बिगड़ती जा रही थी, और घर में खाना तक नहीं था। मरियम ने अपने दिल में ठान लिया कि वह किसी भी हालत में अपनी मां के लिए इलाज लाकर रहेगी।

एक दिन मरियम ने शरबत बेचने वाले बूढ़े आदमी से मदद मांगी, लेकिन उसी समय पुलिस इंस्पेक्टर सना वहां आ गई। सना की नजर मरियम पर पड़ी, और उसे शरबत पीते हुए देखा। वह तुरंत उसकी तरफ बढ़ी और कहा, “यह शरबत कहां से लिया?” मरियम घबराई हुई थी, लेकिन सना ने उसका गिलास छीन लिया और उसे जमीन पर पटक दिया। मरियम का दिल टूट गया, और उसने आंसू बहाने शुरू कर दिए।

यह दृश्य देखकर आसपास खड़े लोग भी चुप हो गए। लेकिन सना को कोई तरस नहीं आया। वह किसी गरीब को मदद देने के बजाय, उसकी मदद करने वाले आदमी को भी घसीटकर हटा देती है। मरियम ने फिर अल्लाह से दुआ की, “या अल्लाह, तू ही मेरा सहारा है, तू ही मेरा रक्षक है।” मरियम की दुआ आसमान में पहुंची थी, और यही दुआ सना की जिंदगी में एक बदलाव लाने वाली थी।

भाग 3: सना पर अल्लाह का अज़ाब

इंस्पेक्टर सना अल्लाह को यह कभी समझ नहीं आया कि उस दिन मरियम की दुआ क्यों पूरी हो गई। सना अपने काम में व्यस्त थी, और अपने कर्मों से पूरी तरह बेखबर थी। मगर जब सना अल्लाह की जिंदगी में अचानक एक मोड़ आया, तो उसने खुद महसूस किया कि उसके किए गए जुल्म का असर अब खुद उस पर आ चुका था।

एक दिन सना अल्लाह ने महसूस किया कि उसके हाथों पर अजीब से फोड़े निकल आए थे। शुरू में यह फोड़े छोटे थे, लेकिन धीरे-धीरे वे बढ़ने लगे और दर्द भी तेज होने लगा। सना को समझ नहीं आया कि यह क्या हो रहा था। डॉक्टरों ने कई जांचें की, लेकिन किसी ने भी यह नहीं बताया कि यह बीमारी किस वजह से हो रही थी। सना का दर्द बढ़ता गया, और उसकी हालत दिन-ब-दिन बिगड़ने लगी। वह समझने लगी कि यह किसी तरह का अज़ाब है, जो उसे अपनी गलतियों की वजह से भुगतना पड़ रहा है।

भाग 4: सना की तौबा और मदद की तलाश

सना को यह एहसास हुआ कि उसकी जिंदगियां दूसरों के साथ बुराई करने में ही नहीं, बल्कि मदद करने में भी है। उसने अपनी पुरानी यादों को खंगालना शुरू किया, जब उसने कई बार गरीबों को तंग किया था। उसे यह महसूस हुआ कि हर बार उसने किसी न किसी गरीब को बिना वजह परेशान किया था। उसने खुद को दोषी महसूस किया और अल्लाह से तौबा की।

सना ने अब यह तय किया कि वह अपनी गलतियों को सुधारने के लिए किसी भी हद तक जाएगी। उसने मरियम से मिलकर अपनी गलती की माफी मांगी, और यह स्वीकार किया कि उसने मरियम के साथ बहुत बुरा किया। मरियम, जो पहले सना से बहुत घबराई हुई थी, अब सना की माफी को स्वीकार करती है। सना ने मरियम की मदद करना शुरू किया और उसकी मां की इलाज का इंतजाम किया।

भाग 5: सना का अज़ाब और दुआओं का असर

सना का दर्द धीरे-धीरे कम होने लगा। उसने महसूस किया कि अल्लाह की मदद से उसकी जिंदगी में बदलाव आ रहा था। उसका आत्मविश्वास वापस लौट आया, और वह अब गरीबों और मजबूरों के साथ खड़ी थी। सना ने पूरी तरह से अपने जीवन को बदलने का प्रयास किया, और उसकी जिंदगी अब उन बच्चों और गरीबों के लिए एक उदाहरण बन गई जो कभी समाज में दबे हुए थे।

सना ने यह भी महसूस किया कि अल्लाह की दुआओं और सच्चे इरादों का असर होता है। अगर दिल से तौबा की जाए और सही रास्ते पर चला जाए, तो अल्लाह अपनी रहमत से सब कुछ बदल सकता है। सना अल्लाह की तौबा और दुआओं के असर से उसका पूरा जीवन बदल गया था।