जिस बच्चे को सबने भिखारी समझा, उसी बच्चे ने बचाई आर्मी जवान की जान | फिर जो हुआ देखिए😱

एक मां का बेटा और अनजान मसीहा: इंसानियत की अमर दास्तां
भाग 1: संघर्ष की नींव और मां का सपना
एक छोटे से गांव की तंग गलियों में रघु अपनी मां सरला के साथ रहता था। रघु के पिता का साया उसके सिर से तब उठ गया था जब वह बहुत छोटा था। सरला ने अपनी पूरी जवानी मजदूरी, सिलाई और दूसरों के खेतों में काम करते हुए बिता दी, ताकि उसका बेटा रघु पढ़-लिखकर कुछ बन सके। सरला की दुनिया सिर्फ रघु के इर्द-गिर्द घूमती थी। वह अक्सर कहती थी, “रघु, तू ही मेरे जीने की वजह है।”
रघु बड़ा हुआ और उसने फौज में जाने का फैसला किया। मां का दिल कांप उठा, पर उसने अपने बेटे के देशप्रेम के आड़े आना ठीक नहीं समझा। जिस दिन रघु वर्दी पहनकर घर लौटा, सरला की आंखों में गर्व के आंसू थे।
भाग 2: सीमा पर जंग और जीवन का संकट
रघु की तैनाती सीमा पर हुई। अचानक एक दिन दुश्मनों ने हमला कर दिया। भीषण गोलीबारी के बीच रघु पूरी बहादुरी से लड़ रहा था, लेकिन तभी एक दुश्मन की गोली उसके सीने के पास जा लगी। रघु लहूलुहान होकर गिर पड़ा। लड़ाई खत्म होने के बाद जब उसकी टीम उसे बचाने पहुंची, तो हालत नाजुक थी। उसे अस्पताल ले जाने का समय नहीं था और पास में कोई मेडिकल सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
तभी वहां से 16 साल का एक लड़का किशन गुजर रहा था। किशन अनाथ था, वह लकड़ियां बेचकर अपना गुजारा करता था। उसके कपड़े फटे थे और वह बेहद गरीब दिखता था। किशन को जड़ी-बूटियों की गहरी समझ थी, क्योंकि वह बचपन में एक हकीम के पास रहा था।
भाग 3: भिखारी या मसीहा?
आर्मी के जवानों ने किशन को दूर हटने को कहा, लेकिन किशन ने हिम्मत जुटाकर कहा, “साहब, मैं इस आर्मी जवान को बचा सकता हूँ।” जवानों को पहले यकीन नहीं हुआ, लेकिन रघु की टूटती सांसों ने उन्हें और कोई विकल्प नहीं दिया।
किशन दौड़कर जंगल गया और कुछ विशेष पत्तियां और जड़े लेकर आया। उसने उन्हें पत्थर पर पीसा और रघु के घाव पर लगा दिया। उसने अपने फटे कपड़े के एक हिस्से से घाव को बांध दिया। रघु की सांसें धीरे-धीरे स्थिर होने लगीं। जवानों ने राहत की सांस ली। किशन ने सिर्फ एक फौजी की नहीं, बल्कि एक मां की पूरी दुनिया बचा ली थी।
भाग 4: नया जीवन और नया रिश्ता
रघु को बेस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ वह धीरे-धीरे ठीक होने लगा। जब उसे पता चला कि उसकी जान अस्पताल के बड़े डॉक्टरों ने नहीं, बल्कि एक मामूली लकड़ी बीनने वाले लड़के ने बचाई है, तो उसकी आंखें भर आईं। रघु ने अपनी मां सरला को फोन किया। जब सरला वहां पहुंची, तो उसने सबसे पहले किशन को ढूंढ निकाला।
सरला ने किशन के सामने हाथ जोड़ दिए। किशन घबरा गया, “नहीं मां जी, मैंने तो बस अपना फर्ज निभाया।” सरला ने उसे गले लगा लिया और कहा, “तूने मेरे बेटे को नई जिंदगी दी है, आज से तू मेरा दूसरा बेटा है।” किशन, जो पूरी जिंदगी अकेला रहा था, पहली बार किसी मां की ममता की छांव में रो पड़ा।
भाग 5: सम्मान और भविष्य का संकल्प
आर्मी के अधिकारियों ने किशन की बहादुरी और उसके ज्ञान को सराहा। उन्होंने फैसला किया कि किशन को अब लकड़ियां बेचने की जरूरत नहीं है। उसे आर्मी की तरफ से पढ़ाई और ट्रेनिंग की सुविधा दी गई। रघु अब पूरी तरह ठीक होकर अपनी ड्यूटी पर लौट चुका था, लेकिन उसने किशन का हाथ कभी नहीं छोड़ा।
किशन अब एक स्कूल में पढ़ता है और उसका सपना है कि वह भी एक दिन बड़ा होकर मेडिकल क्षेत्र में देश की सेवा करे।
उपसंहार
कभी-कभी किस्मत हमें ऐसे मोड़ पर ले आती है जहाँ सबसे कमजोर दिखने वाला इंसान हमारा सबसे बड़ा रक्षक बन जाता है। रघु और किशन की यह कहानी हमें याद दिलाती है कि मदद करने के लिए जेब नहीं, बल्कि दिल बड़ा होना चाहिए। आज भी उस गांव में लोग किशन को “छोटा फौजी” कहकर बुलाते हैं और सरला के घर में दो बेटों की थाली सजती है।
शिक्षा: इंसानियत किसी पद या दौलत की मोहताज नहीं होती। एक छोटा सा नेक काम किसी का पूरा संसार बचा सकता है।
News
”जिस लड़के को ‘फटीचर’ कहा, वही निकला कंपनी का मालिक! 😱 अंत हिला देगा! RichVsPoor EmotionalStory
”जिस लड़के को ‘फटीचर’ कहा, वही निकला कंपनी का मालिक! 😱 अंत हिला देगा! संस्कारों की जड़ें और अहंकार का…
बैंक में बुज़ुर्ग को गरीब भिखारी समझकर थप्पड़ मारा—फिर जो हुआ, सबके होश उड़ गए! 😱
बैंक में बुज़ुर्ग को गरीब भिखारी समझकर थप्पड़ मारा—फिर जो हुआ, सबके होश उड़ गए! 😱 इंसानियत का इम्तिहान: लिबास…
पिता से परेशान होकर बेटी ने उठाया गलत कदम /जिसको देखकर S.P साहब के होश उड़ गए/
पिता से परेशान होकर बेटी ने उठाया गलत कदम /जिसको देखकर S.P साहब के होश उड़ गए/ धुंधला जमीर और…
जिस पागल को लोग पत्थर मारते थे, उसकी झोपड़ी के सामने रुकीं 50 लाल बत्ती की गाड़ियां 😱
जिस पागल को लोग पत्थर मारते थे, उसकी झोपड़ी के सामने रुकीं 50 लाल बत्ती की गाड़ियां 😱 पागल मास्टर:…
लाल किले पर भिखारी लड़के का भाषण जिसने पूरा देश खड़ा कर दिया | 26 जनवरी Republic Day Story Hindi
लाल किले पर भिखारी लड़के का भाषण जिसने पूरा देश खड़ा कर दिया | आकाश का गणतंत्र: फटे कपड़ों से…
Army Officer ka Beta Bhikari Kese Bana | Yeah Kahani Apko Rula dy gi
Army Officer ka Beta Bhikari Kese Bana | Yeah Kahani Apko Rula dy gi रक्षक का संकल्प और चांदी का…
End of content
No more pages to load






