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जोधपुर की चौंकाने वाली घटना – दूध में नशीली दवा मिलाकर विधवा महिला के साथ महीनों तक होता रहा अपराध

राजस्थान के जोधपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। यह मामला केवल एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि अंधविश्वास, लापरवाही और समाज की कुछ कमजोरियों को भी उजागर करता है। इस घटना में एक विधवा महिला कई महीनों तक एक रहस्यमय घटना का शिकार होती रही और उसे लगा कि उसके साथ कोई अलौकिक शक्ति कुछ गलत कर रही है। लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो सबके होश उड़ गए।

बसनी चरण गांव की रहने वाली थी सरोज देवी

यह घटना जोधपुर जिले के बसनी चरण नामक गांव की है। इसी गांव में सरोज देवी नाम की एक महिला रहती थी। सरोज देवी की जिंदगी पहले से ही काफी मुश्किलों से भरी हुई थी। करीब दो साल पहले उसके पति विक्रम की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। पति की अचानक मौत ने सरोज देवी को अंदर से पूरी तरह तोड़ दिया था।

लेकिन परिस्थितियों के आगे हार मानना उसके स्वभाव में नहीं था। अपने घर और परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए उसने एक छोटा सा काम शुरू किया। वह अपने घर पर ही गांव के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगी। हर शाम करीब दस से पंद्रह बच्चे उसके घर पढ़ने आते थे। वह शाम चार बजे से छह बजे तक बच्चों को पढ़ाती थी और उसी से मिलने वाले थोड़े बहुत पैसों से घर का खर्च चलाती थी।

छोटे से घर में रहता था पूरा परिवार

सरोज देवी का घर बहुत बड़ा नहीं था। घर में केवल दो कमरे थे और उन कमरों में दरवाजे तक नहीं लगे हुए थे। केवल मुख्य दरवाजा था और चारों तरफ की दीवारें भी ज्यादा ऊंची नहीं थीं।

सरोज देवी के परिवार में उसकी सास दयावती और उसका देवर टिंकू रहते थे। टिंकू की उम्र लगभग पंद्रह साल के आसपास थी और वह दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था।

टिंकू की शरारती आदतें

टिंकू स्वभाव से थोड़ा शरारती लड़का था। वह अक्सर गांव के लड़कों के साथ झगड़ा कर लेता था। उसकी इन हरकतों की वजह से उसकी मां दयावती और भाभी सरोज देवी दोनों ही उससे परेशान रहती थीं।

दयावती अपने बेटे के भविष्य को लेकर चिंतित रहती थी। इसी दौरान उसके मन में एक अजीब सा विचार आया। उसने सोचा कि अगर उसकी बहू सरोज देवी की शादी टिंकू से कर दी जाए तो शायद दोनों का जीवन संभल जाएगा।

सास ने रख दिया अनोखा प्रस्ताव

एक दिन दयावती ने सरोज देवी से कहा कि वह अभी ज्यादा उम्र की नहीं है और उसने दूसरी शादी भी नहीं की है। इसलिए जब टिंकू अठारह साल का हो जाएगा तो वह दोनों की शादी करवा देगी।

पहले तो सरोज देवी इस बात को सुनकर हैरान रह गई। लेकिन बार-बार समझाने के बाद वह किसी तरह इस बात के लिए तैयार हो गई। बाद में दयावती ने अपने बेटे टिंकू से भी यह बात कही। शुरुआत में टिंकू ने इसका विरोध किया, लेकिन कुछ दिनों बाद वह भी इस बात के लिए राजी हो गया।

पहली बार हुई रहस्यमय घटना

4 दिसंबर 2025 की शाम सरोज देवी ने हमेशा की तरह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया और फिर पूरे परिवार के लिए खाना बनाया। खाना खाने के बाद तीनों अपने-अपने कमरों में सो गए।

रात करीब 11 बजे अचानक सरोज देवी चीखने लगी। उसकी सास दयावती की नींद खुल गई और वह तुरंत उसके पास पहुंची। जब उसने कारण पूछा तो सरोज देवी ने कहा कि उसे सपना आया है जिसमें उसका मृत पति भूत बनकर आया था।

दयावती ने उसे समझाया कि यह केवल सपना है और डरने की कोई जरूरत नहीं है।

दूध बेचने वाला लड़का

अगले दिन शाम को सुरेश नाम का एक युवक उनके घर आया। वह गांव में दूध बेचने का काम करता था और रोज उनके घर डेढ़ लीटर दूध दिया करता था। उस दिन उसने सरोज देवी से कहा कि अब से वह घर-घर दूध देने नहीं आएगा और उन्हें उसकी दुकान से दूध लेना होगा।

अगले दिन सरोज देवी खुद उसकी दुकान पर दूध लेने गई। वहां सुरेश के साथ उसका दोस्त पवन भी बैठा था। दोनों ने सरोज देवी को देखा और आपस में बातें करने लगे।

शुरू हुआ खतरनाक खेल

उस दिन के बाद से सरोज देवी रोज दुकान से दूध लेकर आने लगी। वह दूध घर पर उबालकर पूरे परिवार को पिलाती थी।

लेकिन उन्हें यह बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि दूध में कुछ ऐसा मिलाया जा रहा है जो उनकी जिंदगी बदल देगा।

रात में होने लगी अजीब घटनाएं

कुछ दिनों बाद सरोज देवी को बार-बार एक ही तरह की घटना का सामना करना पड़ा। हर रात उसे गहरी नींद आ जाती और सुबह जब वह उठती तो उसके कपड़े अस्त-व्यस्त होते।

उसे समझ नहीं आता था कि आखिर उसके साथ क्या हो रहा है। कभी-कभी वह सोचती कि शायद उसका देवर टिंकू इसके पीछे है। लेकिन उसकी सास दयावती इस बात को मानने को तैयार नहीं थी।

दयावती का मानना था कि यह उसके मृत पति की आत्मा का काम है।

तांत्रिक के पास पहुंचा परिवार

अंधविश्वास में फंसी दयावती एक तांत्रिक विद्यासागर के पास पहुंच गई। उसने पूरी कहानी तांत्रिक को बताई। तांत्रिक ने भी यही कहा कि सरोज देवी के पति की आत्मा ही उसके साथ यह सब कर रही है।

उसने घर में पूजा करने का सुझाव दिया और बदले में पैसे भी लिए।

पूजा भी हुई, लेकिन उससे कोई फर्क नहीं पड़ा। घटनाएं पहले की तरह जारी रहीं।

सच्चाई का खुलासा

जनवरी 2026 में अचानक सरोज देवी की तबीयत खराब हो गई। जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि वह गर्भवती है।

यह सुनकर सरोज देवी और उसकी सास दोनों हैरान रह गईं। इसके बाद सरोज देवी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया।

पुलिस की जांच

मामले की जांच पुलिस अधिकारी अमर सिंह को सौंपी गई। उन्होंने सरोज देवी की पूरी कहानी सुनी और तुरंत समझ गए कि यह किसी भूत-प्रेत का मामला नहीं है बल्कि किसी अपराधी की करतूत है।

पुलिस ने योजना बनाकर कुछ रातों तक सरोज देवी के घर के आसपास निगरानी शुरू कर दी।

रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी

एक रात करीब 12 बजे दो युवक दीवार फांदकर घर के अंदर घुसते दिखाई दिए। पुलिस पहले से ही वहां मौजूद थी। तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों युवकों को पकड़ लिया।

ये दोनों युवक कोई और नहीं बल्कि दूध बेचने वाला सुरेश और उसका दोस्त पवन थे।

कबूल किया अपराध

पुलिस पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि वे दूध में नींद की गोलियां मिला देते थे। जब परिवार गहरी नींद में सो जाता था तब वे घर में घुसकर सरोज देवी के साथ अपराध करते थे।

समाज के लिए चेतावनी

यह घटना कई महत्वपूर्ण सवाल उठाती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आज भी समाज में अंधविश्वास कितना गहरा है। अगर समय रहते पुलिस की मदद ली जाती तो शायद यह घटना इतनी लंबी नहीं चलती।

यह मामला यह भी सिखाता है कि महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध घटना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष

जोधपुर की यह घटना समाज के लिए एक बड़ी सीख है। अंधविश्वास और डर कई बार अपराधियों को फायदा पहुंचा देते हैं। ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस की मदद लेना सबसे सही कदम होता है।

सरोज देवी की कहानी केवल एक महिला की पीड़ा नहीं है बल्कि यह पूरे समाज को जागरूक करने वाली घटना है। अगर समाज सचेत रहे और समय पर कार्रवाई करे तो ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है।