तारा सुतारिया और एपी ढिल्लों के कॉन्सर्ट के दौरान अजीब पल: वीर पहाड़िया परेशान थे

आजकल बॉलीवुड सितारों की हर गतिविधि सोशल मीडिया पर सुर्खियां बन जाती है। उनके प्रोफेशनल एक्ट्स, निजी रिश्ते, और सार्वजनिक व्यवहार पर लोगों की तीखी नजर रहती है। हाल ही में अभिनेत्री तारा सुतारिया एक कॉन्सर्ट के दौरान अपने परफॉर्मेंस को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त ट्रोलिंग का शिकार हुई हैं। उनके बॉयफ्रेंड वीर, सिंगर एपी डिलॉग और खुद तारा के रिश्ते, प्रोफेशनलिज्म और पर्सनल लाइफ को लेकर इंटरनेट पर बहस छिड़ी हुई है।
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि आखिर तारा सुतारिया के साथ क्या हुआ, सोशल मीडिया पर उन्हें इतनी नफरत क्यों मिल रही है, इंडस्ट्री के डबल स्टैंडर्ड्स क्या हैं, और सेलिब्रिटी लाइफ की चुनौतियां क्या हैं।
घटना का पूरा विवरण
जुलाई 2025 में तारा सुतारिया और एपी डिलॉग का म्यूजिक वीडियो “थोड़ी सी दारू” रिलीज हुआ था, जो काफी हिट रहा। इसके बाद दोनों को कई कॉन्सर्ट्स में साथ परफॉर्म करते देखा गया। हाल ही के एक कॉन्सर्ट में तारा को स्टेज पर बुलाया गया, जहां उन्होंने एपी डिलॉग के साथ अपना परफॉर्मेंस दिया।
म्यूजिक वीडियो में जो डांस स्टेप्स थे, वही स्टेज पर भी दोहराए गए। यह पूरी तरह एक रिहर्स्ड एक्ट था, जैसा कि आमतौर पर म्यूजिक कॉन्सर्ट्स में होता है। लेकिन इस बार परफॉर्मेंस के अंत में एक पल ऐसा आया, जिसने इंटरनेट पर विवाद पैदा कर दिया।
परफॉर्मेंस खत्म होते ही तारा, एपी डिलॉग को हग करके बाय बोलने गईं। इसी दौरान एपी ने तारा को फोरहेड और चीक्स के बीच साइड में किस कर दिया। तारा ने तुरंत पीछे हटकर ‘नो’ कहा और बॉडी लैंग्वेज से साफ किया कि वह असहज हैं। यह पल कैमरे में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और विवाद
इस घटना के बाद तारा सुतारिया के सोशल मीडिया पोस्ट्स पर गुस्से और गालियों की बाढ़ आ गई। यूजर्स ने उन्हें बॉयफ्रेंड वीर के साथ ‘चीट’ करने, असभ्य व्यवहार, और यहां तक कि अपमानजनक शब्दों से ट्रोल करना शुरू कर दिया। कई लोगों ने लिखा – “तुमने अपने बॉयफ्रेंड को डिसरिस्पेक्ट किया”, “तुम आर हो”, “शर्म करो”, “कैसे कर लेती हो सबके सामने” आदि।
वहीं दूसरी तरफ, एपी डिलॉग के पोस्ट्स पर ऐसा कोई हेट नहीं दिखा। वहां लोग मजाक में बातें कर रहे थे, उसे प्यार दे रहे थे, और तारा के प्रति उसकी भावनाओं को हल्के-फुल्के अंदाज में ले रहे थे। यह डबल स्टैंडर्ड इंडस्ट्री और समाज की सोच को उजागर करता है।
वीर का रिएक्शन और पब्लिक ओपिनियन
कॉन्सर्ट के दौरान एक फ्रेम ऐसा भी वायरल हुआ जिसमें वीर, जो तारा के बॉयफ्रेंड हैं, साइड में खड़े थे। उनकी बॉडी लैंग्वेज देखकर कई लोगों ने यह अनुमान लगाया कि वह असहज हैं या उन्हें परफॉर्मेंस का कोई हिस्सा पसंद नहीं आया।
वीर के पोस्ट्स पर भी लोगों ने लिखा – “यू डिर्व बेटर”, “मैं होता तो सह नहीं पाता”, “रेड फ्लैग है ब्रो” आदि।
लेकिन यह भी सच है कि वीर और तारा का रिश्ता नया है। दोनों ने 2025 की शुरुआत में डेट करना शुरू किया था और जल्दी ही अपने रिश्ते को सार्वजनिक कर दिया। वे मीडिया अपीयरेंसेस, फैमिली मीटिंग्स, और फेस्टिवल्स एक साथ सेलिब्रेट कर चुके हैं।
परफॉर्मेंस या निजी जिंदगी?
यह सवाल बार-बार उठता है कि क्या स्टेज पर दिया गया परफॉर्मेंस, जो पूरी तरह एक एक्ट था, उसे निजी जिंदगी से जोड़ना सही है?
कॉन्सर्ट्स में अक्सर कलाकार अपने म्यूजिक वीडियो के स्टेप्स, इंटरेक्शन और एक्टिंग को दोहराते हैं। यह दर्शकों के लिए मनोरंजन का हिस्सा है। तारा और एपी ने भी वही किया जो उनके वीडियो में दिखाया गया था।
परफॉर्मेंस के दौरान जो किसिंग मोमेंट हुआ, वह शायद तारा के लिए अनएक्सपेक्टेड था। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि तारा ने जानबूझकर कुछ गलत किया?
सोशल मीडिया पर तारा को दोष देना, गालियां देना, और उनकी पर्सनल लाइफ को निशाना बनाना – क्या यह जायज है?
इंडस्ट्री के डबल स्टैंडर्ड्स
यह पहली बार नहीं है जब किसी अभिनेत्री को उनके प्रोफेशनल एक्ट या ऑन-स्क्रीन रोमांस के लिए ट्रोल किया गया हो।
जब रणवीर सिंह और आलिया भट्ट का किसिंग सीन हुआ था, तब आलिया को शादी के बाद ऐसे सीन करने के लिए शेम किया गया था।
फिल्म इंडस्ट्री में यह आम बात है कि कलाकार अपने रोल के लिए रोमांटिक या इंटिमेट सीन करते हैं। उन्हें अपने पार्टनर्स के साथ हर बार स्क्रीन शेयर करने का मौका नहीं मिलता।
लेकिन आम दर्शकों के लिए यह समझना मुश्किल होता है कि यह सिर्फ एक्टिंग है, असल जिंदगी नहीं।
तारा के मामले में भी यही हुआ। लोग उनके परफॉर्मेंस को निजी जिंदगी से जोड़ रहे हैं, जबकि वही लोग फिल्म्स में ऐसे सीन को ‘स्क्रिप्ट की जरूरत’ कहकर जस्टिफाई करते हैं।
यह सिलेक्टिव अंडरस्टैंडिंग इंडस्ट्री की सबसे बड़ी समस्या है।
महिलाओं को ज्यादा ट्रोलिंग क्यों?
यह भी देखा गया है कि सोशल मीडिया पर महिलाओं को ज्यादा ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है।
अगर कोई एक्टर ऑन-स्क्रीन रोमांस करता है, तो उसे ‘प्रोफेशनल’ कहा जाता है। लेकिन अभिनेत्री को ‘चरित्रहीन’, ‘आर’, ‘स्लट’ जैसे शब्दों से ट्रोल किया जाता है।
तारा को भी इसी तरह की गालियां दी गईं, जबकि एपी डिलॉग को कोई दोष नहीं दिया गया।
यह समाज की पितृसत्तात्मक सोच को दर्शाता है, जिसमें महिलाओं को हमेशा कठघरे में खड़ा किया जाता है।
क्या यह सही है? क्या हमें अपने सेलिब्रिटीज के प्रोफेशनलिज्म और निजी जिंदगी के बीच फर्क नहीं समझना चाहिए?
सेलिब्रिटी रिलेशनशिप्स और मीडिया का दबाव
सेलिब्रिटी कपल्स की लाइफ हमेशा मीडिया और सोशल मीडिया की नजर में रहती है।
तारा और वीर का रिश्ता नया है, लेकिन दोनों ने इसे जल्दी ही सार्वजनिक कर दिया।
मीडिया में उनके रिश्ते को लेकर लगातार खबरें आती रहती हैं।
ऐसे में अगर तारा किसी और कलाकार के साथ परफॉर्म करती हैं, तो लोग तुरंत उनके रिश्ते पर सवाल उठाने लगते हैं।
सेलिब्रिटी लाइफ में यह दबाव हमेशा रहता है।
हर कदम पर लोग जज करते हैं, ट्रोल करते हैं, और निजी जिंदगी में दखल देते हैं।
क्या यह सही है?
तारा का प्रोफेशनलिज्म और करियर स्ट्रगल
तारा सुतारिया इंडस्ट्री में अभी स्ट्रगल कर रही हैं।
उनके पास फिल्मों की संख्या कम है, और इस साल “थोड़ी सी दारू” जैसा म्यूजिक वीडियो उनके लिए बड़ा प्रोजेक्ट था।
ऐसे में अगर उन्हें कॉन्सर्ट में परफॉर्म करने का मौका मिलता है, तो वह मना नहीं करेंगी।
परफॉर्मेंस के दौरान अगर अचानक कुछ ऐसा हो जाता है जो स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं था, तो क्या ऑडियंस उम्मीद करती है कि तारा स्टेज पर ही बहस या झगड़ा शुरू कर दें?
प्रोफेशनल लाइफ में ऐसे मौके आते हैं, जब कलाकार को तुरंत रिएक्ट करने का समय नहीं मिलता।
तारा ने भी वही किया – असहज होने पर पीछे हट गईं, लेकिन स्टेज पर कोई बड़ा विवाद नहीं किया।
सोशल मीडिया की जिम्मेदारी और ट्रोलिंग का असर
सोशल मीडिया आजकल सबसे बड़ा जज बन गया है।
लोग बिना सच्चाई को समझे, बिना पूरी जानकारी के, गुस्से में गालियां देने लगते हैं।
तारा के केस में भी यही हुआ।
उनके कमेंट सेक्शन में अपमानजनक शब्द, चरित्र पर सवाल, और निजी जिंदगी पर तंज – यह सब पढ़ना किसी के लिए भी मानसिक रूप से तकलीफदेह हो सकता है।
हमें यह समझना चाहिए कि सेलिब्रिटीज भी इंसान हैं।
उनकी प्रोफेशनल लाइफ को निजी जिंदगी से जोड़ना, और उनके हर कदम पर गुस्सा निकालना – यह सही नहीं है।
क्या परफॉर्मेंस को निजी जिंदगी से जोड़ना सही है?
फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों को कई बार ऐसे रोल निभाने पड़ते हैं, जिसमें रोमांस, इंटिमेट सीन या किसिंग शामिल होता है।
यह उनके काम का हिस्सा है।
अगर उनका पार्टनर भी इंडस्ट्री से है, तो उसे यह बात समझनी होती है।
आम लोगों के लिए यह समझना मुश्किल हो सकता है, लेकिन परफॉर्मेंस को निजी जिंदगी से जोड़कर किसी को ट्रोल करना, गालियां देना, या शेम करना – यह अनुचित है।
समाज को क्या सीखना चाहिए?
तारा सुतारिया के इस विवाद से हमें कई बातें सीखने को मिलती हैं –
महिलाओं के प्रति डबल स्टैंडर्ड्स खत्म करने चाहिए।
प्रोफेशनल एक्ट को निजी जिंदगी से अलग देखना चाहिए।
सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से कमेंट करना चाहिए।
सेलिब्रिटी लाइफ की चुनौतियों को समझना चाहिए।
रिश्तों में विश्वास और समझ जरूरी है।
निष्कर्ष
तारा सुतारिया का कॉन्सर्ट विवाद सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि समाज की सोच, इंडस्ट्री के डबल स्टैंडर्ड्स, और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी का आईना है।
हमें अपने सेलिब्रिटीज को इंसान समझना चाहिए, उनकी प्रोफेशनलिज्म का सम्मान करना चाहिए, और ट्रोलिंग या गालियों से बचना चाहिए।
सेलिब्रिटी रिलेशनशिप्स में भी वही भावनाएँ होती हैं जो आम लोगों में होती हैं।
हर परफॉर्मेंस को निजी जिंदगी से जोड़ना सही नहीं है।
तारा, वीर और एपी डिलॉग – तीनों अपने-अपने प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में आगे बढ़ रहे हैं।
हमें चाहिए कि हम सकारात्मकता फैलाएं, समझदारी से कमेंट करें, और अपने समाज को बेहतर बनाएं।
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