सुनील ग्रोवर ने उतारी हुबहू नकल, भड़के आमिर खान! Aamir Khan lashed out at Sunil Grover

भारतीय टेलीविजन और कॉमेडी की दुनिया में अगर किसी एक नाम को सबसे ज्यादा प्यार, सम्मान और चर्चाएं मिली हैं, तो वह है सुनील ग्रोवर। कभी गुत्थी, कभी डॉक्टर मशहूर गुलाटी, कभी रिंकू भाभी—हर किरदार में जान डालने वाले सुनील ने न सिर्फ लोगों को हंसाया, बल्कि अपने संघर्ष और प्रतिभा से लाखों युवाओं को सपने देखने की हिम्मत दी।
हाल ही में द ग्रेट इंडियन कपिल शो में उनकी आमिर खान की मिमिक्री ने इंटरनेट पर धमाल मचा दिया। खुद आमिर खान ने उनकी तारीफ करते हुए कहा—“यह इतना असली था कि मुझे लगा मैं खुद को देख रहा हूं!”
इस लेख में हम सुनील ग्रोवर के सफर, उनके संघर्ष, कपिल शर्मा के साथ विवाद, उनके करियर के टर्निंग पॉइंट्स, मिमिक्री के टैलेंट और आमिर खान के रिएक्शन तक हर पहलू का विस्तार से विश्लेषण करेंगे।

शुरुआत: हरियाणा के छोटे कस्बे से मुंबई तक

सुनील ग्रोवर का जन्म 3 अगस्त 1977 को हरियाणा के सिरसा जिले के मंडी डबवाली कस्बे में एक पंजाबी परिवार में हुआ। उनके पिता जैन ग्रोवर स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर में मैनेजर थे और मां राज रानी ग्रोवर एक गृहिणी थीं।
बचपन से ही सुनील पढ़ाई में अच्छे थे, लेकिन एक्टिंग और मिमिक्री का शौक उन्हें हमेशा मंच की ओर खींचता रहा। स्कूल और कॉलेज के दिनों में वे ड्रामा और एक्टिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे।
एक बार एक चीफ गेस्ट ने उनकी परफॉर्मेंस देखकर कहा—“सुनील को छोटे-मोटे कंपटीशन में पार्टिसिपेट नहीं करना चाहिए, वह तो एक बेहतरीन कॉमेडियन बन सकते हैं।” यही बात सुनील के दिल में घर कर गई और उन्होंने कॉमेडियन बनने का फैसला कर लिया।

पहला ब्रेक: जसपाल भट्टी के साथ सफर की शुरुआत

कॉलेज के पहले साल में उन्हें पता चला कि कॉमेडियन जसपाल भट्टी एक शो के लिए ऑडिशन ले रहे हैं। सुनील वहां पहुंचे और अपनी परफॉर्मेंस से जसपाल भट्टी को प्रभावित किया।
उन्होंने सुनील को अपने शो “फुल टेंशन” में एक छोटे रोल के लिए चुन लिया।
इस तरह सुनील ने एक्टिंग की दुनिया में पहला कदम रखा। इसके बाद उन्होंने जसपाल भट्टी के साथ कई शोज़ किए और कॉमेडी की बारीकियां सीखी।

मुंबई का संघर्ष: ₹500 महीने की सैलरी और रिजेक्शन की मार

मुंबई आना हर कलाकार का सपना होता है, लेकिन यहां टिकना सबसे बड़ी चुनौती है।
18 साल की उम्र में सुनील मुंबई पहुंचे। उन्होंने एक पॉश इलाके में किराए पर घर लिया, क्योंकि उन्हें खुद पर विश्वास था कि एक दिन वे सफल होंगे।
लेकिन शुरुआत में उन्हें वॉइस ओवर का काम मिला, जिसके बदले सिर्फ ₹500 महीने मिलते थे।
इस दौर में घर से पैसे मांगने पड़े, सेविंग्स पर गुजारा करना पड़ा।
मुंबई में कई ऐसे लोग थे जो अपने शहर के सुपरस्टार थे, लेकिन यहां सब स्ट्रगलर थे।
बार-बार रिजेक्शन, रोल से रिप्लेसमेंट और आर्थिक तंगी ने सुनील को तोड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

रेडियो से टीवी तक: पहचान की तलाश

एक रेडियो शो “हंसी के फव्वारे” दिल्ली के लिए बना, लेकिन जल्दी ही पूरे देश में लोकप्रिय हो गया।
इसके बाद सुनील को लगातार रेडियो, टीवी और फिल्मों में काम मिलने लगा।
“गुटुर्गु” जैसे साइलेंट कॉमेडी शो में शुरुआती 26 एपिसोड में उनकी एक्टिंग ने दर्शकों को खूब हंसाया।
“प्रोफेसर मनी प्लांट”, “क्या आप पांचवी फेल चंपू हैं”, “चला लल्लन हीरो बनने” जैसे शोज़ में छोटे किरदार निभाए।

कॉमेडी नाइट्स विद कपिल: गुत्थी का जादू

सुनील ग्रोवर को असली पहचान मिली कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में “गुत्थी” के किरदार से।
उनकी एक्टिंग, डायलॉग्स, एक्सप्रेशन और बॉडी लैंग्वेज ने गुत्थी को घर-घर का नाम बना दिया।
गुत्थी का “पल में ट्विस्ट”, “फूल खिला है गुत्थी ने”, “मेरा नाम गुत्थी है” जैसे डायलॉग्स आज भी सोशल मीडिया पर ट्रेंड करते हैं।
यह शो सुनील के करियर का टर्निंग पॉइंट बन गया।

कपिल शर्मा के साथ विवाद: दोस्ती, दूरी और वापसी

2013 में सुनील ने “कॉमेडी नाइट्स विद कपिल” छोड़ दिया और “मेड इन इंडिया” नाम से नया शो शुरू किया, लेकिन वह ज्यादा नहीं चला।
फिर वे वापस कपिल के शो में लौटे, लेकिन 2017 में एक फ्लाइट में कपिल शर्मा और सुनील के बीच विवाद हुआ।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कपिल ने सुनील पर चिल्लाया और उन पर जूता भी फेंका।
इसके बाद दोनों के रिश्ते में दरार आ गई और सुनील ने शो छोड़ दिया।
मीडिया में इस विवाद की खूब चर्चा रही, लेकिन सुनील की लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा।
कपिल के शो को छोड़ने के बाद सुनील ने “कानपुर वाले खुराना” और अन्य शोज़ किए, लेकिन वे ज्यादा समय तक नहीं चले।

फिल्मों और वेब सीरीज में पहचान

सुनील ग्रोवर ने “गब्बर इज बैक”, “बागी”, “भारत” और “जवान” जैसी फिल्मों में काम किया।
वेब सीरीज “तांडव”, “सनफ्लावर” में भी उनकी एक्टिंग की खूब तारीफ हुई।
सुनील ने साबित किया कि वे सिर्फ कॉमेडियन नहीं, बल्कि दमदार एक्टर भी हैं।

द ग्रेट इंडियन कपिल शो में वापसी: 7 साल बाद मंच शेयर

2024 में सुनील ने कपिल शर्मा के साथ 7 साल बाद “द ग्रेट इंडियन कपिल शो” में वापसी की।
Netflix पर आने वाले इस शो के तीन सीजन आ चुके हैं और चौथा चल रहा है।
सुनील ने फिर से अपने पुराने किरदारों के अलावा नए एक्ट्स से दर्शकों को हंसाया।

आमिर खान की मिमिक्री: इंटरनेट पर धमाल और सुपरस्टार का रिएक्शन

सीजन 4 के तीसरे एपिसोड में कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे अपनी फिल्म का प्रमोशन करने आए थे।
सुनील ग्रोवर आमिर खान बनकर मंच पर आए और उनका यह एक्ट पूरे एपिसोड का सबसे बड़ा अट्रैक्शन बन गया।
आमिर खान ने बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में कहा—

“मैं इसे मिमिक्री भी नहीं कहूंगा। यह इतना असली था कि मुझे लगा मैं खुद को देख रहा हूं। मैंने सिर्फ एक छोटा सा क्लिप देखा है और अब पूरा एपिसोड देखने वाला हूं। जो मैंने देखा वो कमाल का था। मैं इतना हंसा कि सांस लेना मुश्किल हो गया।”

आमिर खान ने यह भी कहा कि उन्हें मिमिक्री में कोई बुराई नहीं लगती, बल्कि एक्ट देखने के बाद वे खुद सबसे ज्यादा हंसे हैं।

फैंस की प्रतिक्रिया: सुनील ग्रोवर आमिर से भी ज्यादा आमिर!

सोशल मीडिया पर फैंस ने सुनील की तारीफों के पुल बांध दिए।
कई यूज़र्स ने लिखा—“सुनील आमिर से भी ज्यादा आमिर लग रहे थे।”
कुछ ने मजाक में लिखा—“एआई भी सुनील ग्रोवर से सीखता होगा।”
दूसरे कमेंट्स में आया—“सुनील कॉमेडी के ओजी हैं। उनके कॉमेडी लेवल की बराबरी कोई नहीं कर सकता।”
फैंस ने सुनील की बारीकियों, एक्सप्रेशन और आमिर के बात करने के अंदाज की तारीफ की।

मिमिक्री की कला: सुनील ग्रोवर का टैलेंट

सुनील ग्रोवर मिमिक्री के मास्टर हैं।
उन्होंने सलमान खान, अमिताभ बच्चन, गुलजार साहब, शाहरुख खान, आमिर खान जैसे दिग्गजों की मिमिक्री करके न सिर्फ दर्शकों को हंसाया, बल्कि खुद इन सितारों को भी इंप्रेस किया।
उनके एक्ट्स में सिर्फ आवाज़ की नकल नहीं, बल्कि बॉडी लैंग्वेज, एक्सप्रेशन, हाव-भाव और किरदार की आत्मा को पकड़ने की अद्भुत क्षमता है।

संघर्ष, सफलता और इंसानियत

सुनील ग्रोवर का सफर सिर्फ स्टारडम का नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और इंसानियत की मिसाल है।
₹500 महीने की सैलरी से लेकर करोड़ों दिलों में जगह बनाने तक, उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
कपिल शर्मा के साथ विवाद के बाद भी उन्होंने अपनी पहचान बनाए रखी और दर्शकों के प्यार को बरकरार रखा।

निष्कर्ष: सुनील ग्रोवर—हंसी के असली बादशाह

सुनील ग्रोवर की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखता है।
उन्होंने दिखाया कि मेहनत, जुनून और आत्मविश्वास से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
गुत्थी, डॉक्टर गुलाटी, आमिर खान—हर किरदार में सुनील ने जान डाल दी।
आज वे सिर्फ कॉमेडी के ओजी नहीं, बल्कि भारतीय मनोरंजन जगत के लीजेंड हैं।

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मिलते हैं अगली कहानी में, तब तक के लिए—हंसते रहिए, मुस्कुराते रहिए!

(यह फीचर लेख सुनील ग्रोवर के जीवन, संघर्ष, विवाद, टैलेंट और हालिया मिमिक्री एक्ट पर आधारित है। आप चाहें तो इसी विषय पर इंटरव्यू स्टाइल, एनालिटिकल या ओपिनियन आर्टिकल भी मंगवा सकते हैं।)