Bharti Singh की हुई इमरजेंसी डिलिवरी, शूटिंग से ऐन पहले बिगड़ी हालत। आनन-फानन में करवाया गया भर्ती

कॉमेडी की दुनिया की लाफ्टर क्वीन भारती सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई कॉमेडी शो या पंचलाइन नहीं, बल्कि उनकी ज़िंदगी का सबसे संवेदनशील और भावनात्मक पल है। 19 दिसंबर की सुबह, जब भारती अपने शो लाफ्टर शेफ की शूटिंग के लिए तैयार हो रही थीं, तभी अचानक ऐसी परिस्थिति बनी जिसने सबको घबरा दिया। भारती की तबीयत अचानक बिगड़ गई और देखते ही देखते मामला मेडिकल इमरजेंसी में बदल गया।
हालांकि, इस डर और अफरा-तफरी के बीच एक बड़ी खुशी भी छुपी थी। भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिंबाचिया दूसरी बार माता-पिता बन गए हैं। इस बार भी कपल ने बेबी बॉय का स्वागत किया है। परिवार, दोस्त और फैंस — सभी के लिए यह खबर किसी सरप्राइज़ से कम नहीं थी।
शूटिंग से ठीक पहले बिगड़ी तबीयत, सेट पर मच गया हड़कंप
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 19 दिसंबर की सुबह भारती सिंह बिल्कुल सामान्य दिनचर्या के अनुसार अपने शो लाफ्टर शेफ की शूटिंग के लिए तैयार हो रही थीं। प्रेगनेंसी के आखिरी महीनों तक काम करती रहीं भारती ने अपनी शूटिंग की सारी तैयारियां भी पूरी कर ली थीं।
लेकिन सुबह अचानक भारती का वाटर बैग ब्रेक हो गया, जिसके बाद उन्हें तेज असहजता और दर्द महसूस होने लगा। देखते ही देखते स्थिति पैनिक जैसी बन गई। सेट पर मौजूद टीम को समझते देर नहीं लगी कि यह एक इमरजेंसी मेडिकल सिचुएशन है।
बिना किसी देरी के भारती को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की टीम तुरंत हरकत में आई और जांच के बाद फैसला लिया गया कि डिलीवरी तुरंत करानी होगी।
ड्यू डेट से पहले हुई डिलीवरी, डॉक्टरों की सतर्कता से टली बड़ी परेशानी
बताया जा रहा है कि भारती की ड्यू डेट में अभी कुछ दिन बाकी थे, यानी बच्चे के जन्म में अभी समय था। ऐसे में अचानक डिलीवरी शुरू होना परिवार और डॉक्टरों — दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया।
हालांकि समय रहते अस्पताल पहुंचने और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज मिलने के कारण मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं। डॉक्टरों ने इमरजेंसी डिलीवरी करवाई और कुछ ही घंटों में खुशखबरी सामने आ गई।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सब कुछ इतना तेजी से हुआ कि भारती के बेहद करीबी दोस्तों को भी उनके मां बनने की खबर सीधे मीडिया से पता चली।
दूसरी बार मां बनीं भारती, फिर बेटे का हुआ जन्म
भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया लंबे समय से दूसरे बच्चे को लेकर उत्साहित थे। भारती ने कई इंटरव्यूज़ में यह भी कहा था कि इस बार वह बेटी की चाहत रखती हैं। लेकिन किस्मत ने एक बार फिर उन्हें बेटे का आशीर्वाद दिया।
कपल ने अपने दूसरे बेटे का नाम पहले ही रिवील कर दिया था। उन्होंने अपने सेकंड बेबी के लिए “काजू” नाम चुना था। अब काजू इस दुनिया में आ चुका है और घर में खुशियों का माहौल है।
उनके पहले बेटे लक्ष्य, जिसे प्यार से गोला कहा जाता है, अब बड़े भाई बन गए हैं। फैंस सोशल मीडिया पर गोला और काजू की पहली झलक देखने की मांग कर रहे हैं।
दोस्तों को मीडिया से मिली खुशखबरी, सब रह गए हैरान
इस इमरजेंसी डिलीवरी की वजह से भारती के कई करीबी दोस्त इस खुशखबरी से पूरी तरह अनजान रहे। जब मीडिया ने खबर ब्रेक की, तब जाकर इंडस्ट्री के लोगों को पता चला कि भारती दूसरी बार मां बन चुकी हैं।
जब तेजस्वी प्रकाश और ईशा मालवीय को मौसी बनने की बधाइयां दी गईं, तो दोनों हैरान रह गईं। उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि भारती ने डिलीवरी कर ली है।
वहीं अली गोनी भी यह सुनकर चौंक गए कि वह “बाबा बनने वाले” से “बाबा बन चुके” बन गए हैं। मज़ाकिया अंदाज़ में उन्होंने कहा कि सबको मिठाई कब मिलेगी, यह तक पता नहीं चला।
दूसरी बार मामा बने कृष्णा अभिषेक, सुबह-सुबह की वीडियो कॉल
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा खुश नजर आए कृष्णा अभिषेक, जो दूसरी बार मामा बने हैं। कृष्णा ने बताया कि उन्होंने सुबह-सुबह ही भारती से वीडियो कॉल पर बात कर ली थी।
कृष्णा ने मीडिया से बात करते हुए कहा,
“सबसे बहुत-बहुत मुबारक भारती और हर्ष दोनों को। आज भारती से वीडियो कॉल पर बात हुई, सब ठीक है। भगवान का बहुत-बहुत शुक्रिया।”
उनकी खुशी चेहरे पर साफ झलक रही थी।
लाफ्टर शेफ के सेट पर जश्न, मिठाइयों से हुआ स्वागत
लाफ्टर क्वीन के घर खुशियां आएं और लाफ्टर शेफ के सेट पर जश्न न हो — ऐसा कैसे हो सकता है? भारती के बेटे के जन्म की खबर मिलते ही सेट पर जश्न का माहौल बन गया।
सभी ने मिलकर जमकर मिठाइयां बांटी। आगरा की मिठाइयों से हर किसी का मुंह मीठा कराया गया। सेट पर मौजूद कलाकारों ने हंसी-मजाक के साथ इस खुशी को सेलिब्रेट किया।
गोला के छोटे भाई के आने की खुशी में हर कोई उत्साहित नजर आया। कलाकारों ने मज़ाक में कहा कि अब गोला और काजू दोनों “आगरा गैंग” के सदस्य बन गए हैं।
41 साल की उम्र में दूसरी बार मां बनीं भारती सिंह
यह बात भी खास है कि 41 साल की उम्र में भारती सिंह ने अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया है। शादी के तीन साल बाद, 2022 में उन्होंने अपने पहले बेटे लक्ष्य को जन्म दिया था।
प्रेगनेंसी के दौरान भी भारती लगातार काम करती रहीं। उन्होंने कई बार यह साबित किया कि मां बनने का सफर उनके प्रोफेशनल कमिटमेंट्स के रास्ते में नहीं आया। हालांकि इस बार इमरजेंसी सिचुएशन ने सबको डरा दिया।
फैंस की दुआओं और बधाइयों की बाढ़
सोशल मीडिया पर भारती और हर्ष को बधाइयों की बाढ़ आ गई है। फैंस लगातार मां और बच्चे की सलामती की दुआ कर रहे हैं। साथ ही लोग बेसब्री से काजू की पहली झलक देखने का इंतजार कर रहे हैं।
कई यूज़र्स ने लिखा कि भारती जैसी मजबूत और मेहनती महिला हर खुशी की हकदार है। वहीं कुछ ने यह भी कहा कि प्रेगनेंसी के दौरान भी लगातार काम करना आसान नहीं होता।
निष्कर्ष
भारती सिंह की इमरजेंसी डिलीवरी की खबर ने जहां एक पल के लिए सबको डराया, वहीं दूसरे ही पल यह खबर खुशियों की सबसे बड़ी सौगात बन गई। समय पर इलाज और डॉक्टरों की सतर्कता से सब कुछ सुरक्षित रहा।
आज भारती सिंह सिर्फ लाफ्टर क्वीन ही नहीं, बल्कि एक बार फिर मां के रूप में नई ज़िम्मेदारियों के साथ अपने जीवन के नए अध्याय में कदम रख चुकी हैं।
News
उस दिन के बाद ऑफिस का पूरा माहौल बदल गया। अब कोई भी किसी की औकात या कपड़ों से तुलना नहीं करता था। सब एक-दूसरे की मदद करने लगे। अर्जुन सबसे प्रेरणा देने वाला इंसान बन गया। रिया भी अब पूरी तरह बदल चुकी थी। वह विनम्रता से छोटे काम करने लगी और धीरे-धीरे सबका विश्वास जीतने की कोशिश करने लगी।
चायवाले से मालिक तक: इंसानियत की असली पहचान सुबह-सुबह जयपुर शहर की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी के ऑफिस के गेट…
रिया फूट-फूट कर रो पड़ी। उसके सारे सपने, घमंड और अभिमान पल भर में टूट गए थे। बाकी सभी कर्मचारी भी कांप गए। सब सोचने लगे, “हे भगवान, हमने भी कल उस चायवाले की हंसी उड़ाई थी। अब अगर मालिक को याद आ गया तो हमारी भी छुट्टी हो जाएगी।”
चायवाले से मालिक तक: इंसानियत की असली पहचान सुबह-सुबह जयपुर शहर की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी के ऑफिस के गेट…
दूसरे दिन का माहौल चायवाले से मालिक तक: इंसानियत की असली पहचान
चायवाले से मालिक तक: इंसानियत की असली पहचान सुबह-सुबह जयपुर शहर की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी के ऑफिस के गेट…
चायवाले से मालिक तक: इंसानियत की असली पहचान
चायवाले से मालिक तक: इंसानियत की असली पहचान सुबह-सुबह जयपुर शहर की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी के ऑफिस के गेट…
I gave a drenched old man shelter in my home. The next morning, he offered to buy my house for $1. “I’m not joking,” he said. “I can’t explain, but you need to leave it immediately.”
I gave a drenched old man shelter in my home. The next morning, he offered to buy my house for…
शीर्षक: “शिखर पर अहंकार नहीं, इंसानियत टिकती है”
शीर्षक: “शिखर पर अहंकार नहीं, इंसानियत टिकती है” सुबह के दस बजे थे। शहर के सबसे आलीशान रेस्टोरेंट “एमराल्ड टैरेस…
End of content
No more pages to load


