Nikitha Godishala Case: Ex-Boyfriend ने US में पुलिस को गुमराह किया, फिर India भाग आया!

Nikitha Godishala Case: अमेरिका में मर्डर, आरोपी एक्स-बॉयफ्रेंड अर्जुन शर्मा रिपोर्ट लिखवाकर इंडिया भाग आया!

अमेरिका के मैरीलैंड में भारतीय मूल की 27 वर्षीय निकिता गडशाला की हत्या ने भारतीय समुदाय को झकझोर दिया है। निकिता का मर्डर उसी के एक्स-बॉयफ्रेंड अर्जुन शर्मा ने किया, ऐसा अमेरिकी पुलिस का दावा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अर्जुन ने पहले पुलिस में निकिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई और फिर उसी दिन अमेरिका से भारत भाग आया।

क्या है पूरा मामला?

निकिता गडशाला: हैदराबाद की रहने वाली, जेएनटीयू से फार्मेसी की पढ़ाई, अमेरिका में मास्टर्स, वेदा हेल्थ कंपनी में डाटा एनालिस्ट।
31 दिसंबर 2025 (न्यू ईयर ईव): शाम 7 बजे के बाद से निकिता से कोई संपर्क नहीं हुआ।
2 जनवरी 2026: अर्जुन शर्मा ने पुलिस में मिसिंग पर्सन रिपोर्ट लिखवाई, बताया कि आखिरी बार निकिता को अपने अपार्टमेंट में देखा था।
रिपोर्ट लिखवाने के बाद: अर्जुन उसी दिन इंडिया भाग आया।
3 जनवरी: पुलिस ने अर्जुन के घर सर्च वारंट के साथ छापा मारा, निकिता की लाश मिली—चाकू से बेरहमी से हत्या।

आरोपी ने पुलिस को कैसे गुमराह किया?

अर्जुन ने जानबूझकर गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई ताकि पुलिस का ध्यान भटक सके और उसे भागने का मौका मिले। रिपोर्ट लिखवाने के वक्त निकिता की लाश उसके ही घर में थी। अमेरिकी पुलिस के अनुसार, मर्डर न्यू ईयर की रात ही हो गया था।

अब आगे क्या?

अर्जुन शर्मा भारत में है
अमेरिका की पुलिस ने उसके खिलाफ फर्स्ट और सेकंड डिग्री मर्डर का वारंट जारी किया है।
भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यार्पण संधि (Extradition Treaty) है, जिससे अर्जुन को वापस अमेरिका भेजा जा सकता है।
लेकिन यह प्रक्रिया काफी लंबी और जटिल है—अदालत, डिप्लोमेटिक कोऑर्डिनेशन, सरकारी एजेंसियों की मदद जरूरी है।
भारतीय दूतावास निकिता के परिवार की मदद कर रहा है।

केस की वर्तमान स्थिति

हत्या का मकसद (मोटिव) और मर्डर वेपन अभी तक सामने नहीं आया।
निकिता के परिवार ने प्राइवेसी की मांग की है, वे गहरे सदमे में हैं।
अमेरिकी पुलिस और फेडरल एजेंसियां अर्जुन शर्मा की तलाश में जुटी हैं।

निष्कर्ष

निकिता गडशाला केस भरोसे और रिश्तों की हकीकत दिखाता है। जिस पर भरोसा किया, उसी ने धोखा दिया। आरोपी अर्जुन शर्मा पुलिस को गुमराह कर भारत भाग आया, लेकिन कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं होगा। अमेरिका-भारत की एजेंसियां मिलकर उसे न्याय के कटघरे तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।

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