बांग्लादेश में ‘जिया युग’ की वापसी: बैरिस्टर जाइमा रहमान बनीं नई राजनीतिक सनसनी, क्या होंगी अगली सत्ता की धुरी?

ढाका/नई दिल्ली | 17 फरवरी, 2026

बांग्लादेश की राजनीति ने एक ऐसा मोड़ लिया है जिसकी कल्पना कुछ महीने पहले तक किसी ने नहीं की थी। फरवरी 2026 के आम चुनाव के नतीजों ने न केवल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को सत्ता के शिखर पर पहुँचा दिया है, बल्कि दक्षिण एशिया को एक नया और आधुनिक नेतृत्व भी दिया है। इस पूरी राजनीतिक उथल-पुथल के केंद्र में कोई अनुभवी राजनेता नहीं, बल्कि लंदन से लौटी एक युवा बैरिस्टर है—जाइमा जरनाज रहमान (Zaima Zarnaz Rahman)

रिक्शे से सत्ता के गलियारों तक का सफर

बांग्लादेश की सत्ता का तख्ता पलटने और जिया परिवार की वापसी की सबसे चौंकाने वाली तस्वीर तब सामने आई, जब लंदन में निर्वासित जीवन बिता रही एक युवा लड़की ने ढाका की सड़कों पर रिक्शा चलाकर राजनीति के सारे पुराने समीकरण बदल दिए। जाइमा रहमान, जिन्हें दुनिया अब तक केवल BNP के चेयरमैन तारिक रहमान की बेटी के रूप में जानती थी, रातों-रात देश की नई राजनीतिक सनसनी बनकर उभरी हैं।

चुनाव परिणाम: BNP की ऐतिहासिक जीत

अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार, 2026 के इन चुनावों में BNP ने 200 से अधिक सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस जीत के पीछे जाइमा रहमान की आधुनिक रणनीति और उनका जमीनी संघर्ष सबसे बड़ी वजह है। उन्होंने महंगे काफिलों और वीआईपी संस्कृति को छोड़कर एक आम लड़की की तरह रिक्शे पर सवार होकर गलियों में प्रचार किया। उनके हाथ में पार्टी के पर्चे थे और जुबान पर बांग्लादेश के उज्ज्वल भविष्य का सपना।

कौन हैं जाइमा जरनाज रहमान?

जाइमा रहमान BNP के चेयरमैन तारिक रहमान और डॉ. जुबैदा रहमान की इकलौती संतान हैं। जिया परिवार की चौथी पीढ़ी के रूप में उनकी एंट्री ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है।

शिक्षा: उन्होंने लंदन की प्रतिष्ठित क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी से कानून (Law) की पढ़ाई पूरी की है और वे पेशे से एक बैरिस्टर हैं।

वापसी: पिछले 17 वर्षों से अपने परिवार के साथ निर्वासन का जीवन बिताने के बाद, वे दिसंबर 2025 में अपने पिता के साथ ढाका लौटीं।

युवाओं में पैठ: उनकी सादगी और सीधे संवाद का जादू सोशल मीडिया पर ऐसा चला कि देश के 3 करोड़ से अधिक युवा मतदाता उनके मुरीद हो गए।

डिजिटल रणनीति और भावनात्मक जुड़ाव

जाइमा ने न केवल अपने पिता के लिए वोट मांगे, बल्कि पूरे चुनावी अभियान की कमान अपने हाथ में रखी। उन्होंने डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर BNP की विचारधारा को घर-घर पहुँचाया। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की याद में पुरानी तस्वीरें और कविताएं साझा कर जनता के साथ एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव (Emotional Connection) बनाया। विश्लेषक उनमें वही करिश्मा देख रहे हैं जो कभी खालिदा जिया में हुआ करता था।

नए युग का सूत्रपात: शेख हसीना युग का अंत?

बांग्लादेश की राजनीति अब शेख हसीना और खालिदा जिया के पुराने द्वंद्व से निकलकर एक नए नेतृत्व की ओर देख रही है। जाइमा रहमान ने अपनी शिक्षा, शालीनता और जमीनी सक्रियता से यह संदेश दिया है कि वे केवल एक वारिस नहीं, बल्कि एक सक्षम नेता हैं।

भविष्य की भूमिका: सरकार में बड़ी जिम्मेदारी?

तारिक रहमान के संभावित प्रधानमंत्री बनने के साथ ही यह चर्चा तेज है कि जाइमा को जल्द ही पार्टी या सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। स्वयं तारिक रहमान ने भी संकेत दिए हैं कि समय आने पर जाइमा राजनीति की अग्रिम पंक्ति में नजर आएंगी।

निष्कर्ष: फिलहाल, बांग्लादेश की राजनीति में जाइमा रहमान एक ऐसा चेहरा बन चुकी हैं, जिन्होंने न केवल अपनी पार्टी को चुनाव जिताया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि वे आने वाले समय में बांग्लादेश की सत्ता की असली धुरी होंगी। उनकी बढ़ती लोकप्रियता ने उन्हें आज देश का सबसे चर्चित व्यक्तित्व बना दिया है।