सादे कपड़ों में मंत्री जी को दरोगा ने सड़क पर पीटा, फिर जो हुआ उसने सबको चौंका दिया!
बिना सिक्योरिटी, बाइक पर मंत्री जी—फिर दरोगा ने किया ऐसा सलूक
शहर के बाजार में एक साधारण बाइक सवार व्यक्ति जा रहा था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह वही मंत्री जी हैं, जिनके आगे बड़े-बड़े अफसर सिर झुकाते हैं। मंत्री जी अपने चाचा की शादी में जा रहे थे, न कोई सिक्योरिटी, न कोई रुतबा—बस सादे कपड़ों में आम आदमी की तरह। लेकिन बाजार में पहुंचते ही दरोगा विक्रम सिंह ने उन्हें रोक लिया। “हेलमेट कहां है? कागज दिखा!” दरोगा ने गुस्से में बाइक की चाबी निकाल ली और मंत्री जी को सरेआम डांटना शुरू कर दिया।
मंत्री जी को सरेआम थप्पड़, भीड़ में अपमान
मंत्री जी ने शांति से कागज दिखाए, गलती मानी, लेकिन दरोगा का गुस्सा कम नहीं हुआ। उसने मंत्री जी की बाह पकड़कर किनारे कर दिया, फिर सबके सामने एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। “बहुत होशियार बनता है? अभी अंदर कर दूंगा!” मंत्री जी ने अपनी पहचान बताने की कोशिश की, लेकिन दरोगा ने चालान काट दिया और बाइक थाने में जमा करने का आदेश दे दिया।
.
.
.
मंत्री जी ने किया फोन, दरोगा का चेहरा पीला पड़ गया
गुस्से में मंत्री जी ने जेब से मोबाइल निकाला और सीधे एएसपी अरविंद को फोन किया—“अभी तुम्हारा दरोगा मुझे गालियां दे रहा है, धमका रहा है।” एएसपी मौके पर पहुंचे, भीड़ में हलचल मच गई। लोगों को पता चला कि ये मंत्री जी हैं! दरोगा विक्रम हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा, लेकिन मंत्री जी ने चेतावनी दी—“अगली बार ऐसा हुआ तो सीधे अंदर कर देंगे।”

दरोगा की साजिश, मंत्री जी पर हमला
मंत्री जी शादी में निकल गए, लेकिन दरोगा विक्रम ने अपनी खुन्नस निकालने की ठान ली। उसने अपने पुराने साथियों को बुलाया। सुनसान गली में मंत्री जी पर पुलिसवालों और गुंडों ने हमला कर दिया। मंत्री जी को जमीन पर गिरा दिया गया, बाइक तोड़ दी गई, बुरी तरह पीटा गया। मंत्री जी ने फिर से एसपी को फोन किया—“दरोगा विक्रम और उसके आदमी मुझ पर हमला कर रहे हैं!”
फोर्स पहुंची, दरोगा की वर्दी उतरी, कानून का करारा तमाचा
कुछ ही देर में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। दरोगा विक्रम और उसके साथी गिरफ्तार हो गए। मंत्री जी ने सख्ती से कहा—“अभी की अभी निलंबित करो, जेल में डालो। अगर एक मंत्री के साथ ऐसा हो सकता है तो आम जनता के साथ क्या होता होगा?” दरोगा की वर्दी उतारी गई, हथकड़ी डाली गई। अगले दिन कोर्ट में सुनवाई हुई और दरोगा को तीन साल की सजा सुनाई गई।

यह कहानी बताती है कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह मंत्री हो या आम आदमी। सत्ता और वर्दी का घमंड ज्यादा दिन नहीं टिकता।
अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो तो लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करना न भूलें! ऐसी ही और सच्ची कहानियों के लिए हमारे चैनल से जुड़े रहें।
News
“7 साल बाद तलाकशुदा आर्मी मेजर पत्नी पहुँची पति की झोपड़ी… सच जानकर पूरा गांव सन्न रह गया!”
पद, प्रतिष्ठा और आत्मसम्मान की जंग: जब आर्मी मेजर रिया सिंह 7 साल बाद पहुंची अजय की चौखट पर प्रस्तावना:…
घायल तलाकशुदा इंस्पेक्टर पत्नी को बचाने के लिए इंटरव्यू छोड़ा, पति ने सोचा भी नहीं था, आगे जो हुआ…
त्याग, प्रेम और पुनर्जन्म: जब अभय ने अपने सपनों के ‘इंटरव्यू’ से बढ़कर अपनी ‘पूर्व पत्नी’ की जान को चुना…
तलाक देकर चली गई थी… हादसे में पति को जान बचाते देखा तो IPS पत्नी रो पड़ी..आगे जो हुआ सब दंग रह गए ।
अहंकार का पतन और संस्कारों की विजय: जब एक आईपीएस अफसर को अपने ‘गरीब’ पति के सामने झुकना पड़ा प्रस्तावना:…
बेसहारा लड़के से चाय बेचने वाली ने कहा- मेरे साथ रहो, फिर जो हुआ… इंसानियत हिल गई।
देवघर की भीगी रात और इंसानियत का उजाला: अमित और मनीषा के रूहानी सफर की पूरी दास्तान प्रस्तावना: बारिश, बेबसी…
ये इंस्पेक्टर नेडीएम राधिका सिंह के साथ क्या कर दिया
सत्ता का अहंकार और एक बेटी का न्याय: जब डीएम पूजा सिंह ने वर्दी के पीछे छिपे ‘गुंडों’ को सिखाया…
क्या एक पुलिस वाली किसी मुजरिम की मसीहा बन सकती है? देखिए यह दिल छू लेने वाली कहानी।
सलाखों के पीछे की मसीहा: एक महिला पुलिस अफसर और मौत की सजा पाए कैदी की रूहानी दास्तान प्रस्तावना: कानून…
End of content
No more pages to load






