श्रीदेवी की मौत: एक हादसा या 240 करोड़ के लिए सोची-समझी हत्या? वो सच जो दुबई के होटल में दफन हो गया

विशेष खोजी रिपोर्ट

बॉलीवुड की ‘चांदनी’, पहली महिला सुपरस्टार श्रीदेवी की मौत ने 24 फरवरी 2018 को पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। दुबई के एक आलीशान होटल के ‘बाथटब’ में डूबने से हुई उनकी मौत आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे बड़ा रहस्य बनी हुई है। क्या एक स्वस्थ महिला महज कुछ इंच गहरे बाथटब में डूब सकती है? क्या 240 करोड़ रुपये का बीमा इस मौत की असली वजह था? और सबसे बड़ा सवाल—सीसीटीवी फुटेज आखिर गायब क्यों हुए?

आज के इस लेख में हम उन परतों को खोलेंगे जिन्हें समय की धूल ने ढक दिया है।

दुबई की वो रहस्यमयी रात: क्या हुआ था जुमेराह एमिरेट्स टावर्स में?

श्रीदेवी अपने पति बोनी कपूर और छोटी बेटी खुशी के साथ अपने भांजे मोहित मारवा की शादी में शामिल होने दुबई गई थीं। 21 फरवरी को शादी संपन्न हुई। 22 फरवरी की सुबह बोनी कपूर और खुशी वापस भारत लौट आए, लेकिन श्रीदेवी वहीं रुक गईं।

पहला सवाल: जो श्रीदेवी कभी अकेले रहना पसंद नहीं करती थीं, उन्हें दुबई में अकेला क्यों छोड़ा गया? बोनी कपूर के पास ऐसा कौन सा जरूरी काम था कि वे अपनी पत्नी को छोड़कर वापस आ गए, और फिर दो दिन बाद अचानक ‘सरप्राइज’ देने वापस दुबई पहुंच गए?

खबरों के मुताबिक, 23 और 24 फरवरी को श्रीदेवी अपने होटल के कमरे (नंबर 2201) से एक बार भी बाहर नहीं निकलीं। 24 फरवरी की शाम बोनी कपूर दुबई पहुंचते हैं, उनसे बात करते हैं और फिर डिनर पर जाने की तैयारी होती है। श्रीदेवी नहाने जाती हैं, और उसके बाद वह कभी जिंदा बाहर नहीं आतीं।

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बोनी कपूर की थ्योरी और संदिग्ध व्यवहार

बोनी कपूर के अनुसार, जब 15 मिनट तक श्रीदेवी बाहर नहीं आईं, तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया। दरवाजा अंदर से बंद नहीं था। उन्होंने अंदर जाकर देखा कि श्रीदेवी बाथटब में पूरी तरह डूबी हुई थीं।

हैरानी की बात: इस स्थिति को देखने के बाद किसी भी सामान्य व्यक्ति की पहली प्रतिक्रिया पुलिस या होटल स्टाफ को बुलाने की होती है। लेकिन बोनी कपूर ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने सबसे पहले अपने एक दोस्त को फोन किया। होटल स्टाफ को आधे घंटे बाद सूचित किया गया। क्यों? उस आधे घंटे में कमरे के अंदर क्या हुआ?

बाथटब में डूबना: हकीकत या साजिश?

दुबई पुलिस की फॉरेंसिक रिपोर्ट में मौत का कारण ‘एक्सीडेंटल ड्राउनिंग’ (दुर्घटनाग्रस्त डूबना) बताया गया। लेकिन मेडिकल विशेषज्ञों और जांचकर्ताओं ने इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

    शारीरिक बनावट: श्रीदेवी एक फिट और जागरूक महिला थीं। बाथटब इतना बड़ा नहीं होता कि एक वयस्क व्यक्ति उसमें बिना छटपटाए डूब जाए। अगर इंसान नशे में भी हो, तो दम घुटने पर शरीर की स्वाभाविक प्रतिक्रिया उसे बचाने की कोशिश करती है। बाथटब से पानी बाहर गिरा था, लेकिन श्रीदेवी के शरीर पर संघर्ष का कोई निशान नहीं मिला।

    हार्ट अटैक का भ्रम: शुरुआत में खबर आई कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा। बाद में रिपोर्ट बदली गई और कहा गया कि मौत डूबने से हुई। यह विरोधाभास क्यों?

शराब और ड्रग्स: रिपोर्ट में उनके खून में शराब के अंश पाए गए। लेकिन क्या इतनी शराब किसी को इतना बेसुध कर सकती है कि वह पानी में डूब जाए और उसे पता भी न चले? कुछ दावों के अनुसार, उन्हें ड्रग्स का ओवरडोज दिया गया था, लेकिन आधिकारिक रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं था।

240 करोड़ का बीमा: सबसे बड़ा ‘मोटिव’?

श्रीदेवी की मौत से कुछ समय पहले दुबई में उनका एक भारी-भरकम बीमा (Insurance) कराया गया था। यह राशि मामूली नहीं थी—240 करोड़ रुपये। इस पॉलिसी की एक अजीब शर्त थी: यह पैसा केवल तभी मिलेगा जब श्रीदेवी की मौत दुबई की धरती पर हो।

चौंकाने वाला तथ्य: श्रीदेवी की मौत दुबई में ही हुई। क्या यह केवल एक इत्तेफाक था? 2017-18 के दौरान खबरें थीं कि बोनी कपूर भारी कर्ज में डूबे हुए हैं और उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। क्या 240 करोड़ की इस राशि के लिए पूरी साजिश रची गई? इस बीमा राशि का नॉमिनी कौन था, यह आज भी एक गुप्त राज है।

अंडरवर्ल्ड और ‘दोस्त’ का कनेक्शन

दुबई में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का प्रभाव किसी से छिपा नहीं है। बोनी कपूर के भाई अनिल कपूर के अंडरवर्ल्ड से पुराने संबंधों की चर्चा अक्सर होती रही है। जिस ‘दोस्त’ को बोनी ने सबसे पहले फोन किया था, वह कौन था? क्या वह अंडरवर्ल्ड का कोई मोहरा था जिसने सबूतों को मिटाने में मदद की?

दिल्ली पुलिस के पूर्व एसीपी वेदांत बिरथरे और केरल के डीजीपी ऋषराज सिंह ने खुलेआम कहा था कि यह एक ‘परफेक्ट मर्डर’ हो सकता है। डीजीपी के अनुसार, कोई भी इंसान तब तक बाथटब में नहीं डूब सकता जब तक उसे किसी ने दबाव देकर डुबोया न हो।

सीसीटीवी फुटेज और गायब सबूत

एक सात-सितारा होटल जहां हर गलियारे में कैमरे होते हैं, वहां 22 से 24 फरवरी के बीच के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए? श्रीदेवी से मिलने उन दो दिनों में कौन आया था? होटल के स्टाफ के बयान क्यों बदलवाए गए? दुबई पुलिस, जो अपने सख्त कानूनों के लिए जानी जाती है, उसने इतनी जल्दी बोनी कपूर को ‘क्लीन चिट’ देकर भारत वापस क्यों जाने दिया?

निष्कर्ष: क्या कभी मिलेगा इंसाफ?

सुशांत सिंह राजपूत की तरह ही श्रीदेवी का केस भी फाइलों में बंद हो चुका है। लेकिन जनता के मन में सवाल आज भी जिंदा हैं। क्या माया नगरी का ग्लैमर इतना डरावना है कि पैसे के लिए किसी की जान ली जा सकती है?

श्रीदेवी की मौत महज एक ‘बाथटब हादसा’ नहीं लगती, बल्कि यह सत्ता, पैसे और अंडरवर्ल्ड के गठजोड़ की एक गहरी कहानी जान पड़ती है। जब तक 240 करोड़ के बीमे और गायब सीसीटीवी फुटेज का सच सामने नहीं आता, तब तक ‘चांदनी’ की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।