अपने आख़िरी समय में Salim Khan ने अस्पताल में Sangeeta Bijlani को क्यों बुलाया? झुक गया Salman Khan का सिर।

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लीलावती अस्पताल में भावुक पल: सलीम खान ने संगीता बिजलानी को क्यों बुलाया?

मुंबई के लीलावती अस्पताल से आई एक खबर ने फिल्मी दुनिया और प्रशंसकों के बीच भावनाओं का सैलाब ला दिया। मशहूर पटकथा लेखक Salim Khan की तबीयत को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। इसी बीच यह चर्चा तेज हो गई कि उन्होंने अपने कठिन समय में खास तौर पर Sangeeta Bijlani को अस्पताल बुलाया। इस मुलाकात के दौरान अभिनेता Salman Khan भी मौजूद थे और बताया जाता है कि वह बेहद भावुक नजर आए।

खान परिवार और संगीता का पुराना रिश्ता

संगीता बिजलानी और खान परिवार का रिश्ता आज का नहीं है। 1980 और 90 के दशक में संगीता बिजलानी हिंदी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री रही हैं। एक समय ऐसा भी था जब उनकी और सलमान खान की शादी की खबरें सुर्खियों में थीं। कहा जाता है कि शादी के कार्ड तक छप चुके थे, लेकिन ऐन मौके पर रिश्ता टूट गया।

इसके बावजूद, वर्षों बाद भी संगीता और खान परिवार के बीच सम्मान और आत्मीयता का रिश्ता बना रहा। संगीता कई पारिवारिक कार्यक्रमों और पार्टियों में नजर आती रही हैं। सलमान और उनके परिवार के साथ उनकी दोस्ती ने हमेशा यह संकेत दिया कि पुराने मतभेदों के बावजूद रिश्तों में गर्मजोशी बरकरार है।

अस्पताल में मुलाकात का भावुक दृश्य

सूत्रों के अनुसार, जब सलीम खान की तबीयत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, तो परिवार के करीबी लोग उनसे मिलने पहुंचे। इन्हीं में संगीता बिजलानी भी शामिल थीं। बताया जाता है कि सलीम खान ने खास तौर पर उन्हें बुलाने की इच्छा जताई थी।

अस्पताल के कमरे में जब यह मुलाकात हुई तो माहौल भावुक हो गया। सलीम खान ने कथित रूप से संगीता से अपने बेटे सलमान के भविष्य और भावनात्मक संतुलन को लेकर बात की। वह जानते हैं कि सलमान भले ही सुपरस्टार हों, लेकिन निजी जीवन में संवेदनशील और भावुक इंसान हैं।

पिता की चिंता और बेटे की जिम्मेदारी

हर पिता की तरह सलीम खान को भी अपने बेटे की चिंता सता रही थी। सलमान खान ने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं—पेशेवर सफलताएं, विवाद, रिश्तों के टूटने की कहानियां। ऐसे में सलीम खान हमेशा उनके मार्गदर्शक और सहारा रहे हैं।

कहा जा रहा है कि सलीम खान ने संगीता से अनुरोध किया कि वह सलमान के जीवन में एक स्थिर और सकारात्मक उपस्थिति बनाए रखें। यह कोई औपचारिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक भावनात्मक निवेदन था—एक पिता की अपने बेटे के लिए चिंता।

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सलमान का झुका हुआ सिर

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सलमान खान चुपचाप अपने पिता की बातें सुनते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उनका सिर झुका हुआ था, मानो वह पिता के शब्दों का सम्मान कर रहे हों। यह दृश्य बताता है कि चाहे वह कितने भी बड़े सितारे क्यों न हों, पिता के सामने वह आज भी एक आज्ञाकारी बेटे ही हैं।

सलमान की छवि अक्सर एक मजबूत और निडर अभिनेता की रही है, लेकिन निजी क्षणों में वह भी भावनाओं से भरे इंसान हैं। अस्पताल का यह दृश्य उनके व्यक्तित्व का एक संवेदनशील पक्ष सामने लाता है।

संगीता का मौन वादा

संगीता बिजलानी ने इस मुलाकात के बारे में सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। लेकिन परिवार के करीबी सूत्रों का कहना है कि उन्होंने सलीम खान को आश्वस्त किया कि वह हमेशा परिवार के साथ खड़ी रहेंगी।

यह वादा किसी सामाजिक या वैवाहिक बंधन का संकेत नहीं, बल्कि दोस्ती और सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। फिल्मी दुनिया में जहां रिश्ते अक्सर अस्थायी माने जाते हैं, वहां यह संबंध परिपक्वता और समझदारी का उदाहरण बनकर उभरा है।

अतीत से वर्तमान तक का सफर

संगीता और सलमान का रिश्ता भले ही वैवाहिक बंधन तक न पहुंच पाया हो, लेकिन समय के साथ उसमें एक नई परिभाषा जुड़ गई। दोनों ने अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ने की कोशिश की। संगीता ने बाद में क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन से विवाह किया, हालांकि वह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं चला।

आज जब दोनों जीवन के एक परिपक्व पड़ाव पर हैं, तो उनके बीच की दोस्ती और पारिवारिक जुड़ाव अधिक सशक्त दिखाई देता है। यही कारण है कि सलीम खान ने अपने कठिन समय में संगीता को याद किया।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ लोगों ने इसे एक भावनात्मक और सम्मानजनक कदम बताया, तो कुछ ने इसे पुरानी यादों से जोड़कर देखा।

फैंस का मानना है कि यह घटना दर्शाती है कि रिश्ते केवल नाम और टैग से नहीं, बल्कि विश्वास और सम्मान से बनते हैं। एक पिता का अपनी बहू बनने वाली पूर्व प्रेमिका पर भरोसा करना इस बात का संकेत है कि रिश्तों में परिपक्वता कितनी अहम है।

क्या यह फैसला सही था?

इस पूरे घटनाक्रम पर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ का कहना है कि सलीम खान ने अपने बेटे के लिए जो सोचा, वह एक पिता का स्वाभाविक कर्तव्य है। वहीं कुछ लोग इसे निजी मामला मानते हुए कहते हैं कि परिवार के फैसलों पर बाहरी टिप्पणी उचित नहीं।

हालांकि एक बात स्पष्ट है—यह घटना भावनात्मक दृष्टि से बेहद गहरी है। एक पिता, जो जीवन के कठिन दौर से गुजर रहा है, अपने बेटे की भविष्य की चिंता में भी डूबा हुआ है। यह दृश्य किसी भी व्यक्ति को भावुक कर सकता है।

निष्कर्ष

लीलावती अस्पताल में हुई यह मुलाकात केवल एक पारिवारिक घटना नहीं, बल्कि रिश्तों की जटिलता और संवेदनशीलता का उदाहरण है। सलीम खान का संगीता बिजलानी को बुलाना इस बात का संकेत हो सकता है कि वह अपने बेटे के जीवन में स्थिरता और सहारा देखना चाहते हैं।

सलमान का झुका हुआ सिर यह दर्शाता है कि चाहे वह कितने भी बड़े स्टार क्यों न हों, पिता के सामने उनका स्थान एक बेटे का ही है।

फिलहाल, पूरा परिवार इस कठिन समय से गुजर रहा है और प्रशंसक उनके स्वास्थ्य और सुख-शांति की कामना कर रहे हैं। आने वाले समय में परिस्थितियां क्या मोड़ लेंगी, यह कहना मुश्किल है, लेकिन यह घटना निश्चित रूप से लंबे समय तक चर्चा में रहेगी।