एक महिला के साथ हुआ बड़ा धोखा | विधायक राहुल मामकूटाथिल मामले की पूरी कहानी

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एक महिला के साथ हुआ बड़ा धोखा: राहुल ममकूटथिल केस की पूरी कहानी

प्रस्तावना

रात के 12:45 बजे थे। केरल की सड़कों पर सन्नाटा था, लेकिन एक होटल के बाहर पुलिस की गाड़ियों की हलचल ने उस रात को इतिहास बना दिया। उस रात के बाद पूरे केरल की राजनीति में भूचाल आ गया। यह कहानी है एक महिला के साथ हुए बड़े धोखे की, सत्ता के नशे की, और एक ऐसे नेता की, जो कभी जनता की उम्मीद था, लेकिन आज जेल का कैदी नंबर बन चुका है।

भाग 1: नेता का रुतबा और अंधविश्वास

राहुल ममकूटथिल, यूथ कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष, पलक्कड़ सीट से विधायक। जब वह मंच पर खड़ा होता था, हजारों युवा उसे अपना आदर्श मानते थे। उसकी भाषण देने की कला, आक्रामक अंदाज और चमकदार पर्सनालिटी उसे एक सुपरस्टार बना देती थी। लोग उसमें बदलाव की उम्मीद देखते थे। वह महिलाओं की सुरक्षा की बात करता था, लोकतंत्र बचाने की कसम खाता था। लेकिन कहते हैं, हर चमकती चीज सोना नहीं होती।

राहुल की सार्वजनिक छवि एकदम साफ-सुथरी थी, लेकिन पर्दे के पीछे उसकी जिंदगी में कई राज छुपे थे। 2025 के मध्य तक सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट्स वायरल होने लगीं, स्क्रीनशॉट्स घूमने लगे, जो उसकी छवि पर दाग लगा रहे थे। अगस्त 2025 में उसने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया, लेकिन असली वजह थी पार्टी के पास आई महिलाओं की शिकायतें।

भाग 2: धोखे की शुरुआत

राहुल के खिलाफ दो केस पहले ही दर्ज थे—एक में गंभीर शारीरिक शोषण का आरोप, दूसरे में शादी का झूठा वादा करके धोखा देने का आरोप। हर बार महंगे वकीलों की फौज खड़ी कर वह बच निकलता था। हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर, सेशन कोर्ट से अग्रिम जमानत—राहुल को लगता था कि कानून उसकी जेब में है।

लेकिन तीसरा केस उसकी जिंदगी बदलने वाला था। यह केस जुड़ा था कनाडा में रहने वाली एक महिला से, जो मूलतः केरल के पथानामथिट्टा की थी। उसकी जिंदगी में परेशानी थी, पति से अनबन थी। ऐसे वक्त में सोशल मीडिया के जरिए वह राहुल के संपर्क में आई। राहुल ने अपनी बातों से महिला को फंसा लिया। चैट्स शुरू हुईं, दोस्ती गहरी हुई, और फिर रिश्ते में भावनात्मक गहराई आ गई।

भाग 3: शादी का झूठा वादा और दर्दनाक परिणाम

राहुल ने उस महिला को यकीन दिलाया कि वह उससे शादी करेगा, एक नई जिंदगी देगा। महिला ने अंधा भरोसा किया। वीडियो कॉल्स, मैसेज, डिजिटल रोमांस—रिश्ता सिर्फ बातों तक सीमित नहीं रहा। जब महिला भारत आई, दोनों की दूरियां मिट गईं, रिश्ता हद से आगे बढ़ गया।

लेकिन यहां सहमति का सवाल था। भारतीय कानून के मुताबिक शादी का झूठा वादा करके किसी से संबंध बनाना अपराध है। महिला गर्भवती हो गई। जब उसने राहुल को यह खबर दी, उसने शादी करने या जिम्मेदारी लेने के बजाय उस पर गर्भपात का दबाव बनाया। महिला टूट गई, लेकिन उसने हार नहीं मानी।

भाग 4: आर्थिक धोखा और पुलिस की तैयारी

पुलिस जांच में सामने आया कि राहुल ने महिला से मोटी रकम भी ऐंठी थी—कभी गरीबों के नाम पर डोनेशन, कभी अपने शौक पूरे करने के लिए। लग्जरी घड़ियां, महंगे जूते, सब महिला के पैसों से खरीदे गए। जब महिला को एहसास हुआ कि राहुल का शादी करने का कोई इरादा नहीं है, वह टूट गई, लेकिन चुप नहीं रही। उसने कनाडा से ही केरल पुलिस से संपर्क किया।

पुलिस को पता था कि सामान्य तरीके से एफआईआर करने पर राहुल फिर बच जाएगा। इसलिए जांच टॉप सीक्रेट रखी गई। महिला का बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से रिकॉर्ड किया गया, मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया गया। पुलिस ने कानूनी जानकारों से सलाह ली—क्या नए केस में गिरफ्तारी संभव है? जवाब मिला—हाँ।

भाग 5: ऑपरेशन मिडनाइट

11 जनवरी की रात, पुलिस की टीम होटल के बाहर पोजीशन ले चुकी थी। रात के 1 बजे का वक्त चुना गया ताकि कोई तमाशा न हो। जैसे ही दरवाजे पर दस्तक हुई, राहुल ने गुस्से में दरवाजा खोला। उसे लगा यह वही पुराना मामला है, लेकिन पुलिस ने नई एफआईआर की कॉपी दिखाई—कनाडा वाली महिला की शिकायत। राहुल के पैरों तले जमीन खिसक गई।

पुलिस ने उसे तैयार होने का वक्त दिया, और तुरंत हिरासत में ले लिया। होटल के पिछले दरवाजे से बिना शोर के राहुल को पुलिस वैन में बिठाया गया। उसके समर्थकों को पता भी नहीं चला। पुलिस काफिला पथानामथिट्टा के आर्म्ड रिजर्व कैंप पहुंचा, जहाँ असली पूछताछ शुरू हुई।

भाग 6: सबूत और न्यायिक कार्रवाई

पुलिस ने राहुल के सामने सारे सबूत रख दिए—WhatsApp चैट, बैंक ट्रांसफर, महिला का बयान। धारा 64 (दुष्कर्म) और बिना सहमति के गर्भ गिराने की धाराएँ इतनी संगीन थीं कि सीधे आजीवन कारावास हो सकता था। सुबह होते ही पूरे केरल में खबर फैल गई—राहुल गिरफ्तार।

टीवी चैनलों पर हंगामा मच गया। कांग्रेस ने कहा—हमने पहले ही पार्टी से निकाल दिया था, विपक्ष ने आरोप लगाया—यह राजनीतिक बदला है। सत्ताधारी पार्टी ने जश्न मनाया, बीजेपी ने प्रदर्शन किया। लेकिन इन सबके बीच सोचिए उस पीड़िता का, जो कनाडा में बैठी थी, अब उसे थोड़ी शांति मिली होगी।

भाग 7: अदालत और जेल

राहुल को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, कोर्ट ने सबूत देखे और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मावेलिकारा सब जेल में वह नेता अब कैदी नंबर बन चुका था। वही नेता जो सरकार गिराने की बातें करता था, अब जेल की जमीन पर सोने को मजबूर था।

भाग 8: सबक और संदेश

यह केस कई बड़े सबक देता है:

    डिजिटल फुटप्रिंट्स: आज सब कुछ रिकॉर्ड हो रहा है। आप चाहे कितनी भी चैट डिलीट करें, लेकिन सच मिटता नहीं।
    नए कानून का प्रभाव: शादी का झूठा वादा करके संबंध बनाना अपराध है। मर्जी अगर झूठ बोलकर ली गई है, तो वह अपराध है।
    सत्ता का घमंड: नेता सोचते हैं कि वे कानून से ऊपर हैं, लेकिन देर-सवेर कानून का हाथ उनकी गर्दन तक पहुंच ही जाता है।

उपसंहार

राहुल ममकूटथिल का करियर खत्म हो गया। उसकी पार्टी ने उसे छोड़ दिया, समर्थक भ्रमित हैं, और वह अब जेल में है। लेकिन सबसे बड़ी जीत उस महिला की है, जिसने हिम्मत दिखाई और न्याय की लड़ाई लड़ी।

दोस्तों, इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि सत्ता इंसान को भ्रष्ट कर सकती है, लेकिन सच और न्याय की जीत हमेशा होती है। किसी के चमकते चेहरे पर मत जाइए, असली चरित्र को पहचानिए। और सबसे बड़ी बात—गलत करने वालों को कानून सजा जरूर देता है।

जय हिंद।